इनसे बचें
- क्रंच, प्लैंक और पेट पर ज़्यादा ज़ोर वाले अभ्यास तब तक नहीं जब तक डॉक्टर अनुमति न दें (अक्सर 6 हफ़्ते, सी-सेक्शन के बाद या पेट की मांसपेशियों में गैप होने पर और ज़्यादा)।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रसव के बाद योग कब शुरू कर सकती हूँ?
बिना जटिलता वाली डिलीवरी के बाद कोमल प्राणायाम और पेल्विक फ़्लोर को सिकोड़ने का अभ्यास आमतौर पर कुछ दिनों में शुरू हो सकता है। पूरे सेशन से पहले ज़्यादातर लोग प्रसव के बाद की जाँच का इंतज़ार करते हैं, जो अक्सर करीब छह हफ़्ते पर होती है। सी-सेक्शन के बाद यह अक्सर बाद में होता है। पहले अपनी डॉक्टर या मिडवाइफ़ से पूछें।
क्या डिलीवरी के बाद योग सुरक्षित है?
डॉक्टर की सहमति के बाद कोमल योग आमतौर पर सुरक्षित है। जब तक अनुमति न मिले और पेट के गैप की जाँच न हो जाए, तब तक क्रंच, प्लैंक, गहरे ट्विस्ट और पेट पर ज़्यादा ज़ोर वाले अभ्यास से बचें, और ब्लीडिंग बढ़ने या दर्द या भारीपन महसूस होने पर रुक जाएँ।
सी-सेक्शन के बाद योग कब शुरू करें?
आमतौर पर डॉक्टर की अनुमति के बाद, जो अक्सर छह हफ़्ते से बाद में मिलती है। प्राणायाम, पेल्विक टिल्ट और पैदल चलने से शुरू करें, और इस पेज के आसन धीरे-धीरे जोड़ें। पेट की गहरी कसरत में कई महीने लग सकते हैं।
सी-सेक्शन के बाद पेट की कौन सी कसरत सुरक्षित है?
साँस से शुरू करें: साँस छोड़ें, पेल्विक फ़्लोर को ऊपर उठाएँ और निचले पेट को धीरे से अंदर खींचें। छोटे पेल्विक टिल्ट और सेतु बंधासन जोड़ें। क्रंच, सिट-अप और प्लैंक तब तक न करें जब तक फ़िज़ियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर न कहें कि पेट की मांसपेशियाँ ठीक हो गई हैं।
क्या प्रसव के बाद योग पोस्टपार्टम डिप्रेशन में मदद कर सकता है?
एक छोटे रैंडमाइज़्ड ट्रायल में पाया गया कि योग से पोस्टपार्टम डिप्रेशन वाली महिलाओं में डिप्रेशन और चिंता में सुधार हुआ। योग एक मददगार साथ हो सकता है, लेकिन प्रसव के बाद के डिप्रेशन के लिए मेडिकल देखभाल ज़रूरी है। आप कैसा महसूस कर रही हैं, यह अपनी डॉक्टर को बताएँ।
क्या मैं अपने बच्चे के साथ प्रसव के बाद योग कर सकती हूँ?
हाँ। ज़मीन वाले आसनों के दौरान बच्चा आपके पास या नीचे लेट सकता है, या पेट से साँस के समय आपकी छाती पर। आसन नीचे और स्थिर रखें, और जब भी बच्चे को आपकी ज़रूरत हो, रुक जाएँ।
डिलीवरी के बाद किन चीज़ों से बचना चाहिए?
भारी सामान उठाना, क्रंच, प्लैंक, कूदना, गहरे ट्विस्ट और कुछ उठाते समय साँस रोकना। अगर स्तनों या टाँकों में दर्द हो तो पेट के बल लेटने से भी बचें।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
