हलासन (प्लो पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- दो या तीन सख्त कंबलों को मोड़कर ढेर बनाएं। पीठ के बल लेटें, कंधे ढेर पर, सिर ज़मीन पर और बाजुएं बगल में, हथेलियां नीचे।
- घुटने मोड़कर छाती की ओर लाएं। बाजुओं को नीचे दबाएं और कूल्हे उठाएं, ज़रूरत हो तो हाथों से पीठ को सहारा दें।
- कूल्हों को कंधों के ऊपर रखते हुए धीरे-धीरे पैरों को सिर के ऊपर सीधा करें और पंजों को पीछे ज़मीन की ओर नीचे लाएं।
- अगर पंजे ज़मीन तक पहुंच जाएं, तो उंगलियां मोड़कर टिकाएं और जांघों को ऊपर उठाएं। न पहुंचें तो उन्हें कुर्सी या ब्लॉक पर टिकाएं।
- बाजुओं को ज़मीन पर फैलाएं, हथेलियां नीचे, या पीठ के पीछे उंगलियां आपस में फंसाएं। नज़र छाती पर रखें और सिर न घुमाएं।
- शुरुआत में 30 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस लें, समय के साथ 1–3 मिनट तक बढ़ाएं।
- बाहर आने के लिए हाथ पीठ पर रखें, घुटने मोड़ें और बाजुओं को ब्रेक की तरह इस्तेमाल करते हुए रीढ़ को एक-एक कशेरुका करके नीचे लाएं। कुछ सांसों तक सीधे लेटकर आराम करें।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- शरीर के पूरे पिछले हिस्से को खींचता है: रीढ़, गर्दन का पिछला हिस्सा, कंधे, हैमस्ट्रिंग और पिंडलियां
- शरीर को थामे रखने वाले कंधों और ऊपरी पीठ को मज़बूत करता है
- पेट को हल्का दबाता है, जिसे कई लोग पेट की मालिश जैसा महसूस करते हैं
- अभ्यास के अंत में शांति से करने पर मन को शांत करता है और सांस धीमी करता है
- सर्वांगासन और कर्णपीड़ासन के लिए ज़रूरी नियंत्रण बनाता है
- गर्दन को अच्छा सहारा मिलने पर जकड़ी हैमस्ट्रिंग के लिए उपयोगी खिंचाव
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- गर्दन की चोट, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस, डिस्क की समस्या या ऑस्टियोपोरोसिस — इसे छोड़ दें या पहले फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
- हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, ग्लूकोमा, रेटिना का अलग होना या स्ट्रोक का इतिहास
- गर्भावस्था, मिर्गी, माइग्रेन का दौरा, या सर्दी-ज़ुकाम, कान या साइनस का संक्रमण
- स्लिप डिस्क या साइटिका जो आगे झुकने पर बढ़ जाती है
- कई शिक्षक पीरियड्स के ज़्यादा रक्तस्राव वाले दिनों में उल्टे आसन छोड़ने की सलाह देते हैं; भरे पेट न करें
किन स्वास्थ्य समस्याओं में यह आसन किया जाता है
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हलासन स्टेप बाय स्टेप कैसे करें?
मुड़े हुए कंबलों पर कंधे रखकर लेटें, कूल्हों को कंधों के ऊपर उठाएं, फिर सीधे पैरों को सिर के ऊपर से नीचे लाएं जब तक पंजे ज़मीन या कुर्सी को न छू लें। सिर स्थिर रखें और धीरे सांस लें। एक-एक कशेरुका करके नीचे आएं।
क्या हलासन सबके लिए सुरक्षित है?
नहीं। इसमें गर्दन पर भार आता है, इसलिए गर्दन की चोट, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा, हृदय रोग या गर्भावस्था में इसे न करें। स्वस्थ शुरुआती लोग कंबलों का ढेर और सिर के पीछे कुर्सी इस्तेमाल करें।
अगर हलासन में मेरे पैर ज़मीन तक न पहुंचें तो?
उन्हें कुर्सी, ब्लॉक या बोल्स्टर पर टिकाएं। पंजों को ज़बरदस्ती नीचे न करें, इससे कूल्हे पीछे खिंचते हैं और गर्दन पर वज़न आता है।
हलासन कितनी देर करना चाहिए?
30 सेकंड से शुरू करें और 1–3 मिनट तक बढ़ाएं। इसके बाद लगभग आधे समय तक मत्स्यासन करें।
क्या बच्चे हलासन कर सकते हैं?
हां, थोड़ी देर के लिए और नरम मैट पर। बच्चे अक्सर लचीले होते हैं, लेकिन बच्चे के पैरों या पीठ को कभी दबाएं नहीं।
क्या हलासन कमर दर्द के लिए अच्छा है?
यह जकड़ी ऊपरी पीठ को आराम दे सकता है, लेकिन डिस्क की समस्या या साइटिका में यह अच्छा विकल्प नहीं है। कमर दर्द हो तो हल्के आसन चुनें और फिज़ियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
हलासन नाम कैसे पड़ा और इसके मुख्य फायदे क्या हैं?
यह नाम "हल" शब्द से आया है, क्योंकि इस आसन में शरीर का आकार खेत जोतने वाले हल जैसा दिखता है। हलासन के मुख्य फायदे हैं रीढ़ और हैमस्ट्रिंग में खिंचाव और मन की शांति।
क्या पीरियड्स के दौरान हलासन कर सकते हैं?
कई शिक्षक ज़्यादा रक्तस्राव वाले दिनों में उल्टे आसन छोड़ने की सलाह देते हैं। दीवार पर पैर टिकाने वाला आसन या सुप्त बद्ध कोणासन आरामदायक विकल्प हैं।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








