योग क्या है?
योग शब्द संस्कृत की "युज्" धातु से बना है, जिसका अर्थ है जोड़ना। यह शरीर, साँस और मन को एक साथ लाने का अभ्यास है। आज ज़्यादातर लोग योग को आसनों से पहचानते हैं, पर योग दर्शन में आसन आठ अंगों में से सिर्फ़ एक है। बाकी अंग हैं यम, नियम, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि।
योग का इतिहास हज़ारों साल पुराना है। महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र में इसे व्यवस्थित रूप दिया, और भगवद्गीता कहती है "योगः कर्मसु कौशलम्", यानी काम में कुशलता ही योग है। हठ, अष्टांग और विन्यास जैसे कई योग के प्रकार हैं, और हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। विस्तार के लिए योग क्या है पर हमारा लेख (अंग्रेज़ी में) देखिए।
योग के फायदे
योग करने के फायदे धीरे-धीरे दिखते हैं। कुछ हफ़्तों के नियमित अभ्यास के बाद ज़्यादातर लोग ये बदलाव महसूस करते हैं:
- लचीलापन: जाँघों के पीछे, कूल्हों, कंधों और रीढ़ की जकड़न कम होती है।
- ताकत: खड़े होकर किए जाने वाले आसन और प्लैंक पैरों, पेट और पीठ को मज़बूत बनाते हैं।
- संतुलन और मुद्रा: ताड़ासन और वृक्षासन जैसे आसन सीधा खड़ा होना और स्थिर रहना सिखाते हैं।
- तनाव और नींद: धीमी साँस और शवासन शरीर को आराम की अवस्था में लाते हैं, जिससे कई लोगों को नींद अच्छी आती है।
- मन की शांति: प्राणायाम और ध्यान योग के फायदे मन पर दिखते हैं: एकाग्रता बढ़ती है और छोटी बातों पर घबराहट कम होती है।
योग का महत्व इसी में है कि यह बिना जिम या सामान के रोज़ की छोटी आदत बन सकता है। योग का जीवन में महत्व समझने के लिए दस-पंद्रह मिनट रोज़ काफ़ी हैं। पर योग दवा नहीं है और किसी बीमारी को ठीक करने का वादा नहीं करता। हर फायदे के पीछे का शोध योग के फायदे पर हमारे अंग्रेज़ी लेख में है।
घर पर योग कैसे करें
योग कैसे करते हैं, यह सीखने के लिए बड़े इंतज़ाम की ज़रूरत नहीं। एक मैट या दरी, ढीले कपड़े और थोड़ी खाली जगह काफ़ी है।
- समय चुनिए: सुबह खाली पेट सबसे अच्छा है। शाम को करें, तो भोजन के दो-तीन घंटे बाद कीजिए।
- छोटे से शुरू कीजिए: पहले हफ़्ते रोज़ दस से पंद्रह मिनट काफ़ी हैं।
- साँस पर ध्यान रखिए: नाक से धीमी साँस लीजिए। साँस फूलने लगे, तो रुककर बालासन में आराम कीजिए।
- दर्द में ज़ोर न लगाइए: खिंचाव ठीक है, तेज़ दर्द नहीं। घुटने मोड़ना या आसन को छोटा करना बिल्कुल सही है।
- अंत में शवासन: हर अभ्यास के बाद कुछ मिनट पीठ के बल लेटकर आराम कीजिए।
बिल्कुल नए हैं, तो शुरुआती लोगों के लिए योग गाइड भी काम आएगी।
3D गाइड और हिंदी आवाज़ कैसे काम करती है
यहाँ एक 3D आकृति मैट पर हर आसन करके दिखाती है। आप उसे उँगली या माउस से घुमाकर आगे, पीछे और बगल से देख सकते हैं, और दो बार टैप करके वापस सामने ला सकते हैं। एक आसन से दूसरे में जाते समय आकृति धीरे-धीरे बदलती है, ताकि क्रम समझना आसान रहे।
साथ में एक शांत आवाज़ हिंदी में हर कदम बताती है: पैर कहाँ रखने हैं, कब साँस लेनी है और कब छोड़नी है। वही बातें स्क्रीन पर कैप्शन में भी लिखी आती हैं। मैट पर एक केसरिया घेरा साँस लेते समय बड़ा और छोड़ते समय छोटा होता है। सब कुछ फ़ोन, टैबलेट या कंप्यूटर के ब्राउज़र में चलता है; न ऐप, न खाता, न शुल्क।
ध्यान रहे, यह लाइव योगा क्लास नहीं है और कोई शिक्षक आपको नहीं देखता, इसलिए अपने शरीर की सुनिए।
किस योग सत्र से शुरुआत करें
अभ्यास पेज पर सोलह निर्देशित सत्र हैं। शुरुआत के लिए ये सबसे आसान हैं:
- आपका पहला योग सत्र, बारह मिनट: सुखासन, मार्जरी आसन, बालासन, ताड़ासन, वृक्षासन और शवासन जैसे आसान आसनों से परिचय।
- सुबह का योग, दस मिनट: हल्का खिंचाव और दो राउंड सूर्य नमस्कार, दिन की ताज़ा शुरुआत के लिए।
- कमर दर्द में राहत, बारह मिनट: लेटकर और घुटनों के बल किए जाने वाले हल्के आसन।
- अच्छी नींद के लिए सोने से पहले योग: धीमे, सहारे वाले आसन और लंबी साँस।
- भोजन के बाद पाचन, सात मिनट: वज्रासन, जो खाने के बाद भी किया जा सकता है।
