इनसे बचें
- इसे सिर्फ़ फ़िटनेस की समस्या मानना: इरेक्शन की परेशानी दिल की बीमारी, डायबिटीज़ या कम टेस्टोस्टेरोन का शुरुआती संकेत हो सकती है, इसलिए डॉक्टर को दिखाएँ। सीने में दर्द या साँस फूलने पर कसरत रोकें और इलाज लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए कौन सा योग सबसे अच्छा है?
एक सरल अभ्यास जिसमें पेल्विक फ़्लोर का काम (हल्के उठाव के साथ सेतु बंधासन), कूल्हे खोलने वाले आसन (बद्ध कोणासन, मालासन), पीठ की मज़बूती (भुजंगासन, शलभासन) और धीमी साँस (नाड़ी शोधन) हो, एक समझदारी भरा विकल्प है। कोई एक आसन ED ठीक करने में सिद्ध नहीं है, इसलिए शैली से ज़्यादा नियमितता मायने रखती है।
क्या योग से इरेक्टाइल डिसफंक्शन प्राकृतिक रूप से ठीक हो सकता है?
योग कुछ पुरुषों में इरेक्टाइल फ़ंक्शन सुधार सकता है, मुख्य रूप से पेल्विक फ़्लोर की मज़बूती, फ़िटनेस और कम तनाव के ज़रिए, लेकिन यह सिद्ध इलाज नहीं है। ED का अक्सर कोई मेडिकल कारण होता है, इसलिए डॉक्टर को दिखाएँ और उनके सुझाए किसी भी इलाज के साथ योग करें।
योग से ED में फ़ायदा होने में कितना समय लगता है?
दिन नहीं, हफ़्तों से महीनों की उम्मीद रखें। पेल्विक फ़्लोर ट्रेनिंग के अध्ययन आमतौर पर तीन से छह महीने चलते हैं। ज़्यादातर दिन अभ्यास करें और नतीजा आँकने से पहले कम से कम आठ से बारह हफ़्ते दें।
इरेक्शन की समस्या के लिए डॉक्टर को क्यों दिखाना चाहिए?
क्योंकि ED दिल की बीमारी, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या हार्मोन की समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है। जाँच से ये जल्दी पकड़ में आ सकती हैं। कसरत या सेक्स के दौरान सीने में दर्द या साँस फूलने पर तुरंत मदद लें।
क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए योग बुज़ुर्गों के लिए सुरक्षित है?
हाँ, समझदारी भरे बदलावों के साथ। बड़ी उम्र के पुरुष सेतु बंधासन, मार्जरी–बिटिलासन और पेल्विक फ़्लोर उठाने का अभ्यास लेटकर या कुर्सी पर कर सकते हैं, और घुटनों में दर्द हो तो गहरे स्क्वाट छोड़ दें। अगर दिल की बीमारी है या कई दवाएँ लेते हैं, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
क्या पुरुषों को लचीलापन न होने पर भी योग करना चाहिए?
हाँ। लचीलापन योग का नतीजा है, शर्त नहीं। घुटने मोड़ें, कंबल या ब्लॉक का इस्तेमाल करें, और आसन छोटे रखें। अकड़े हुए शुरुआती लोगों में भी मज़बूती, संतुलन और शांति जल्दी आती है।
क्या योग शीघ्रपतन में भी मदद करता है?
छोटे अध्ययन बताते हैं कि योग, खासकर पेल्विक फ़्लोर पर नियंत्रण और धीमी साँस, शीघ्रपतन में मदद कर सकता है। रिसर्च सीमित है, इसलिए अगर यह परेशानी दे रहा है तो डॉक्टर से बात करें।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
