इनसे बचें
- कैलोरी जलाने के लिए योग, हॉट योग, “डिटॉक्स” सत्र या रोज़ लंबा अभ्यास — ये विकार को बढ़ा सकते हैं। केवल इलाज टीम की सहमति से अभ्यास करें, चक्कर या बेहोशी जैसा लगे तो रुक जाएँ, और बेहोश होने, सीने में दर्द या धड़कन बहुत तेज़ या बहुत धीमी होने पर तुरंत इलाज लें।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या योग ईटिंग डिसऑर्डर से रिकवरी में अच्छा है?
इलाज के साथ सहायक के रूप में, हो सकता है। अध्ययन बताते हैं कि कोमल योग ईटिंग डिसऑर्डर के लक्षणों, ख़ासकर बिंज ईटिंग, को कम कर सकता है और घबराहट घटा सकता है, बिना हानिकारक वज़न घटाए। इसे हमेशा अपनी इलाज टीम से तय करके ही करें।
ईटिंग डिसऑर्डर रिकवरी में योग कब सुरक्षित नहीं है?
जब आप चिकित्सकीय रूप से अस्थिर हों, वज़न बहुत कम हो, उल्टी करके खाना निकाल रहे हों, या खाने की भरपाई के लिए व्यायाम कर रहे हों। हॉट योग, पावर योग, डिटॉक्स क्लास और रोज़ के लंबे सत्रों से बचना बेहतर है। चक्कर या बेहोशी जैसा लगे तो रुक जाएँ।
ईटिंग डिसऑर्डर रिकवरी के लिए कौन सा योग सबसे अच्छा है?
कोमल हठ योग, रेस्टोरेटिव योग और योग निद्रा, जो शरीर पर टिप्पणी न करने वाली भाषा में और बिना आईने के सिखाए जाएँ। ट्रॉमा को समझकर चलाई जाने वाली क्लास, जिनमें विकल्प मिलते हैं, भी अच्छी रहती हैं।
क्या योग बिंज ईटिंग में मदद कर सकता है?
शोध बताता है कि योग बिंज ईटिंग के लक्षण कम कर सकता है। धीमी श्वास किसी तीव्र इच्छा पर अमल करने से पहले एक ठहराव दे सकती है। रिकवरी की सबसे अच्छी संभावना के लिए इसे नियमित भोजन और CBT जैसी विशेषज्ञ थेरेपी के साथ जोड़ें।
क्या योग शरीर की छवि (बॉडी इमेज) सुधारने में मदद करता है?
योग बॉडी इमेज को थोड़ा बेहतर कर सकता है, क्योंकि ध्यान शरीर कैसा दिखता है से हटकर इस पर जाता है कि वह कैसा महसूस करता है और क्या कर सकता है। यह तब सबसे अच्छा काम करता है जब साथ में ऐसी थेरेपी हो जो सीधे बॉडी इमेज पर काम करे।
क्या खाने के बाद योग कर सकते हैं?
कोमल योग आमतौर पर भोजन के लगभग एक घंटे बाद ठीक रहता है। बहुत भरे पेट पर गहरे मरोड़ और पेट पर दबाव से बचें। रिकवरी में, अभ्यास के लिए कभी भी भोजन या नाश्ता न छोड़ें और न टालें।
ईटिंग डिसऑर्डर से रिकवरी में कितना समय लगता है?
यह अलग-अलग होता है, अक्सर कई महीनों से लेकर कई साल तक, और बीच में पीछे जाना आम है। सही इलाज से बहुत से लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। योग इस रास्ते पर एक स्थिर सहारा बन सकता है।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
