सर्पासन (स्नेक पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पेट के बल लेटें, पैर आपस में मिले हुए और पैरों का ऊपरी हिस्सा मैट पर रखें। ठुड्डी या माथा ज़मीन पर टिकाएं।
- हाथों को पीछे ले जाएं, उंगलियों को आपस में फंसाएं और बंधे हाथों को कमर के निचले हिस्से या नितंबों पर रखें।
- पैरों के ऊपरी हिस्से और प्यूबिक बोन को हल्का सा मैट में दबाएं। पैरों को पीछे की ओर लंबा करें।
- सांस लेते हुए सिर, छाती और कंधे ज़मीन से उठाएं और बंधे हाथों को पैरों की ओर पीछे खींचें। उठाने का काम सिर्फ कमर की मांसपेशियां करें।
- पैर मैट पर रहें, गर्दन लंबी और नज़र सामने रखें। कंधे की हड्डियों को हल्का सा आपस में दबाएं।
- 2–4 सांसों (10–15 सेकंड) तक रुकें। अगर हो सके तो बंधे हाथों को कमर से थोड़ा ऊपर उठाएं।
- सांस छोड़ते हुए छाती और सिर नीचे लाएं, हाथ खोलें और बांहें बगल में रखकर आराम करें। 2–3 बार दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- बांहों की मदद के बिना ऊपरी और निचली कमर व नितंबों की मांसपेशियों को मज़बूत करता है
- छाती खोलता है और कंधों के अगले हिस्से में खिंचाव देता है
- डेस्क के काम, ड्राइविंग और फोन इस्तेमाल से गोल हुए कंधों के असर को कम करता है
- कमर की वह ताकत बनाता है जिससे भुजंगासन, शलभासन और धनुरासन आसान होते हैं
- बच्चों के लिए खेल जैसा, कम जोखिम वाला बैकबेंड
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- पहली तिमाही के बाद गर्भावस्था — पेट के बल न लेटें
- हाल की पेट की सर्जरी, हर्निया या पेप्टिक अल्सर
- कमर का तेज़ दर्द, स्पॉन्डिलोलिस्थेसिस या डिस्क की चोट जो बैकबेंड में बढ़ती हो — अपने फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
- कंधे की चोट — हाथ बांधने के बजाय उन्हें कमर पर टिकाए रखें या स्ट्रैप पकड़ें
- अगर कमर में चुभन, गर्दन में खिंचाव या पैर में नीचे दर्द हो तो रुक जाएं
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सर्पासन के फायदे क्या हैं?
सर्पासन ऊपरी और निचली कमर व नितंबों को मज़बूत करता है, छाती और कंधे खोलता है और झुककर बैठने की आदत कम करने में मदद करता है। यह भुजंगासन, शलभासन और धनुरासन के लिए ज़रूरी कमर की ताकत भी बनाता है।
सर्पासन और भुजंगासन में क्या अंतर है?
भुजंगासन में हाथ कंधों के नीचे होते हैं और उठने में मदद करते हैं। सर्पासन में हाथ पीछे बंधे रहते हैं, इसलिए सारा काम कमर की मांसपेशियां करती हैं और कंधे ज़्यादा खुलते हैं।
सर्पासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
2–4 सांस (10–15 सेकंड) रुकें और बीच में आराम के साथ 2–3 बार दोहराएं।
क्या कमर के निचले हिस्से के दर्द में सर्पासन अच्छा है?
अगर कमर कमज़ोर या अकड़ी हो तो एक बड़े कार्यक्रम के हिस्से के रूप में यह मदद कर सकता है। दर्द के तेज़ दौर में इसका अभ्यास न करें, और दर्द तेज़ हो या पैर में नीचे फैले तो रुक जाएं।
क्या बच्चे सर्पासन कर सकते हैं?
हां। बच्चों को छाती उठाते समय सांप की तरह फुफकारना बहुत पसंद आता है। होल्ड छोटे और खेल जैसे रखें।
सर्पासन किसे नहीं करना चाहिए?
गर्भवती महिलाएं (पहली तिमाही के बाद), जिनकी हाल में पेट की सर्जरी हुई हो, जिन्हें हर्निया या पेप्टिक अल्सर हो, या जिन्हें कमर या कंधे की ताज़ा चोट हो।
सर्पासन नाम का अर्थ क्या है?
“सर्प” का अर्थ है सांप। सर्पासन भुजंगासन (कोबरा पोज़) का ही एक रूप है।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








