सुप्त वज्रासन (रिक्लाइंड थंडरबोल्ट पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- वज्रासन में बैठें: घुटने मिलाकर घुटनों के बल आएं और एड़ियों पर बैठें, पैरों का ऊपरी हिस्सा मैट पर सपाट।
- हाथ पैरों के पास ज़मीन पर रखें। धीरे-धीरे पीछे झुकें और एक कोहनी, फिर दूसरी ज़मीन पर टिकाएं।
- घुटने मिले हुए और ज़मीन पर रखें। अगर घुटने उठें तो कोहनियों पर ही रुकें; अभी यही आपका आसन है।
- अगर आराम लगे तो कोहनियां आगे सरकाएं और पीठ व सिर को एक-एक हिस्सा करके ज़मीन पर लाएं।
- हाथ घुटनों के पास जांघों पर रखें, या बाहें मोड़कर सिर के ऊपर रखें। पेट ढीला छोड़ें और नाक से धीरे सांस लें।
- 15–30 सेकंड (3–6 सांस) तक रुकें। कमर को तेज़ी से धनुषाकार न होने दें।
- ऊपर आने के लिए एक-एक करके कोहनियों पर, फिर हाथों पर दबाव डालें और वापस वज्रासन में आएं। टांगें सामने फैलाएं और हल्के से हिलाएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- जांघों के अगले हिस्से (क्वाड्रिसेप्स) और हिप फ्लेक्सर को गहरा खिंचाव देता है
- पेट की दीवार को खींचता है और छाती खोलता है
- टखनों और पैरों के अगले हिस्से को खींचता है
- नीचे जाने और ऊपर उठने को नियंत्रित करने वाली कमर की मांसपेशियों को मज़बूत करता है
- पेट से गहरी सांस लेने में मदद कर सकता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- घुटने की चोट, मेनिस्कस फटना या नी रिप्लेसमेंट — न करें; कुशन पर सीधे वज्रासन में बैठें, या घुटनों के बल वाले आसन छोड़ दें
- टखने की चोट — ठीक होने तक न करें
- स्लिप डिस्क, स्पॉन्डिलोलिस्थेसिस या कमर का तेज़ दर्द — न करें; पीछे लेटने से कमर पर दबाव पड़ सकता है
- गर्दन की समस्या — सिर के पिछले हिस्से को मुड़े कंबल पर रखें और सिर के ऊपरी हिस्से पर न टिकें
- गर्भावस्था, हर्निया या पेट की हाल की सर्जरी — न करें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सुप्त वज्रासन का अर्थ क्या है?
सुप्त का अर्थ है लेटा हुआ और वज्र का अर्थ है वज्र या बिजली। सुप्त वज्रासन वज्रासन का लेटकर किया जाने वाला रूप है, जिसमें पीठ और सिर ज़मीन पर रहते हैं।
सुप्त वज्रासन के फायदे क्या हैं?
यह जांघों के अगले हिस्से, हिप फ्लेक्सर, पेट, छाती और टखनों को खींचता है, और नीचे जाने को नियंत्रित करने वाली कमर की मांसपेशियों पर काम करता है।
क्या सुप्त वज्रासन शुरुआत करने वालों के लिए सुरक्षित है?
शुरुआती लोग पहले वज्रासन का अभ्यास करें और फिर केवल कोहनी वाला चरण या बोल्स्टर वाला रूप करें। पूरा आसन कठिन स्तर का है।
पीछे लेटने पर मेरे घुटने क्यों उठ जाते हैं?
आपकी जांघें पूरे आसन के लिए अभी बहुत कसी हुई हैं। कोहनियों पर रुकें या बोल्स्टर पर पीछे लेटें, जब तक घुटने नीचे न टिके रहें।
सुप्त वज्रासन किसे नहीं करना चाहिए?
घुटने, टखने, कमर या गर्दन की समस्या में, गर्भावस्था के दौरान, और पेट की सर्जरी के बाद या हर्निया में इसे न करें।
सुप्त वज्रासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
शुरुआत में 15–30 सेकंड रुकें। कोहनियों की मदद से धीरे-धीरे ऊपर आएं, फिर टांगें फैलाएं।
सुप्त वज्रासन और सुप्त वीरासन में क्या अंतर है?
सुप्त वज्रासन में पीछे लेटने से पहले आप एड़ियों पर बैठते हैं। सुप्त वीरासन में कूल्हे दोनों पैरों के बीच ज़मीन पर टिकते हैं।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








