कैसे करें, चरण-दर-चरण
- चटाई या बिस्तर पर पीठ के बल लेटें, हाथ बगल में रखें, चाहें तो घुटनों के नीचे तकिया रखें।
- आँखें बंद करें और स्थिर होने के लिए कुछ धीमी साँसें लें।
- ध्यान बाएँ पैर की उँगलियों पर लाएँ और वहाँ की किसी भी संवेदना को महसूस करें।
- धीरे-धीरे बाएँ पैर में ऊपर जाएँ, फिर दाएँ पंजे और पैर में, हर हिस्से पर रुकते हुए।
- कूल्हे, पेट, पीठ, छाती, हाथ, बाँहें, कंधे, गर्दन, चेहरा और सिर तक जारी रखें।
- जहाँ तनाव मिले, वहाँ साँस भेजें और बाहर जाती साँस के साथ उसे थोड़ा ढीला होने दें।
- अंत में पूरे शरीर को एक साथ महसूस करें, फिर हल्के से हिलें और धीरे से उठकर बैठें।
लाभ
- उन माइंडफुलनेस कार्यक्रमों का हिस्सा, जिनसे कई अध्ययनों में तनाव कम होता पाया गया है
- कई लोगों को सोने से पहले आराम करने में मदद करता है
- यह जानने में मदद करता है कि आप तनाव कहाँ पकड़कर रखते हैं
- दर्द के अनुभव को बदल सकता है, हालाँकि उसके कारण का इलाज नहीं करता
सावधानियाँ
- अगर किसी दर्द वाले या कठिन हिस्से पर ध्यान देना भारी लगे, तो उसे छोड़ दें या आँखें खोलें। लेटने से नींद आ सकती है; जागे रहना चाहते हैं तो बैठकर करें।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बॉडी स्कैन ध्यान क्या है?
यह एक माइंडफुलनेस अभ्यास है जिसमें आप अपना ध्यान धीरे-धीरे शरीर में घुमाते हैं, आम तौर पर पैरों से सिर तक, और संवेदनाओं को बिना बदले महसूस करते हैं। इसे जॉन कबात-ज़िन के MBSR कार्यक्रम ने लोकप्रिय बनाया और यह योग निद्रा के विश्राम चरण से मिलता-जुलता है।
बॉडी स्कैन ध्यान के क्या लाभ हैं?
माइंडफुलनेस कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में इसे कम तनाव, बेहतर नींद और पुराने दर्द के साथ अधिक सहज संबंध से जोड़ा गया है। यह यह भी पहचानने में मदद करता है कि आप तनाव कहाँ पकड़ते हैं, ताकि दिन में पहले ही उसे छोड़ सकें।
क्या बॉडी स्कैन के दौरान सो जाना ठीक है?
हाँ, अगर आप नींद के लिए बॉडी स्कैन कर रहे हैं। अगर जागरूकता बढ़ाना चाहते हैं, तो दिन में पहले अभ्यास करें, आँखें थोड़ी खुली रखें, या कुर्सी पर बैठकर स्कैन करें।
बॉडी स्कैन में कितना समय लगना चाहिए?
तीन से 45 मिनट तक कुछ भी। शुरुआती लोगों के लिए 10 से 15 मिनट अच्छे हैं; इस पेज का निर्देशित सत्र लगभग 15 मिनट का है। हफ़्ते में एक लंबे स्कैन से रोज़ का छोटा स्कैन ज़्यादा उपयोगी है।
क्या बॉडी स्कैन बैठकर कर सकते हैं?
हाँ। कुर्सी पर दोनों पैर ज़मीन पर रखकर बैठें और हाथ जाँघों पर टिकाएँ। बैठकर किए गए स्कैन में नींद आने की संभावना कम होती है और इसे दफ़्तर में या बस-मेट्रो में भी आसानी से किया जा सकता है।
अगर कुछ हिस्सों में दर्द हो या कुछ भी महसूस न हो तो?
दोनों सामान्य हैं। अगर कोई हिस्सा दर्द कर रहा है, तो कुछ साँसों तक उसके किनारे और बनावट को देखें, फिर आगे बढ़ें; बहुत भारी लगे तो उसे पूरी तरह छोड़ सकते हैं। अगर कुछ महसूस न हो, तो बस "कोई संवेदना नहीं" नोट करें और आगे बढ़ें।
क्या बॉडी स्कैन ध्यान और योग निद्रा एक ही हैं?
ये जुड़े हुए हैं पर एक नहीं। योग निद्रा शरीर में तेज़ी से घूमती है और संकल्प, साँसों की गिनती और कल्पना जैसे दूसरे चरण जोड़ती है। माइंडफुलनेस बॉडी स्कैन धीमा होता है और केवल हर हिस्से को महसूस करने पर केंद्रित रहता है।
ध्यान सेहत में सहायक है; यह चिकित्सा या मनोवैज्ञानिक देखभाल की जगह नहीं लेता। अगर ध्यान के दौरान परेशान करने वाली भावनाएँ उठें, तो रुकें, आँखें खोलें और खुद को स्थिर करें।
