कैसे करें, चरण-दर-चरण
- कुर्सी या आसन पर सीधे बैठें और हाथ जाँघों पर रखें, हथेलियाँ ऊपर।
- हर हाथ में अँगूठा हथेली में मोड़ें और उसका सिरा अनामिका की जड़ पर रखें।
- तर्जनी, मध्यमा, अनामिका और छोटी उँगली को अँगूठे के ऊपर बंद करके ढीली मुट्ठी बनाएँ।
- नाक से धीरे-धीरे साँस लें, एक पल रुकें, फिर धीरे से साँस छोड़ें और पेट को हल्के से अंदर जाने दें।
- सात धीमी साँसें दोहराएँ, फिर हाथ खोलें, उँगलियाँ फैलाएँ और कुछ साँसों तक आराम करें।
- चाहें तो यह चक्र दोहराएँ, कुल मिलाकर 5 मिनट तक।
लाभ
- परंपरा में उदासी, चिंता और भारीपन या अटकेपन की भावना के लिए
- परंपरा में सर्दियों के अँधेरे दिनों में फीके मन को उठाने के लिए
- परंपरा में चिंताजनक विचारों पर "मुट्ठी बंद" करके उन्हें साँस छोड़ते समय जाने देने के लिए
- परंपरा में कामों के बीच एक छोटे विराम के रूप में, क्योंकि इसमें कुछ ही मिनट लगते हैं
- एक निजी अभ्यास जिसे आप मेज़ पर, बस में या बिस्तर पर कर सकते हैं
सावधानियाँ
- त्से मुद्रा डिप्रेशन या चिंता का इलाज नहीं है। अगर उदासी दो हफ़्ते से ज़्यादा रहे, या खुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ, तो तुरंत डॉक्टर या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
- साँस लेने के बाद का ठहराव छोटा और सहज रखें। गर्भावस्था, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग में साँस रोकना छोड़ दें।
- उँगलियाँ या अँगूठे अकड़े या दर्द वाले हों तो मुट्ठी ढीली रखें।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
त्से मुद्रा क्या है?
त्से मुद्रा एक ताओ हस्त मुद्रा है: अँगूठे का सिरा अनामिका की जड़ पर रहता है और बाकी उँगलियाँ उसके ऊपर बंद होती हैं। इसे सात धीमी साँसों के साथ किया जाता है।
त्से मुद्रा के क्या लाभ हैं?
परंपरा में इसका उपयोग उदासी, चिंता और भारीपन के लिए होता है, खासकर सर्दियों में। इस पर कोई क्लिनिकल अध्ययन नहीं है; इसका शांत करने वाला असर मुख्यतः धीमी साँस से आता है।
त्से मुद्रा कितनी देर करनी चाहिए?
सात धीमी साँसें लें, खुले हाथों से आराम करें, और चाहें तो दोहराएँ। दिन में पाँच मिनट तक काफ़ी है।
क्या त्से मुद्रा डिप्रेशन में मदद कर सकती है?
यह आपको एक शांत पल दे सकती है, पर यह इलाज नहीं है। डिप्रेशन को सही देखभाल चाहिए। डॉक्टर से बात करें और डॉक्टर की दी दवा लेते रहें।
त्से नाम कहाँ से आया है?
यह नाम ताओ परंपरा से जुड़ी मुद्रा पुस्तकों से आया है, और हिन्दी में इसे त्से मुद्रा लिखा जाता है। इस पेज पर इसकी विधि और पारंपरिक लाभ सरल हिन्दी में दिए गए हैं।
त्से मुद्रा योग का हिस्सा है या ताओ धर्म का?
आधुनिक मुद्रा पुस्तकों में इसे ताओ मुद्रा बताया गया है और अब यह कई योग कक्षाओं में सिखाई जाती है। इसका सटीक ऐतिहासिक स्रोत ठीक से दर्ज नहीं है।
मुद्राएँ एकाग्रता और विश्राम की एक पारंपरिक साधना हैं। विशेष स्वास्थ्य प्रभावों पर शोध सीमित है; इन्हें चिकित्सा देखभाल के साथ अपनाएँ, उसकी जगह नहीं।