इनसे बचें
- हॉट फ़्लश के दौरान गर्मी बढ़ाने वाले अभ्यास (हॉट योग, तेज़ कपालभाति)।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मेनोपॉज़ के लक्षणों में योग फ़ायदेमंद है?
हाँ। रैंडमाइज़्ड अध्ययनों की समीक्षाएँ बताती हैं कि योग मेनोपॉज़ के लक्षण कम कर सकता है, सबसे साफ़ फ़ायदा मन, चिंता, नींद और तनाव में दिखता है। यह ज़्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित है और चिकित्सीय इलाज के साथ अच्छा काम करता है।
हॉट फ़्लैश में कौन से योगासन मदद करते हैं?
आरामदायक, ठंडक देने वाले आसन जैसे सुप्त बद्ध कोणासन, विपरीत करणी (दीवार पर पैर), बालासन और शवासन, साथ में शीतली या शीतकारी प्राणायाम। फ़्लश के दौरान रुकें और साँस धीरे-धीरे छोड़ें।
क्या मेनोपॉज़ में बढ़ते वज़न और पेट की चर्बी में योग मदद करता है?
योग सक्रियता बढ़ाकर और तनाव घटाकर थोड़ी मदद करता है, पर यह स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पैदल चलने और आहार बदलाव के साथ सबसे अच्छा काम करता है। कोई भी आसन सिर्फ़ पेट की चर्बी नहीं जलाता।
ऑस्टियोपोरोसिस हो तो क्या योग सुरक्षित है?
आमतौर पर हाँ, कुछ बदलावों के साथ। भार के साथ रीढ़ गोल करने (गहरे आगे झुकना, सिट-अप, हलासन) और तीव्र मरोड़ से बचें, कूल्हों से झुकें, और दीवार के पास संतुलन अभ्यास जोड़ें। अपने डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें।
मेनोपॉज़ वाली महिलाओं के लिए सबसे अच्छा व्यायाम कौन सा है?
हफ़्ते में दो या ज़्यादा दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, नियमित तेज़ चाल या दूसरा कार्डियो, और लचीलेपन, संतुलन व तनाव से राहत के लिए योग का मेल।
क्या पेरिमेनोपॉज़ में हॉट योग अच्छा है?
अगर हॉट फ़्लैश या रात में पसीना आता है, तो गर्म कमरा आमतौर पर उन्हें बढ़ाता है। इसकी जगह ठंडे कमरे में हल्का या रेस्टोरेटिव योग चुनें।
मेनोपॉज़ के लिए कितनी बार योग करना चाहिए?
हफ़्ते में दो-तीन सत्र का लक्ष्य रखें; अध्ययनों में फ़ायदा हफ़्तों से महीनों के नियमित अभ्यास से मिला। रोज़ थोड़ी देर श्वास और कुछ आसनों का अभ्यास भी मदद करता है।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
