इनसे बचें
- ज़ोर लगाकर नीचे की ओर दबाना या उठाते समय साँस रोकना; पेशाब में खून, दर्द या नीचे की ओर भारी खिंचाव महसूस हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पेल्विक फ़्लोर के लिए योग अच्छा है?
हाँ। रैंडमाइज़्ड ट्रायल दिखाते हैं कि योग महिलाओं में पेशाब का लीकेज कम करता है, हालाँकि यह सामान्य स्ट्रेचिंग और मज़बूती वाले कार्यक्रम जितना ही असरदार था, उससे बेहतर नहीं। सबसे अच्छे नतीजे के लिए इसे रोज़ पेल्विक फ़्लोर उठाने के अभ्यास के साथ करें।
पेल्विक फ़्लोर की मांसपेशियों के लिए सबसे अच्छे योगासन कौन से हैं?
मज़बूती और सही समय के लिए सेतु बंधासन, उत्कटासन, ताड़ासन और मार्जरी-बिटिलासन; ढीला करने के लिए मालासन, बद्ध कोणासन और सुप्त बद्ध कोणासन। हमेशा उठाने को साँस छोड़ने के साथ जोड़ें।
पेशाब पर नियंत्रण प्राकृतिक तरीके से कैसे सुधारें?
दिन में तीन बार पेल्विक फ़्लोर उठाने का अभ्यास करें, खाँसने या कुछ उठाने से पहले मांसपेशियाँ सिकोड़ें, अचानक हाजत के लिए ब्लैडर ट्रेनिंग करें, स्वस्थ वज़न रखें और कैफ़ीन व शराब कम करें। पेल्विक हेल्थ फ़िज़ियोथेरेपिस्ट इसे आपके हिसाब से ढाल सकते हैं।
क्या योग पेल्विक फ़्लोर की गड़बड़ी में मदद करता है?
कर सकता है। कमज़ोरी में यह मज़बूती और सही समय पर सिकोड़ना सिखाता है; जकड़न में आराम देने वाले आसन और धीमी साँस मांसपेशियों को ढीला छोड़ना सिखाते हैं। दर्द, प्रोलैप्स या मल त्याग से जुड़े लक्षणों में पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से जाँच करवाएँ।
क्या पेल्विक फ़्लोर वाला योग पुरुषों के लिए भी उपयोगी है?
हाँ। पुरुष भी वही उठाने-छोड़ने वाली साँस और आसन इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे प्रोस्टेट सर्जरी के बाद होने वाले लीकेज के लिए। पेशाब से जुड़े किसी भी नए लक्षण के बारे में पहले डॉक्टर को दिखाएँ।
पेल्विक फ़्लोर एक्सरसाइज़ का असर होने में कितना समय लगता है?
ज़्यादातर लोगों को रोज़ अभ्यास के 6–12 हफ़्ते बाद लीकेज कम महसूस होता है। फ़ायदा बनाए रखने के लिए उसके बाद भी जारी रखें।
क्या योग से पेल्विक फ़्लोर की समस्या बढ़ सकती है?
नीचे की ओर ज़ोर लगाना, मेहनत के दौरान साँस रोकना, डिलीवरी के बहुत जल्दी बाद पेट की भारी कसरत, या पहले से जकड़े पेल्विक फ़्लोर को लगातार सिकोड़ते रहना समस्या बढ़ा सकता है। मेहनत करते समय साँस छोड़ें और हर बार उठाने के बीच पूरी तरह ढीला छोड़ें।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
