अर्ध पद्मासन (हाफ लोटस पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- मोड़े हुए कंबल पर बैठें और दोनों पैर सामने सीधे फैलाएं। पहले कूल्हों को कुछ हल्के गोल घुमावों से वार्म-अप करें।
- दायां घुटना मोड़ें और दाएं पैर को सुखासन की तरह बाएं घुटने या जांघ के नीचे ज़मीन पर रखें।
- बाएं घुटने को बगल की ओर मोड़ें। दोनों हाथों से बायां पैर और टखना पकड़ें और कूल्हे से हिलाते हुए पूरी पिंडली उठाएं।
- बाएं पैर को दाईं जांघ पर ऊपर, कूल्हे की सिलवट के पास रखें, तलवा ऊपर की ओर। टखना सीधा रखें, बगल में मुड़ा हुआ नहीं।
- बाएं घुटने को ज़मीन की ओर टिकने दें। अगर वह बहुत ऊपर उठा रहे या दर्द हो, तो पैर वापस नीचे करें या घुटने के नीचे ब्लॉक रखें।
- हाथ घुटनों पर रखें, रीढ़ लंबी करें और 30 सेकंड से 2 मिनट तक शांति से सांस लें।
- हाथों से बायां पैर नीचे उतारें, दोनों पैर फैलाएं और झटकें। अब दाएं पैर को बाईं जांघ पर रखकर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- कूल्हों को धीरे से खोलता है और पूर्ण पद्मासन के लिए तैयार करता है
- ध्यान और सांस के अभ्यास के लिए स्थिर, सीधा आसन देता है
- घुटनों, टखनों और पैरों के ऊपरी हिस्से में खिंचाव लाता है
- पूर्ण पद्मासन से घुटनों के लिए कहीं आसान, इसलिए ज़्यादा लोगों के लिए उपयुक्त
- एक बार में एक तरफ पर काम करने और दोनों कूल्हों का अंतर समझने का मौका देता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- घुटने की कोई भी चोट, मेनिस्कस फटना या घुटना बदलवाया हो — इसकी जगह सुखासन करें
- टखने की चोट या उठाए गए पैर के टखने के बाहरी हिस्से में दर्द
- कूल्हा बदलवाया हो, कूल्हे में दर्द या साइटिका का बढ़ा दर्द — पहले अपने फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
- गर्भावस्था — उठाया पैर पेट के निचले हिस्से पर दबता है; गद्दी पर सुखासन ज़्यादा आरामदायक है
- घुटने के अंदर तेज़ दर्द हो तो रुक जाएं; खिंचाव कूल्हे में होना चाहिए, घुटने में नहीं
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अर्ध पद्मासन क्या है?
अर्ध पद्मासन (हाफ लोटस पोज़) बैठकर किया जाने वाला आसन है, जिसमें एक पैर विपरीत जांघ के ऊपर और दूसरा पैर घुटने के नीचे ज़मीन पर रहता है। यह ध्यान का आम आसन है और पूर्ण पद्मासन की तैयारी भी।
अर्ध पद्मासन के फायदे क्या हैं?
यह कूल्हे खोलता है, ध्यान और सांस के अभ्यास के लिए स्थिर सीधा आसन देता है, घुटनों व टखनों में खिंचाव लाता है और आपको पूर्ण पद्मासन के लिए तैयार करता है।
क्या अर्ध पद्मासन पूर्ण पद्मासन से आसान है?
हां। एक बार में सिर्फ एक घुटना घूमता है, इसलिए घुटनों पर दबाव बहुत कम होता है। ज़्यादातर लोग पूर्ण पद्मासन से बहुत पहले अर्ध पद्मासन सीख लेते हैं — और कुछ पूर्ण पद्मासन तक कभी नहीं पहुंचते।
घुटने में दर्द के बिना अर्ध पद्मासन कैसे करें?
कूल्हों को वार्म-अप करें, कंबल पर बैठें, पूरे पैर को कूल्हे से हिलाते हुए उठाएं और उसे कूल्हे की सिलवट में ऊपर रखें। घुटने के अंदर ज़रा भी दर्द हो तो रुक जाएं।
अर्ध पद्मासन में कितनी देर बैठना चाहिए?
हर तरफ 30 सेकंड से एक मिनट से शुरू करें और ध्यान के लिए धीरे-धीरे 10–20 मिनट तक बढ़ाएं, हमेशा पैर बदलते रहें।
अर्ध पद्मासन किसे नहीं करना चाहिए?
घुटने, टखने या कूल्हे की चोट, घुटना या कूल्हा बदलवाए लोग, साइटिका के बढ़े दर्द वाले लोग और गर्भवती महिलाएं। इसकी जगह सुखासन चुनें।
खड़े होकर अर्ध पद्मासन क्या है?
यह संतुलन का आसन है, जिसमें आप एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर को खड़ी जांघ पर अर्ध पद्मासन में रखते हैं, जैसे अर्ध बद्ध पद्म वृक्षासन में। इसके लिए अच्छा संतुलन और खुले कूल्हे चाहिए।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








