इनसे बचें
- तेज़ साँस वाले अभ्यास (कपालभाति, भस्त्रिका), अगर इनसे आपको चक्कर या घबराहट हो।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एंग्ज़ायटी के लिए योग अच्छा है?
हाँ, ज़्यादातर लोगों के लिए। रैंडमाइज़्ड ट्रायल दिखाते हैं कि योग एंग्ज़ायटी के लक्षण कम कर सकता है, खासकर जब कई हफ़्तों तक नियमित किया जाए। प्रमाणों की गुणवत्ता अभी सीमित है, इसलिए योग को थेरेपी या दवा के साथ करें, उनकी जगह नहीं।
एंग्ज़ायटी के लिए कौन सा योग अच्छा है?
कोमल, धीमी शैलियाँ सबसे अच्छी रहती हैं: रेस्टोरेटिव योग, हठ योग, यिन योग और योग निद्रा। एंग्ज़ायटी के लिए सबसे अच्छे आसन सहारे वाले हैं, जैसे बालासन, सुप्त बद्ध कोणासन, विपरीत करणी और शवासन, लंबी और धीमी साँस छोड़ने के साथ।
क्या योग से एंग्ज़ायटी ठीक हो सकती है?
नहीं। योग लक्षण कम कर सकता है और शरीर को शांत करने के तरीके दे सकता है, लेकिन यह एंग्ज़ायटी डिसऑर्डर को ठीक नहीं करता। CBT जैसी टॉकिंग थेरेपी पहली पंक्ति का इलाज है, और योग उनके साथ अच्छा काम करता है।
एंग्ज़ायटी अटैक में सबसे अच्छा साँस का अभ्यास कौन सा है?
पैर ज़मीन पर रखकर, कुछ मिनट तक नाक से लगभग 4 गिनती तक धीरे साँस लें और सिकोड़े हुए होंठों से 6–8 गिनती तक साँस छोड़ें। घबराहट के दौरान साँस रोकने और तेज़ साँस लेने से बचें।
एंग्ज़ायटी के लिए योग कितनी बार करना चाहिए?
ज़्यादातर दिनों में 10–20 मिनट का लक्ष्य रखें, या हफ़्ते में कम से कम दो से तीन सेशन। ज़्यादातर अध्ययन आठ हफ़्ते या उससे ज़्यादा चले, इसलिए नतीजे आँकने से पहले समय दें।
क्या योग से एंग्ज़ायटी बढ़ सकती है?
कभी-कभी। तेज़ साँस, देर तक साँस रोकना, गर्म कमरे या आँखें बंद करके स्थिर लेटना कुछ लोगों को और बेचैन कर सकता है। चाहें तो आँखें खुली रखें, जो ठीक न लगे उसे छोड़ दें और लंबी साँस छोड़ने वाली धीमी साँस चुनें।
क्या एंग्ज़ायटी के लिए योग बच्चों के लिए सुरक्षित है?
हाँ, जब यह खेल-खेल में और छोटा हो। भ्रामरी (भौंरे की तरह गुनगुनाती साँस), गुब्बारे वाली साँस और कुछ आसान आसन बच्चों के लिए ठीक हैं। छोटे बच्चों से साँस न रुकवाएँ, और अगर बच्चे की चिंता पढ़ाई या नींद पर असर डाल रही है तो डॉक्टर से बात करें।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
