इनसे बचें
- पैर की उँगलियों को ज़ोर से आगे तानना, जिससे ऐंठन शुरू हो सकती है। एक पिंडली सूजी, लाल या दर्द भरी हो, कमज़ोरी हो, या ऐंठन ज़्यादातर रातों में नींद तोड़ती हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या योग मांसपेशियों की ऐंठन कम कर सकता है?
शायद। 55 से ज़्यादा उम्र के वयस्कों पर एक ट्रायल में पाया गया कि रोज़ रात पिंडली और हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच से रात की ऐंठन कम बार और कम तेज़ हुई, जबकि दूसरे ट्रायल में कोई स्पष्ट लाभ नहीं मिला। स्ट्रेचिंग सुरक्षित और मुफ़्त है, इसे चार से छह हफ़्ते आज़माएँ।
पिंडली की ऐंठन को सबसे जल्दी कैसे रोकें?
पैर सीधा करें और पैर की उँगलियों को पिंडली की ओर खींचें, या खड़े होकर एड़ी को ज़मीन पर दबाएँ। फिर पिंडली की अच्छी तरह मालिश करें। ऐंठन शुरू होते समय उँगलियों को आगे न तानें।
पैरों की ऐंठन के लिए सबसे अच्छे योगासन कौन-से हैं?
पट्टे के साथ सुप्त पादांगुष्ठासन, अधोमुख श्वानासन या दीवार पर पिंडली स्ट्रेच, पंजे ऊपर मोड़कर दंडासन, अंजनेयासन (लो लंज) और सहारे के साथ मालासन।
रात की ऐंठन के लिए स्ट्रेच कब करने चाहिए?
हर रात, सोने से ठीक पहले। जिस ट्रायल में ऐंठन कम पाई गई, उसमें यही समय अपनाया गया था। हर स्ट्रेच को लगभग 30 सेकंड तक रोकें।
योग के दौरान पैर के तलवे में ऐंठन क्यों होती है?
आमतौर पर घुटनों के बल या पेट के बल वाले आसनों में उँगलियों को ज़ोर से तानने, ठंडे पैरों या पर्याप्त पानी न पीने से। उँगलियों को ढीला रखें, टखनों के नीचे मुड़ा तौलिया रखें, और ऐंठन शुरू हो तो आसन से निकलकर पंजे को ऊपर मोड़ें।
क्या गर्भावस्था में पैरों की ऐंठन के लिए योग सुरक्षित है?
पिंडली के हल्के स्ट्रेच, टखनों को घुमाना और टहलना आमतौर पर सुरक्षित हैं। पहले अपनी डॉक्टर या दाई से पूछें, और गर्भावस्था के बाद के महीनों में देर तक पीठ के बल सीधे लेटने से बचें।
क्या मैग्नीशियम से पैरों की ऐंठन रुकती है?
ज़्यादातर बुज़ुर्गों में शायद नहीं; एक कोक्रेन समीक्षा में इससे कोई खास लाभ मिलने की संभावना कम पाई गई। गर्भावस्था में नतीजे मिले-जुले हैं। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से पूछें।
पैरों की ऐंठन कब गंभीर होती है?
पिंडली सूजी, लाल या गर्म हो, ऐंठन के साथ कमज़ोरी या सुन्नपन हो, ऐंठन ज़्यादातर रातों में नींद तोड़ती हो, या कोई नई दवा शुरू करने के बाद ऐंठन शुरू हुई हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
