इनसे बचें
- सभी उल्टे और सिर नीचे वाले आसन — शीर्षासन, सर्वांगासन, हलासन, अधोमुख श्वानासन, उत्तानासन, विपरीत करणी, बालासन — क्योंकि ये आँख का दबाव बढ़ाते हैं (अध्ययनों में शीर्षासन ने इसे लगभग दोगुना कर दिया)। कपालभाति, भस्त्रिका, साँस रोकना और ज़ोर लगाना भी छोड़ें। आँख की बूँदें जारी रखें; योग उनकी जगह नहीं लेता।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ग्लूकोमा के मरीज़ों के लिए योग अच्छा है?
सीधे बैठकर या खड़े होकर किया गया कोमल योग और धीमी साँस आमतौर पर सुरक्षित हैं और तनाव में मदद कर सकते हैं। सिर नीचे वाले आसन, ज़ोरदार प्राणायाम और साँस रोकना सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि ये आँख का दबाव बढ़ाते हैं।
ग्लूकोमा में किन योगासनों से बचना चाहिए?
शीर्षासन, सर्वांगासन, हलासन, अधोमुख श्वानासन, उत्तानासन, विपरीत करणी और देर तक बालासन। कपालभाति, भस्त्रिका और साँस रोकना भी छोड़ें।
क्या योग से आँख का दबाव कम हो सकता है?
एक परीक्षण में पाया गया कि ओपन-एंगल ग्लूकोमा वाले लोगों में सामान्य इलाज के साथ तीन हफ़्ते रोज़ ध्यान करने से आँख का दबाव घटा। योग दबाव को इतना कम नहीं कर सकता कि बूँदों की जगह ले सके।
डॉक्टर ग्लूकोमा का इलाज कैसे करते हैं?
आँख का दबाव घटाने वाली बूँदों, लेज़र इलाज, या आँख से तरल निकलने में मदद करने वाली सर्जरी से। लक्ष्य है ऑप्टिक नर्व को बचाना और जितनी नज़र है उसे बनाए रखना।
क्या योग करने पर आँख की बूँदें बंद कर सकते हैं?
नहीं। बूँदें ठीक वैसे ही डालते रहें जैसे बताया गया है। ग्लूकोमा से हुआ नुकसान स्थायी होता है, और इसे धीमा करने का प्रमाण सिर्फ़ इलाज से आँख का दबाव घटाने का है।
काला मोतिया और सफ़ेद मोतिया में क्या अंतर है?
काला मोतिया ग्लूकोमा है, जिसमें आँख का दबाव ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुँचाता है। सफ़ेद मोतिया कैटरैक्ट (मोतियाबिंद) है, एक अलग बीमारी।
क्या नेत्र व्यायाम ग्लूकोमा के लिए अच्छे हैं?
पामिंग, पलकें झपकाना और आँखों की धीमी गतियाँ सुरक्षित और आरामदायक हैं। ये ऑप्टिक नर्व की मरम्मत नहीं करते और खोई नज़र वापस नहीं लाते।
क्या ग्लूकोमा के लिए योग के दुष्प्रभाव हैं?
सीधी मुद्रा वाला योग कम जोखिम वाला है। मुख्य जोखिम उल्टे आसन करना या ज़ोर लगाना है, जो आँख का दबाव बढ़ाते हैं। आँख में दर्द, दबाव या धुँधलापन महसूस हो तो रुक जाएँ।
क्या ग्लूकोमा में बालासन सुरक्षित है?
इसमें सिर दिल के बराबर या नीचे आता है, इसलिए इससे बचना बेहतर है, या माथे के नीचे ऊँचे कुशन रखकर बहुत कम समय के लिए करें। अपने विशेषज्ञ से पूछें।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
