इनसे बचें
- दर्द रहते हुए हाथों पर शरीर का भार डालना (प्लैंक, अधोमुख श्वानासन)। कंधे के दर्द के साथ सीने में दर्द, साँस फूलना हो या गिरने के बाद दर्द हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कंधे के दर्द में योग फ़ायदेमंद है?
जकड़न, तनाव या टेंडन में जलन से होने वाले ज़्यादातर आम कंधे के दर्द में हल्का योग जोड़ को चलायमान रखकर और गर्दन व ऊपरी पीठ को ढीला करके मदद कर सकता है। दर्द रहते हाथों पर भार न डालें, और दो हफ़्ते में सुधार न हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
कंधे के दर्द के लिए सबसे अच्छे योगासन कौन-से हैं?
हल्के विकल्पों में ऊर्ध्व हस्तासन, मार्जरी-बितिलासन, गरुड़ासन की भुजाएँ, पट्टे के साथ गोमुखासन की भुजाएँ, उत्तान शिशोसन और सालंब भुजंगासन (स्फ़िंक्स) शामिल हैं। वही चुनें जिनमें हल्का खिंचाव लगे, चुभन नहीं।
क्या योग रोटेटर कफ़ की चोट में मदद कर सकता है?
गति की सीमा बढ़ाने वाला हल्का योग रोटेटर कफ़ के दर्द में मदद कर सकता है, और आमतौर पर हल्की मज़बूती बाद में जोड़ी जाती है। किसी भी चोट की जाँच करवाएँ, खासकर गिरने के बाद, और टेंडन फटने या सर्जरी के बाद अपने फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की योजना का पालन करें।
योग के बाद कंधे में दर्द क्यों होता है?
आम कारण हैं हाथों पर बहुत ज़्यादा भार, अधोमुख श्वानासन या प्लैंक में कंधों का नीचे धँस जाना, और ज़बरदस्ती बाइंड करना। इन गतियों से आराम लें, हल्के स्ट्रेच पर लौटें और धीरे-धीरे ताकत बढ़ाएँ।
कंधों को सही तरीके से कैसे स्ट्रेच करें?
पहले छोटे-छोटे गोले बनाकर वार्म-अप करें, हर स्ट्रेच में धीरे जाएँ, हल्के खिंचाव पर रुकें, 5 से 10 साँस लें और धीरे बाहर आएँ। हाथ को कभी झटका न दें या ज़बरदस्ती न खींचें।
क्या डेस्क पर काम से हुए गर्दन और कंधे के दर्द में योग फ़ायदेमंद है?
हाँ। गरुड़ासन की भुजाएँ, ठुड्डी अंदर खींचना, मार्जरी-बितिलासन और बीच-बीच में उठकर सीधे खड़े होना कई लोगों की मदद करता है। नेक एंड शोल्डर रिलीज़ सत्र इसी के लिए बनाया गया है।
कंधे का दर्द कब गंभीर होता है?
कंधे के दर्द के साथ सीने में दर्द या साँस फूलना, गिरने या चोट के बाद दर्द, कंधे का आकार बिगड़ना, सुन्नपन, या बुखार के साथ गर्म और सूजा हुआ जोड़ हो तो तुरंत मदद लें।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
