कैसे करें, चरण-दर-चरण
- ज़मीन या कुर्सी पर सीधे बैठें। लेटे हों तो भी यही हाथ की स्थिति काम करती है, बाँहें शरीर के साथ टिकी रहें।
- हथेलियाँ आमने-सामने रखकर उँगलियाँ फँसाएँ और अँगूठे क्रॉस करें, बायाँ अँगूठा दाएँ के ऊपर।
- दोनों तर्जनी उँगलियाँ खोलें, सीधी करें और आपस में मिलाएँ ताकि वे ज़मीन की ओर (लेटे हों तो पैरों की ओर) रहें।
- हथेलियों के बीच थोड़ी खाली जगह रखें और हाथों को गोद में या घुटनों के बीच टिका दें।
- शांति से साँस लें, फिर धीरे-धीरे पूरी साँस छोड़ें और महसूस करें कि तनाव तर्जनी उँगलियों से नीचे और बाहर बह रहा है। 7–15 साँसों तक दोहराएँ।
- हाथों को हथेलियाँ ऊपर करके जाँघों पर रखें और असर महसूस करने के लिए कुछ साँसों तक स्थिर बैठें।
लाभ
- परंपरागत रूप से कड़ी मेहनत, यात्रा या भीड़ भरे दिन के बाद तनाव और "इस्तेमाल हो चुकी" ऊर्जा छोड़ने के लिए
- परंपरागत रूप से व्यायाम या थकाने वाले योग सत्र के बाद शरीर को ढीला करने के लिए
- परंपरागत रूप से चिंता, क्रोध या पुरानी आदतों को छोड़ने के प्रतीक के रूप में
- मुद्रा-सिद्धांत में परंपरागत रूप से निष्कासन से जुड़ी: बाहर जाती साँस, त्वचा और बड़ी आँत
सावधानियाँ
- मुद्राएँ चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा लेते रहें और स्वास्थ्य समस्याओं के लिए डॉक्टर को दिखाएँ।
- इसे छोटा रखें: पारंपरिक अवधि 7–15 साँसें है, फिर हाथ हथेलियाँ ऊपर करके टिका दें।
- अगर बाद में उदासी या थकान लगे, तो इसके बाद काली मुद्रा या प्राण मुद्रा जैसी ऊर्जा देने वाली मुद्रा करें।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्षेपण मुद्रा क्या है?
क्षेपण (Ksepana/Kshepana) मुद्रा दोनों हाथों की मुद्रा है जिसमें उँगलियाँ फँसी रहती हैं और तर्जनी उँगलियाँ मिलकर नीचे की ओर रहती हैं। यह उड़ेलने या छोड़ देने की पारंपरिक मुद्रा है।
क्षेपण मुद्रा के मुख्य लाभ क्या हैं?
परंपरागत रूप से यह तनाव और थकान दूर करती है, मेहनत के बाद शरीर को ढीला करती है और चिंता छोड़ने में मदद करती है। इस पर कोई क्लिनिकल अध्ययन नहीं है।
क्षेपण मुद्रा कितनी देर करनी चाहिए?
इसे 7–15 धीमी साँसों तक करें, फिर हाथ हथेलियाँ ऊपर करके जाँघों पर रख दें। इसे छोटा ही रखना है।
क्षेपण मुद्रा और काली मुद्रा में क्या अंतर है?
हाथ का आकार एक जैसा है, लेकिन काली मुद्रा में तर्जनी ऊपर की ओर (शक्ति) और क्षेपण में नीचे की ओर (मुक्ति) रहती है।
क्या क्षेपण मुद्रा के दुष्प्रभाव हैं?
कोई हानिकारक दुष्प्रभाव ज्ञात नहीं है। बहुत देर तक करने से सुस्ती लग सकती है, इसलिए इसे छोटा रखें और बाद में आराम करें या ऊर्जा देने वाली मुद्रा करें।
मुद्राएँ एकाग्रता और विश्राम की एक पारंपरिक साधना हैं। विशेष स्वास्थ्य प्रभावों पर शोध सीमित है; इन्हें चिकित्सा देखभाल के साथ अपनाएँ, उसकी जगह नहीं।