अर्ध हनुमानासन (हाफ स्प्लिट्स पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- लो लंज से शुरू करें, बायां पैर आगे और दायां घुटना मैट पर। अगर घुटना संवेदनशील है तो उसके नीचे मोड़ा हुआ कंबल रखें।
- हाथों को बाएं पैर के दोनों ओर, कंधों के नीचे, मैट पर या दो ब्लॉक पर रखें।
- कूल्हों को पीछे ले जाएं जब तक वे दाएं घुटने के ठीक ऊपर न आ जाएं। साथ ही बायां पैर सीधा करें और बाईं एड़ी मैट पर टिकाएं।
- बाएं पंजे को मोड़ें ताकि उंगलियां छत की ओर रहें। कूल्हों के दोनों सिरे सामने की ओर रखें।
- सपाट पीठ के साथ रीढ़ को आगे की ओर लंबा करें। पैर के ऊपर और नीचे तभी झुकें जब पीठ लंबी बनी रहे।
- लगभग 30 सेकंड (5–6 सांसें) रुकें और सांस बाएं पैर के पिछले हिस्से में भरें।
- बाहर आने के लिए बायां घुटना मोड़ें, कूल्हों को आगे लंज में ले जाएं और पैर पीछे लाएं। दायां पैर आगे रखकर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- आगे वाले पैर की हैमस्ट्रिंग और पिंडली में खिंचाव लाता है
- पूर्ण स्प्लिट्स (हनुमानासन) के लिए कूल्हों और पैरों को तैयार करने में मदद करता है
- लंबी रीढ़ के साथ कूल्हों से झुकना सिखाता है
- दौड़ने, साइकिल चलाने या लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों के पिछले हिस्से की जकड़न कम करता है
- स्थिर, नीची स्थिति में सांस को शांत करता है, जो ज़्यादातर स्तरों के लिए उपयुक्त है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- हैमस्ट्रिंग में खिंचाव या फटना — आगे का घुटना मोड़कर रखें और खिंचाव हल्का रखें, या ठीक होने तक यह आसन न करें
- पिछले घुटने में दर्द — मोड़ा हुआ कंबल रखें या घुटनों के बल वाली स्थिति छोड़ दें
- साइटिका या पैर में झनझनाहट — आगे का घुटना मोड़ें और लक्षण फैलें तो रुक जाएं
- कमर दर्द या डिस्क की समस्या — ब्लॉक इस्तेमाल करें, पीठ सपाट रखें और आगे गोल न झुकें
- गर्भावस्था — ऊंचे ब्लॉक इस्तेमाल करें और गहराई से न झुकें; संदेह हो तो अपनी मिडवाइफ या डॉक्टर से पूछें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
योग में अर्ध हनुमानासन (हाफ स्प्लिट) क्या है?
अर्ध हनुमानासन घुटनों के बल किया जाने वाला आसन है जिसमें पिछला घुटना नीचे, कूल्हे उस घुटने के ऊपर और आगे का पैर सीधा, उंगलियां ऊपर की ओर रहती हैं। इससे आगे वाले पैर की हैमस्ट्रिंग और पिंडली में खिंचाव आता है।
क्या हाफ मंकी पोज़ और हाफ स्प्लिट्स एक ही हैं?
हां। हाफ मंकी पोज़, हाफ स्प्लिट्स पोज़, रनर्स स्ट्रेच और अर्ध हनुमानासन एक ही आसन के नाम हैं।
अर्ध हनुमानासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
हर पैर पर लगभग 30 सेकंड। जब तक खिंचाव आरामदायक रहे, आप एक मिनट तक रुक सकते हैं या इसे दो बार दोहरा सकते हैं।
क्या शुरुआती लोग अर्ध हनुमानासन कर सकते हैं?
हां। हाथ ब्लॉक पर रखें, पिछले घुटने के नीचे गद्दी रखें, और हैमस्ट्रिंग जकड़ी हो तो आगे के घुटने में हल्का मोड़ रखें।
अर्ध हनुमानासन में घुटने के पीछे क्यों खिंचाव महसूस होता है?
हो सकता है घुटना लॉक हो या खिंचाव बहुत गहरा हो। घुटने में ज़रा-सा मोड़ दें, पंजे को मोड़ने के बजाय उंगलियां आगे की ओर तानें, और खिंचाव कम करें।
क्या अर्ध हनुमानासन से पूरे स्प्लिट्स करने में मदद मिलेगी?
यह फ्रंट स्प्लिट्स की मुख्य तैयारी है। नियमित अभ्यास और धैर्य से हैमस्ट्रिंग का लचीलापन बढ़ता है, लेकिन इसमें कितना समय लगेगा, यह हर व्यक्ति में बहुत अलग होता है।
क्या कमर दर्द में अर्ध हनुमानासन अच्छा है?
जब दर्द आम जकड़न और टाइट हैमस्ट्रिंग से हो, तो पीठ सपाट रखकर और ब्लॉक इस्तेमाल करके यह मदद कर सकता है। यह डिस्क की समस्या या साइटिका का इलाज नहीं है; पहले अपने डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें।
अर्ध हनुमानासन किन्हें नहीं करना चाहिए?
जिन्हें हैमस्ट्रिंग फटी हो, तेज़ साइटिका या घुटने में दर्द हो, उन्हें इसे बदलकर करना चाहिए या छोड़ देना चाहिए। पीठ की समस्या वाले लोग पीठ सपाट रखें और फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








