इनसे बचें
- एड़ी में दर्द रहते देर तक खड़े रहना और कूदना; घुटनों के बल बैठने में धीरे जाएँ ताकि तलवों पर ज़्यादा खिंचाव न पड़े।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या प्लांटर फ़ैसाइटिस में योग फ़ायदेमंद है?
योग देखभाल का उपयोगी हिस्सा हो सकता है, क्योंकि इसमें वही पिंडली और तलवे के स्ट्रेच शामिल हैं जो एड़ी के दर्द में किए जाते हैं। प्लांटर फ़ैसाइटिस पर इसका सीधा परीक्षण नहीं हुआ है, इसलिए इसे आराम, अच्छे जूतों और दूसरी देखभाल के साथ करें।
प्लांटर फ़ैसाइटिस के लिए सबसे अच्छे स्ट्रेच कौन-से हैं?
तौलिये या पट्टे से पैर की उँगलियों को अपनी ओर खींचना, एड़ी ज़मीन पर रखकर खड़े होकर पिंडली का स्ट्रेच, और तलवे की हल्की मालिश सबसे आम हैं। अध्ययन बताते हैं कि कम समय में तलवे को सीधे स्ट्रेच करना सिर्फ़ पिंडली के स्ट्रेच से ज़्यादा मदद कर सकता है।
क्या प्लांटर फ़ैसाइटिस में योग कर सकते हैं?
हाँ। एड़ी में दर्द रहते देर तक खड़े रहने, कूदने और उँगलियाँ मोड़कर गहराई से घुटनों के बल बैठने से बचें, मोटी मैट इस्तेमाल करें, और लेटकर व बैठकर किए जाने वाले स्ट्रेच को प्राथमिकता दें।
क्या टो सेपरेटर प्लांटर फ़ैसाइटिस में मदद करते हैं?
एड़ी के दर्द के लिए उँगलियाँ अलग करने वाले उत्पादों पर बहुत कम शोध है। पैर की उँगलियों के सक्रिय व्यायाम (टो योग), जैसे सिर्फ़ अंगूठे को अकेले उठाना, और पिंडली के स्ट्रेच ज़्यादा उपयोगी हैं।
प्लांटर फ़ैसाइटिस ठीक होने में कितना समय लगता है?
कई लोग घरेलू देखभाल से कुछ हफ़्तों में सुधर जाते हैं, लेकिन इसमें कई महीने भी लग सकते हैं। लगभग दो हफ़्ते बाद भी सुधार न हो या दर्द बहुत तेज़ हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
घर पर एड़ी के दर्द से जल्दी राहत कैसे पाएँ?
पैर को आराम दें और ऊपर रखें, 20 मिनट तक बर्फ़ लगाएँ, गद्देदार और सहारा देने वाले जूते पहनें, और सुबह पहले कदम से पहले तौलिये से हल्का स्ट्रेच करें।
सुबह एड़ी का दर्द ज़्यादा क्यों होता है?
रात भर में प्लांटर फ़ैशिया सिकुड़ जाती है, इसलिए पहले कदम पर उस पर अचानक खिंचाव आता है। बिस्तर से उठने से पहले तलवे और पिंडली को स्ट्रेच करना अक्सर पहले कदमों को आसान बना देता है।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