कुछ हफ़्तों बाद वज़न घटाने के लिए योग फ़्लो या कोर की मज़बूती वाला सत्र आज़माइए। गहरे आराम के लिए योग निद्रा, साँस के लिए प्राणायाम और हाथों की योग मुद्रा भी देखिए। अलग-अलग आसन देखने के लिए योगासनों के नाम और फायदे वाली सूची खोलिए।
सूर्य नमस्कार के 12 आसन
यह बारह आसनों का एक क्रम है, जिसमें हर हरकत एक साँस से जुड़ी होती है। एक राउंड में पूरा शरीर खिंचता और गर्म होता है, इसलिए बहुत से लोग रोज़ का अभ्यास इसी से शुरू करते हैं। सूर्य नमस्कार के 12 चरण इस क्रम में होते हैं:
- प्रणामासन
- हस्त उत्तानासन
- पादहस्तासन
- अश्व संचालनासन
- दंडासन, यानी प्लैंक
- अष्टांग नमस्कार
- भुजंगासन
- पर्वतासन
- अश्व संचालनासन
- पादहस्तासन
- हस्त उत्तानासन
- ताड़ासन
यह आधा राउंड है; दूसरे पैर से दोहराने पर पूरा राउंड बनता है, और परंपराओं में छोटे अंतर मिलते हैं। सूर्य नमस्कार का महत्व इसकी सादगी में है: बस मैट और साँस। परंपरा में हर चरण के साथ सूर्य का एक नाम जपा जाता है, जैसे "ॐ मित्राय नमः"; ये 12 मंत्र वैकल्पिक हैं। सभी मंत्र और सूर्य नमस्कार के फायदे इस विस्तृत गाइड में हैं, और 3D गाइड के साथ करने के लिए अभ्यास पेज पर इसका सत्र चलाइए।
सावधानियाँ: योग के फायदे और नुकसान
सही तरीके से किया जाए, तो योग सुरक्षित है। नुकसान अक्सर जल्दबाज़ी, दूसरों से तुलना या दर्द के बावजूद ज़ोर लगाने से होता है।
- गर्भावस्था, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या हाल की सर्जरी हो, तो शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछिए।
- हाई ब्लड प्रेशर में सिर नीचे वाले आसन और साँस रोकने वाले अभ्यास टालिए।
- कमर, गर्दन या घुटने में चोट हो, तो उस हिस्से पर ज़ोर डालने वाले आसन छोड़ दीजिए।
- चक्कर, सीने में दर्द या तेज़ दर्द हो, तो तुरंत रुक जाइए।
यह साइट डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेती। ज़्यादा जानकारी के लिए चिकित्सा अस्वीकरण पढ़िए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
योग करने के क्या फायदे हैं?
नियमित योग से शरीर लचीला और मज़बूत होता है, संतुलन और बैठने-खड़े होने का ढंग सुधरता है, और धीमी साँस से तनाव कम होता है। कई लोगों को नींद भी बेहतर आती है। ये फायदे कुछ हफ़्तों के नियमित अभ्यास से दिखने लगते हैं।
शुरुआत में योग कैसे करते हैं?
रोज़ दस से पंद्रह मिनट से शुरू कीजिए, खाली पेट और मैट पर। आसान आसन चुनिए, जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, मार्जरी आसन और बालासन, और अंत में शवासन कीजिए। यहाँ का पहला योग सत्र यही क्रम हिंदी आवाज़ के साथ कराता है।
सूर्य नमस्कार कैसे करें?
सूर्य नमस्कार के 12 आसन एक क्रम में किए जाते हैं: प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, पादहस्तासन, अश्व संचालनासन, दंडासन, अष्टांग नमस्कार, भुजंगासन, पर्वतासन, और फिर उल्टे क्रम में वापस। ऊपर उठते समय साँस लीजिए, झुकते समय छोड़िए। शुरुआत में दो से चार राउंड धीरे-धीरे कीजिए।
सूर्य नमस्कार के क्रम में 5वाँ आसन कौन सा है?
ज़्यादातर क्रमों में पाँचवाँ आसन दंडासन है, जिसे प्लैंक भी कहते हैं। इसमें शरीर सिर से एड़ी तक एक सीधी रेखा में रहता है। कुछ परंपराओं में पाँचवें चरण पर पर्वतासन किया जाता है।
सूर्य नमस्कार का 7वाँ मंत्र कौन सा है?
सातवाँ मंत्र है "ॐ हिरण्यगर्भाय नमः", यानी सुनहरे मूल स्रोत को नमस्कार। परंपरा में यह सातवें चरण, भुजंगासन, के साथ बोला जाता है। मंत्र जपना वैकल्पिक है; आसन इनके बिना भी वैसे ही किए जा सकते हैं।
योग के फायदे और नुकसान क्या हैं?
फायदे हैं लचीलापन, ताकत, संतुलन और शांत मन। नुकसान तब होता है जब आसन में ज़बरदस्ती की जाए या चोट और बीमारी को नज़रअंदाज़ किया जाए। गर्भावस्था, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या हाल की सर्जरी में पहले डॉक्टर से पूछिए।
योग दिवस कब मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत के लिए यहाँ का सूर्य नमस्कार सत्र या पहला योग सत्र अच्छा विकल्प है, जिसे आप घर पर हिंदी आवाज़ के साथ कर सकते हैं।



























