इनसे बचें
- चलती गाड़ी में पढ़ना या स्क्रीन देखना, और सफ़र से पहले भारी खाना। अगर चक्कर बिना सफ़र के आएँ, या सुनने में कमी, तेज़ सिरदर्द या कमज़ोरी के साथ आएँ, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या योग से मोशन सिकनेस ठीक हो सकती है?
नहीं। छोटे अध्ययनों में धीमी साँस से लक्षण घटे हैं, और संतुलन का अभ्यास शरीर को ढलने में मदद कर सकता है, पर कोई भी चीज़ सबको पूरी तरह बचा नहीं सकती। गंभीर लक्षणों में दवा ज़्यादा असरदार है।
मोशन सिकनेस के लिए सबसे अच्छी साँस कौन-सी है?
लगभग छह साँस प्रति मिनट की धीमी पेट से साँस: लगभग चार सेकंड साँस लें और लगभग छह सेकंड छोड़ें। सफ़र की शुरुआत में या मतली के पहले संकेत पर शुरू करें।
क्या कार में योगासन कर सकते हैं?
चलती गाड़ी में यात्री के रूप में नहीं — सीट बेल्ट लगाकर बैठे रहें। गाड़ी में प्राणायाम करें, और आसन घर पर या ब्रेक के दौरान करें।
क्या मोशन सिकनेस के लिए योग बच्चों के लिए सुरक्षित है?
हाँ। गुब्बारा साँस और संतुलन के खेल सुरक्षित और मज़ेदार हैं। सफ़र में स्क्रीन दूर रखें और लंबी यात्रा के लिए बच्चों के लिए सुरक्षित दवा के बारे में फ़ार्मासिस्ट से पूछें।
क्या मोशन सिकनेस के लिए योग के दुष्प्रभाव हैं?
धीमी साँस का कोई ज्ञात दुष्प्रभाव नहीं है और इससे नींद नहीं आती। तेज़ घूमने वाली गतियाँ या सिर नीचे वाले आसन मतली बढ़ा सकते हैं, इसलिए अभ्यास धीमा रखें।
मोशन सिकनेस के लिए कौन-सी मुद्रा की जाती है?
शून्य मुद्रा परंपरागत रूप से कान से जुड़े चक्कर के लिए की जाती है। मोशन सिकनेस पर इसका अध्ययन नहीं हुआ है, इसलिए इसे साँस के साथ शांत ध्यान के रूप में करें।
मोशन सिकनेस में जल्दी क्या मदद करता है?
क्षितिज की ओर देखें, ताज़ी हवा लें, पढ़ना या स्क्रीन देखना बंद करें और धीमी पेट से साँस शुरू करें। मोशन सिकनेस शुरू होने के बाद यही सबसे तेज़ उपाय हैं।
मोशन सिकनेस या सफ़र की उल्टी से हमेशा के लिए छुटकारा कैसे पाएँ?
बहुत से लोग, ख़ासकर बच्चे, बड़े होकर इससे बाहर निकल आते हैं, और बार-बार सफ़र करने से दिमाग़ ढल जाता है। धीमी साँस, संतुलन का अभ्यास और अच्छी आदतें लक्षण घटाती हैं; कोई पक्का इलाज नहीं है।
नाव में मोशन सिकनेस के लिए सबसे अच्छा क्या है?
डेक पर रहें, क्षितिज की ओर देखें, धीरे साँस लें और हल्का खाएँ। ज़्यादातर लोग कुछ दिनों में ढल जाते हैं; लक्षण तेज़ हों तो दवा मदद करती है।
योग इलाज में सहायक है, उसकी जगह नहीं लेता। डॉक्टर की लिखी दवाएँ लेते रहें और शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आपको हृदय रोग, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, मिर्गी या तेज़ दर्द हो।
