अर्ध मत्स्येन्द्रासन (हाफ लॉर्ड ऑफ द फिशेस पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- दोनों पैर सामने सीधे फैलाकर बैठें। अगर कमर गोल हो जाए तो मुड़े हुए कंबल पर बैठें।
- दायां घुटना मोड़ें और दाएं पैर को ज़मीन पर मोड़कर रखें ताकि दाईं एड़ी बाएं कूल्हे के पास आए। शुरुआत करने वाले दायां पैर सीधा भी रख सकते हैं।
- बायां घुटना मोड़ें, बाएं पंजे को दाईं जांघ के ऊपर से पार करें और दाएं घुटने के बाहर ज़मीन पर सपाट रखें।
- बायां हाथ पीठ के पास, पीछे ज़मीन पर रखें। सांस लेते हुए सीधे बैठें।
- सांस छोड़ते हुए बाईं ओर मुड़ें — पहले पेट, फिर पसलियां, फिर कंधे। दाईं कोहनी को बाएं घुटने के बाहर फंसाएं और अग्रबाहु ऊपर की ओर रखें, या बस घुटने को बांहों में भरें।
- बाएं कंधे के ऊपर से उतना ही देखें जितना गर्दन को आराम रहे। 3–6 सांसों (लगभग 30 सेकंड) तक रुकें: सांस लेते समय लंबे हों, सांस छोड़ते समय थोड़ा और मुड़ें।
- सांस लेते हुए धीरे से सामने की ओर वापस आएं, पैर सीधे करें और दूसरी ओर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- पूरी रीढ़ को घुमाता है और पीठ की छोटी मांसपेशियों को गतिशील रखता है
- ऊपर वाले पैर के बाहरी कूल्हे और नितंब (ग्लूटियस मीडियस और पिरिफॉर्मिस) को खींचता है
- सीधे बैठकर मुड़ने से छाती और कंधे खुलते हैं
- पेट को हल्का दबाता और छोड़ता है; पारंपरिक रूप से पाचन में सहायता और कब्ज़ के योग अभ्यास में किया जाता है
- मधुमेह और सांस के लिए पारंपरिक योग कार्यक्रमों में, दूसरे आसनों और जीवनशैली बदलावों के साथ शामिल
- घंटों एक ही स्थिति में बैठने से आई अकड़न को कम करता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- गर्भावस्था — गहरे बंद ट्विस्ट न करें; उठे हुए घुटने से दूर मुड़ने वाला हल्का खुला ट्विस्ट करें, या इसे छोड़ दें
- डिस्क हर्निएशन, साइटिका या कमर में तेज़ दर्द — रीढ़ सीधी रखकर बहुत कम मुड़ें, और पहले अपने फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
- ऑस्टियोपोरोसिस — ज़ोर लगाकर या गहरा ट्विस्ट न करें, खासकर गोल पीठ के साथ
- हाल की पेट, हर्निया या रीढ़ की सर्जरी — जब तक डॉक्टर सुरक्षित न कहें, न करें
- घुटने या कूल्हे की समस्या — नीचे वाला पैर सीधा रखें और कंबल पर बैठें
- पीठ में तेज़ या चुभने वाला दर्द हो, या दर्द पैर में नीचे फैले, तो रुक जाएं
किन स्वास्थ्य समस्याओं में यह आसन किया जाता है
Diabetes · High Cholesterol · Fatty Liver · Asthma · Digestion · Constipation
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अर्ध मत्स्येन्द्रासन के फायदे क्या हैं?
यह रीढ़ को घुमाता और गतिशील बनाता है, बाहरी कूल्हों को खींचता है और छाती खोलता है। पारंपरिक रूप से इसे पाचन में सहायता के लिए किया जाता है और यह कब्ज़ व मधुमेह के योग अभ्यास का हिस्सा है, दूसरे आसनों, आहार और डॉक्टर के बताए इलाज के साथ।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
हर तरफ लगभग 20–40 सेकंड, या 3–6 धीमी सांस। हमेशा दोनों तरफ करें।
क्या बैठकर किया जाने वाला ट्विस्ट कमर दर्द में अच्छा है?
रोज़मर्रा की अकड़न में हल्का ट्विस्ट अक्सर मदद करता है। डिस्क की समस्या, साइटिका या दर्द बढ़ा हुआ हो तो बहुत कम मुड़ें या इसे छोड़ दें और फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें।
मत्स्येन्द्रासन और अर्ध मत्स्येन्द्रासन में क्या अंतर है?
पूर्ण मत्स्येन्द्रासन में नीचे वाला पैर अर्ध पद्मासन में पेट से लगा रहता है, जिसके लिए कूल्हे और घुटने बहुत खुले होने चाहिए। अर्ध मत्स्येन्द्रासन में नीचे वाला पैर ज़मीन पर मुड़ा रहता है।
क्या अर्ध मत्स्येन्द्रासन और वक्रासन एक ही हैं?
नहीं। वक्रासन आसान ट्विस्ट है, जिसमें नीचे वाला पैर सीधा रहता है और हाथ सहारा देते हैं। यह अर्ध मत्स्येन्द्रासन की अच्छी तैयारी है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन किसे नहीं करना चाहिए?
गर्भावस्था में, पेट या रीढ़ की सर्जरी के बाद, हर्निया में और डिस्क या कमर की तेज़ समस्या के दौरान इसे न करें। ऑस्टियोपोरोसिस में हल्का मुड़ें और डॉक्टर से पूछें।
क्या कुर्सी पर बैठकर स्पाइनल ट्विस्ट कर सकते हैं?
हां। पैर ज़मीन पर सपाट रखकर सीधे बैठें, कुर्सी का किनारा या पीठ पकड़ें और पेट से मुड़ें। ऑफिस डेस्क पर या ज़मीन पर बैठना मुश्किल हो तो यह अच्छा विकल्प है।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








