हिंदी में निर्देशित ध्यान
ध्यान करना मुश्किल नहीं है, पर शुरुआत में अकेले बैठना अक्सर कठिन लगता है। मन भटकता है और समझ नहीं आता कि आगे क्या करना है। इसीलिए यहाँ हर ध्यान एक शांत आवाज़ के साथ चलता है, जो हिंदी में धीरे-धीरे बताती है कि कैसे बैठना है, कहाँ ध्यान ले जाना है और कब बस चुपचाप विश्राम करना है। हर वाक्य के बाद अपने आप एक ठहराव आता है, ताकि आपको जल्दी न हो। निर्देश स्क्रीन पर कैप्शन में भी दिखते हैं, और 3D गाइड ध्यान की मुद्रा में बैठकर आपके साथ अभ्यास करता है।
सारे सत्र पूरी तरह मुफ़्त हैं। न कोई खाता बनाना है, न कोई ऐप इंस्टॉल करना है। यही आवाज़ वाला ध्यान 28 भाषाओं में उपलब्ध है, इसलिए परिवार के लोग अपनी-अपनी भाषा में भी अभ्यास कर सकते हैं।
सात चक्रों का ध्यान
योग परंपरा में शरीर के भीतर सात ऊर्जा केंद्र माने जाते हैं: मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा और सहस्रार। हर चक्र के लिए यहाँ अलग ध्यान है। आवाज़ आपका ध्यान उस चक्र की जगह पर ले जाती है, उसके रंग की कल्पना कराती है, और उसके बीज मंत्र का जाप कराती है, जैसे मूलाधार के लिए लं, अनाहत के लिए यं और आज्ञा के लिए ॐ। अंत में एक छोटा संकल्प मन ही मन दोहराया जाता है। अगर आपके पास समय कम है, तो सातों चक्रों वाला एक ही चक्र ध्यान चुनिए, जो नीचे से ऊपर तक सभी चक्रों से होकर गुज़रता है। हर चक्र के बारे में और जानने के लिए चक्रों वाला पेज देखिए।
कौन सा ध्यान किसके लिए
- श्वास-सजगता ध्यान और पाँच मिनट का ध्यान: बिल्कुल नए लोगों के लिए सबसे आसान शुरुआत।
- ॐ जाप और सो हम् मंत्र ध्यान: जिन्हें ध्वनि और मंत्र के साथ मन टिकाना अच्छा लगता है।
- बॉडी स्कैन और नींद के लिए ध्यान: लेटकर किए जाने वाले, रात को सोने से पहले के लिए।
- मैत्री ध्यान और कृतज्ञता ध्यान: मन में नरमी और अपनापन जगाने के लिए।
- त्राटक, माइंडफुलनेस, विपश्यना शैली का नोटिंग, कल्पना ध्यान और चलते हुए ध्यान: जब आप थोड़ा आगे बढ़ना चाहें।
- कुंडलिनी सजगता ध्यान: योग अभ्यास के बाद एक शांत, सुरक्षित समापन।
ध्यान की शुरुआत कैसे करें
दिन में एक ऐसा समय चुनिए जब कोई आपको टोके नहीं, जैसे सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले। ज़मीन पर, कुशन पर या कुर्सी पर सीधे बैठिए, पर शरीर को अकड़ाइए नहीं। ध्यान वाले पेज पर कोई सत्र चुनिए, भाषा में हिंदी रखिए और प्ले दबाइए। पहले हफ़्ते में रोज़ पाँच से दस मिनट काफ़ी हैं। मन भटके तो खुद को दोष मत दीजिए; हर बार लौट आना ही ध्यान का अभ्यास है। अगर आप पहले कुछ आसन करना चाहते हैं, तो हिंदी आवाज़ वाले योग सत्र से शुरू कीजिए और अंत में ध्यान कीजिए।
त्राटक में लौ को देखना होता है, इसलिए मिर्गी या आँखों की किसी समस्या में उसे बंद आँखों से ही कीजिए। अगर आप किसी मानसिक या शारीरिक बीमारी का इलाज करा रहे हैं, तो ध्यान को उसका विकल्प मत बनाइए; ज़रूरत हो तो डॉक्टर से बात कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह ध्यान सच में मुफ़्त है?
हाँ। सभी निर्देशित ध्यान मुफ़्त हैं। न साइन-अप करना है, न कोई ऐप डाउनलोड करना है। पेज खोलिए, सत्र चुनिए और प्ले दबाइए।
क्या ध्यान की आवाज़ हिंदी में है?
हाँ। भाषा में हिंदी चुनने पर हर निर्देश हिंदी आवाज़ में बोला जाता है और कैप्शन में भी दिखता है। यही ध्यान कुल 28 भाषाओं में सुना जा सकता है।
शुरुआत करने वाले कौन सा ध्यान करें?
पाँच मिनट का ध्यान या श्वास-सजगता ध्यान सबसे आसान है। कुछ दिन बाद बॉडी स्कैन, ॐ जाप या चक्र ध्यान आज़माइए।
चक्र ध्यान में क्या होता है?
आवाज़ आपका ध्यान एक चक्र की जगह पर ले जाती है, उसके रंग की कल्पना कराती है और उसके बीज मंत्र, जैसे लं, वं, रं, यं, हं या ॐ, का जाप कराती है। फिर मौन में विश्राम होता है।
ध्यान रोज़ कितनी देर करना चाहिए?
शुरुआत में रोज़ पाँच से दस मिनट काफ़ी हैं। नियमितता लंबाई से ज़्यादा ज़रूरी है। आराम से हो तो धीरे-धीरे समय बढ़ाइए।


