इनसे बचें
- आगे झुकने या लेटने वाले आसनों से जल्दी खड़े होना; धीरे-धीरे उठें।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लो ब्लड प्रेशर के लिए कौन सा योग सबसे अच्छा है?
पैरों पर काम करने वाले स्थिर खड़े आसन (ताड़ासन, उत्कटासन, वीरभद्रासन II), साथ में सेतुबंधासन और थोड़ी देर सहारे के साथ विपरीत करणी (दीवार पर पैर)। इन्हें धीमे बदलावों और उज्जायी जैसी सीधी बैठकर की जाने वाली साँस के साथ करें। हॉट योग और जल्दी स्थिति बदलने से बचें।
क्या लो ब्लड प्रेशर में योग कर सकते हैं?
हाँ, ज़्यादातर लोग कर सकते हैं। पहले पानी पिएँ, हल्का नाश्ता करें, पास में कुर्सी रखें और हर लेटने या झुकने वाले आसन से धीरे उठें। अगर आप अक्सर बेहोश होते हैं या लो BP किसी नई दवा से शुरू हुआ है, तो शुरू करने से पहले डॉक्टर को दिखाएँ।
क्या योग के बाद लो ब्लड प्रेशर होना सामान्य है?
शवासन के बाद खड़े होने पर थोड़ा सिर हल्का लगना आम है, क्योंकि आराम के दौरान ब्लड प्रेशर घटता है। करवट लें, कुछ साँसों तक बैठें और धीरे-धीरे उठें। अगर हर बार ऐसा हो या बेहोशी आए, तो जाँच कराएँ।
क्या लो ब्लड प्रेशर में उलटे आसन सुरक्षित हैं?
दीवार पर पैर (विपरीत करणी) कुछ मिनट के लिए आमतौर पर ठीक है। शीर्षासन और सर्वांगासन जैसे पूरे उलटे आसनों से नीचे आते समय BP अचानक गिर सकता है, इसलिए योग्य शिक्षक साथ न हो तो इन्हें छोड़ दें।
क्या लो ब्लड प्रेशर वाले बुज़ुर्गों के लिए योग है?
हाँ। खड़े आसन कुर्सी की पीठ पकड़कर करें, आसनों में कम देर रुकें और बीच-बीच में बैठ जाएँ। अभ्यास पेज पर बुज़ुर्गों के लिए सौम्य योग सत्र भी एक सुरक्षित विकल्प है।
क्या योग से लो ब्लड प्रेशर जल्दी बढ़ सकता है?
कोई भी योग अभ्यास तुरंत का उपाय नहीं है। अचानक बेहोशी जैसा लगे तो बैठ या लेट जाएँ और पैर ऊपर उठाएँ, फिर धीरे उठें। हफ़्तों में, पैरों को मज़बूत करने वाले नियमित आसन आपको ज़्यादा स्थिर महसूस करा सकते हैं।
क्या लो ब्लड प्रेशर का योग हाई ब्लड प्रेशर के योग से अलग है?
हाँ। हाई ब्लड प्रेशर की योजनाओं में संख्या घटाने के लिए लंबा विश्राम होता है; लो ब्लड प्रेशर में सत्र सक्रिय रखें और गर्म कमरों से बचें।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
