कैसे करें, चरण-दर-चरण
- ज़मीन या कुर्सी पर सीधे बैठें और हाथ जाँघों पर रखें, हथेलियाँ ऊपर की ओर।
- दोनों हाथों में अनामिका और कनिष्ठा को हथेली में मोड़ें, ताकि उनके सिरे हथेली के बीच के पास टिकें।
- अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा के सिरे एक बिंदु पर मिलाएँ।
- आँखें बंद करें, धीरे साँस लें, और मन में एक स्पष्ट, सरल संकल्प रखें।
- 5–15 मिनट तक रहें, फिर उंगलियाँ छोड़ें और अपना संकल्प एक बार लिख लें या बोल दें।
लाभ
- परंपरागत रूप से स्पष्ट संकल्प या लक्ष्य तय करने के लिए
- परंपरागत रूप से इंटरव्यू, परीक्षा या नए काम से पहले आत्मविश्वास के लिए
- परंपरागत रूप से एक समय में एक ही चीज़ पर एकाग्रता की हस्त मुद्रा के रूप में
- कुछ मुद्रा पुस्तकों में परंपरागत रूप से नाक और साइनस में रुकावट या भारीपन के लिए
सावधानियाँ
- कुबेर मुद्रा अपने आप पैसा नहीं लाती। जो इसे धन या "चमत्कारी" उपाय बताकर बेचे, उससे सावधान रहें।
- यह साइनसाइटिस, हृदय रोग या किसी अन्य बीमारी का इलाज नहीं है। बुखार, चेहरे में दर्द या दस दिन से ज़्यादा रहने वाले लक्षणों में डॉक्टर को दिखाएँ।
- गठिया या कलाई में दर्द हो तो मुड़ी उंगलियों को ज़ोर से न दबाएँ।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुबेर मुद्रा क्या है?
कुबेर मुद्रा एक हस्त मुद्रा है जिसमें अंगूठा, तर्जनी और मध्यमा के सिरे मिलते हैं, जबकि अनामिका और कनिष्ठा हथेली में मुड़ती हैं। इसका नाम धन के देवता कुबेर के नाम पर है, और इसका उपयोग स्पष्ट संकल्प लेने के लिए होता है।
कुबेर मुद्रा कितनी देर करनी चाहिए?
5–15 मिनट, दिन में एक या दो बार। सुबह, दिन की योजना बनाने से पहले, इसका लोकप्रिय समय है।
क्या कुबेर मुद्रा से सच में पैसा आता है?
सीधे तौर पर नहीं। यह ध्यान केंद्रित करने का साधन है: यह लक्ष्य को स्पष्ट करने और उसे याद रखने में मदद करती है। पैसा उससे आता है जो आप उसके बाद करते हैं।
कुबेर मुद्रा के फायदे क्या हैं?
परंपरा में कुबेर मुद्रा के फायदे हैं स्पष्ट लक्ष्य, आत्मविश्वास, बेहतर एकाग्रता और शांत मन। यह जल्दी अमीर बनने का तरीका नहीं है।
क्या कुबेर मुद्रा साइनस की समस्या में मदद कर सकती है?
कुछ मुद्रा पुस्तकें इसे बंद नाक के लिए सुझाती हैं, पर इस पर कोई शोध नहीं है। बुखार, चेहरे में दर्द या दस दिन से ज़्यादा रहने वाले लक्षणों में डॉक्टर को दिखाएँ।
कुबेर मुद्रा नाम का अर्थ क्या है?
कुबेर मुद्रा यानी धन के देवता कुबेर की मुद्रा। हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों की किताबों में इसके फायदे एक जैसे बताए गए हैं: एकाग्रता, आत्मविश्वास और स्पष्ट लक्ष्य।
कुबेर मुद्रा के साथ कौन-सा मंत्र बोलें?
एक सरल विकल्प है "ॐ कुबेराय नमः", जिसे धीरे-धीरे दोहराएँ। मुद्रा मौन में भी उतनी ही अच्छी तरह की जा सकती है।
मुद्राएँ एकाग्रता और विश्राम की एक पारंपरिक साधना हैं। विशेष स्वास्थ्य प्रभावों पर शोध सीमित है; इन्हें चिकित्सा देखभाल के साथ अपनाएँ, उसकी जगह नहीं।