इनसे बचें
- हॉट योग और तेज़ धूप में अभ्यास (UV से फ़्लेयर हो सकता है), सूजे जोड़ों पर वज़न, और फ़्लेयर के दौरान लंबे सत्र। अगर ल्यूपस का असर किडनी, दिल या फेफड़ों पर है, या आप स्टेरॉयड लेते हैं (ये हड्डियाँ कमज़ोर करते हैं), तो डॉक्टर को बताएँ।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ल्यूपस में योग अच्छा है?
बहुत से लोगों के लिए, हाँ। ल्यूपस में व्यायाम पर शोध बताता है कि यह सुरक्षित है, रोग की सक्रियता नहीं बढ़ाता और थकान व उदासी घटा सकता है। सौम्य, धीरे-धीरे बढ़ाया गया योग सक्रिय रहने का एक तरीका है। पहले अपने रुमेटोलॉजिस्ट से पूछें।
ल्यूपस में कौन सा व्यायाम अच्छा है?
सौम्य, नियमित गतिविधि: योग, टहलना, साइकिल चलाना, इनडोर पूल में तैरना और हल्का शक्ति अभ्यास। थोड़े से शुरू करें, गर्मी और तेज़ धूप से बचें, और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
ल्यूपस के लिए सबसे अच्छे योगासन कौन से हैं?
धीमी साँस के साथ सुखासन, मार्जरी-बिटिलासन (कलाई में दर्द हो तो कोहनियों पर), ताड़ासन, नीचा सेतुबंधासन, सुप्त बद्धकोणासन, पट्टे के साथ सुप्त पादांगुष्ठासन और शवासन।
क्या ल्यूपस में हॉट योग कर सकते हैं?
आमतौर पर इससे बचना ही बेहतर है। गर्मी और पानी की कमी से आप बहुत थक सकते हैं और फ़्लेयर हो सकता है। ठंडा कमरा और सौम्य कक्षाएँ चुनें।
क्या ल्यूपस फ़्लेयर के दौरान व्यायाम करना चाहिए?
केवल बहुत हल्का। धीमी साँस, जिन जोड़ों में सूजन नहीं है उनकी हल्की गति, और योग निद्रा जैसा विश्राम करें। फ़्लेयर शांत होने पर धीरे-धीरे अपने सामान्य सत्र पर लौटें।
क्या ल्यूपस नेफ्राइटिस में योग सुरक्षित है?
सौम्य योग आमतौर पर ठीक रहता है, पर पहले अपने किडनी डॉक्टर से पूछें। ब्लड प्रेशर ज़्यादा हो तो उलटे आसन और साँस रोकने से बचें, और पानी पीने की सलाह का पालन करें।
क्या ल्यूपस के लिए योग के कोई दुष्प्रभाव हैं?
आमतौर पर केवल हल्की मांसपेशियों की अकड़न। दिक्कतें ज़्यादा करने, गर्मी या धूप में अभ्यास करने, या सूजे जोड़ों पर वज़न डालने से आती हैं। अगर बाद में कई दिन तक थकान रहे, तो अगली बार कम करें।
क्या योग से ल्यूपस ठीक हो सकता है?
नहीं। ल्यूपस का अभी कोई स्थायी इलाज नहीं है। डॉक्टर के बताए इलाज के साथ योग थकान, अकड़न, तनाव और नींद में मदद कर सकता है।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
