योगासन क्या है?
योगासन शरीर की वह स्थिति है जिसमें आप स्थिर और सहज होकर कुछ साँसों तक रुकते हैं। पतंजलि के शब्दों में "स्थिरसुखमासनम्", यानी आसन वही जो स्थिर भी हो और सुखद भी। इसलिए आसन सही करने का मतलब किसी चित्र की नकल करना नहीं, बल्कि अपने शरीर में स्थिरता और आराम ढूँढना है।
इस पेज पर 180 योगासनों के नाम हैं। हर कार्ड पर आसन का चित्र, हिंदी नाम, अंग्रेज़ी नाम और एक लाइन में उसका मुख्य लाभ लिखा है। कार्ड पर टैप करने से उस आसन का पूरा पेज खुलता है, जहाँ 3D गाइड आसन करके दिखाता है और कदम-दर-कदम निर्देश हैं; वह पेज अभी अंग्रेज़ी में है।
योगासन के प्रकार: सूची कैसे बँटी है
ऊपर के बटनों से आप योगासन के प्रकार के हिसाब से सूची छाँट सकते हैं:
- खड़े होकर आसन: ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, वीरभद्रासन। पैरों की ताकत और संतुलन के लिए।
- बैठकर आसन: सुखासन, वज्रासन, पद्मासन, पश्चिमोत्तानासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन, बालासन। ध्यान, प्राणायाम, आगे झुकने और रीढ़ घुमाने के लिए।
- पेट और घुटनों के बल आसन: भुजंगासन, शलभासन, धनुरासन, मार्जरी आसन, अधोमुख श्वानासन और प्लैंक।
- पीठ के बल आसन: शवासन, सेतुबंधासन, पवनमुक्तासन, विपरीत करणी, नौकासन।
- पीछे झुकने और कूल्हे खोलने वाले आसन: चक्रासन, उष्ट्रासन, राजकपोतासन, हनुमानासन।
- संतुलन और हाथों पर संतुलन: बकासन, वसिष्ठासन, मयूरासन, तोलासन।
- उल्टे आसन: सर्वांगासन, हलासन, शीर्षासन।
खोज बॉक्स में हिंदी, संस्कृत या अंग्रेज़ी नाम लिखकर भी कोई आसन तुरंत ढूँढ सकते हैं।
शुरुआती लोग योगासन कैसे चुनें
- हर समूह से एक-दो आसान आसन चुनिए, जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन, भुजंगासन, सेतुबंधासन और शवासन। यही आपका पहला योगासन चार्ट बन सकता है।
- खड़े आसनों से शुरू कीजिए, फिर बैठकर और लेटकर किए जाने वाले आसन कीजिए, और अंत में शवासन।
- हर आसन में तीन से पाँच धीमी साँसों तक रुकिए।
- उल्टे आसन और हाथों पर संतुलन वाले आसन कुछ महीनों के अभ्यास के बाद ही कीजिए, और हो सके तो किसी अनुभवी शिक्षक के सामने।
क्रम खुद बनाना चाहें, तो सीक्वेंस बिल्डर में आसन जोड़कर अपना सत्र बनाइए, या हिंदी आवाज़ वाले तैयार योग सत्र चलाइए।
कुछ लोकप्रिय आसनों के लाभ
ताड़ासन योग के फायदे सबसे बुनियादी हैं: यह खड़े होने का सही ढंग सिखाता है और बाकी खड़े आसनों की नींव है। बटरफ्लाई योग, यानी बद्ध कोणासन या तितली आसन, भीतरी जाँघों और कूल्हों को खोलता है। वज्रासन उन गिने-चुने आसनों में है जो खाने के बाद भी किए जाते हैं। सूर्य नमस्कार के आसन, जैसे भुजंगासन और अधोमुख श्वानासन, पूरे शरीर को एक साथ चलाते हैं; पूरा क्रम मुख्य पेज पर है।
कपालभाती असल में आसन नहीं, प्राणायाम है। कपालभाती योग के फायदे और उसकी सावधानियाँ कपालभाति वाले पेज पर पढ़िए। योगासन के लाभ पूरे तब मिलते हैं जब उन्हें साँस और आराम के साथ जोड़ा जाए।
योगासन करते समय सावधानियाँ
आसन में खिंचाव महसूस होना ठीक है, तेज़ या चुभता दर्द नहीं। घुटनों को झटका न दीजिए और गर्दन पर वज़न न डालिए। हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा या गर्दन की चोट में उल्टे आसन न कीजिए। गर्भावस्था, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या हाल की सर्जरी हो, तो अभ्यास से पहले डॉक्टर से सलाह लीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
योगासन कितने प्रकार के होते हैं?
आम तौर पर योगासनों को खड़े होकर, बैठकर, पेट के बल, पीठ के बल, पीछे झुकने वाले, संतुलन वाले और उल्टे आसनों में बाँटा जाता है। इस पेज पर 180 आसन इन्हीं सात समूहों में रखे गए हैं।
शुरुआती लोगों के लिए सबसे आसान योगासन कौन से हैं?
ताड़ासन, वृक्षासन, सुखासन, वज्रासन, मार्जरी आसन, बालासन, भुजंगासन, सेतुबंधासन और शवासन। इनसे शुरू कीजिए और हर आसन में कुछ धीमी साँसों तक रुकिए।
ताड़ासन के फायदे क्या हैं?
ताड़ासन खड़े होने के ढंग पर ध्यान लाता है, जिससे झुककर खड़े होने और एक पैर पर ज़्यादा वज़न डालने की आदत सुधरती है। यह बाकी खड़े आसनों की नींव भी है।
बटरफ्लाई योग यानी तितली आसन के क्या फायदे हैं?
तितली आसन, यानी बद्ध कोणासन, भीतरी जाँघों, जाँघों के जोड़ और कूल्हों के अगले हिस्से को खींचता है। लंबे समय तक बैठने वालों के लिए यह अच्छा है। घुटनों को ज़बरदस्ती नीचे न दबाइए।
योगासन कैसे करें कि चोट न लगे?
धीरे-धीरे आसन में आइए, साँस न रोकिए, और दर्द की हद तक न जाइए। ज़रूरत हो तो घुटने मोड़िए या ब्लॉक और कुशन का सहारा लीजिए। उल्टे और कठिन आसन अनुभव के साथ ही कीजिए।



















































































































































































