सूचिरंध्रासन (आई ऑफ द नीडल पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पीठ के बल लेट जाएं, घुटने मोड़ें और पैरों के तलवे ज़मीन पर कूल्हों जितनी दूरी पर रखें।
- बाएं टखने को दाईं जांघ पर, घुटने से ठीक नीचे रखें। बाएं पंजे को मोड़कर रखें ताकि उंगलियां पिंडली की ओर रहें।
- दाएं पैर को ज़मीन से उठाएं और दाईं जांघ को अपनी ओर लाएं।
- बाएं हाथ को दोनों पैरों के बीच की जगह से निकालें और दाएं हाथ को बाहर की ओर से लाएं। दोनों हाथों को दाईं जांघ के पीछे पकड़ लें।
- दाईं जांघ को धीरे से छाती की ओर खींचें और बाएं घुटने को अपने से दूर खुलने दें। सिर, कंधे और कमर मैट पर टिके रहें।
- लगभग 45 सेकंड रुकें और बाएं कूल्हे के बाहरी हिस्से और नितंब में धीमी सांस महसूस करें।
- हाथ छोड़ें, दोनों पैर ज़मीन पर रखें और पैरों को अलग करें। अब दाएं टखने को बाईं जांघ पर रखकर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- कूल्हे के बाहरी हिस्से और नितंब (ग्लूटियल और पिरिफॉर्मिस मांसपेशियों) को स्ट्रेच करता है
- देर तक बैठने, दौड़ने और साइकिल चलाने से आई जकड़न कम करता है
- पिजन पोज़ का हल्का, सहारे वाला विकल्प, जिसमें घुटने पर वज़न नहीं आता
- जकड़े कूल्हों से जुड़ी कमर की तकलीफ में आराम दे सकता है
- क्लास के अंत में या सोने से पहले करने के लिए काफी आरामदायक
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- मोड़े हुए पैर के घुटने में दर्द या चोट — पंजा मोड़कर रखें और टखने को घुटने से थोड़ा दूर रखें, या यह आसन न करें
- हिप रिप्लेसमेंट — अपने सर्जन से पूछें; पैर क्रॉस करने और कूल्हे को गहराई से मोड़ने पर रोक हो सकती है
- गर्भावस्था के बाद के महीने — देर तक पीठ के बल न लेटें; इसकी जगह कुर्सी पर बैठकर फिगर-फोर स्ट्रेच करें
- कूल्हे के जोड़ या जांघ के जोड़ (ग्रोइन) में तेज़ दर्द — स्ट्रेच कम करें या रुक जाएं
- अगर आसन में साइटिका का दर्द बढ़े — रुक जाएं और अपने फिजियोथेरेपिस्ट से पूछें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सूचिरंध्रासन करने का तरीका क्या है?
पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें। एक टखने को दूसरी जांघ पर रखें, नीचे वाले पैर को उठाएं और दोनों हाथों से उस जांघ के पीछे पकड़ें। पैरों को धीरे से अपनी ओर खींचें, लगभग 45 सेकंड रुकें और फिर दूसरी तरफ करें।
सूचिरंध्रासन के फायदे क्या हैं?
यह कूल्हे के बाहरी हिस्से और नितंब, जिसमें पिरिफॉर्मिस भी शामिल है, को स्ट्रेच करता है, बैठने और खेलकूद से आई जकड़न कम करता है, और जकड़े कूल्हों से जुड़ी कमर की अकड़न में राहत दे सकता है।
क्या आई ऑफ द नीडल और रिक्लाइंड पिजन एक ही हैं?
हां। आई ऑफ द नीडल (सूचिरंध्रासन), रिक्लाइंड पिजन और सुपाइन फिगर-फोर, ये सब लेटकर किए जाने वाले एक ही हिप स्ट्रेच के नाम हैं।
क्या आई ऑफ द नीडल और थ्रेड द नीडल एक ही हैं?
नहीं। थ्रेड द नीडल हाथों और घुटनों के बल किया जाता है और ऊपरी पीठ व कंधों को स्ट्रेच करता है। आई ऑफ द नीडल पीठ के बल लेटकर किया जाता है और कूल्हों को स्ट्रेच करता है।
सूचिरंध्रासन में घुटने में खिंचाव क्यों महसूस होता है?
हो सकता है मोड़ा हुआ टखना घुटने के बहुत पास हो या पंजा मुड़ा न हो। पंजा मोड़ें, टखने को दूसरे कूल्हे की ओर खिसकाएं और पैरों को कम खींचें।
क्या सूचिरंध्रासन साइटिका में फायदेमंद है?
यह नितंब की उस जकड़न को कम कर सकता है जो साइटिका जैसे दर्द का कारण बनती है। अगर दर्द पैर में नीचे फैले तो रुक जाएं और फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








