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Matsyasana

मत्स्यासन (फिश पोज़): करने का तरीका, फायदे और सहारे वाला रूप

मत्स्यासन लेटकर किया जाने वाला बैकबेंड है, जो छाती को ऊपर उठाकर खोलता है। 3D गाइड को इसमें जाते देखें, फिर नीचे दिए स्टेप्स और सहारों से वह रूप चुनें जो आपकी गर्दन के अनुकूल हो।

  • स्तरमध्यम
  • कितनी देर रुकें20 s
मत्स्यासन (फिश पोज़)

मत्स्यासन (फिश पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप

  1. पीठ के बल लेटें, पैर सीधे और मिले हुए, हाथ बगल में, हथेलियां नीचे।
  2. कूल्हों को थोड़ा उठाकर हथेलियां नीचे की ओर करके नितंबों के नीचे खिसकाएं। कोहनियों को शरीर के पास लाएं।
  3. कोहनियों और बाजुओं को मैट पर मज़बूती से दबाएं। सांस लेते हुए छाती को छत की ओर उठाएं और पीठ के ऊपरी हिस्से को मोड़ें।
  4. सिर को धीरे-धीरे पीछे झुकने दें जब तक सिर का ऊपरी हिस्सा मैट को हल्का सा न छुए। ज़्यादातर वज़न बाजुओं पर रहे, सिर पर नहीं।
  5. पैरों को सक्रिय रखें और पंजे ऊपर की ओर। छाती में धीरे-धीरे सांस भरें।
  6. 3–5 सांसों (15–30 सेकंड) तक रुकें। अगर गर्दन पर ज़रा भी ज़ोर लगे तो सिर वापस उठाएं या उसके नीचे ब्लॉक रखें।
  7. बाहर आने के लिए कोहनियों पर दबाव डालें, सिर उठाएं, ठोड़ी अंदर करें और पीठ मैट पर लाएं। कुछ सांसों तक घुटने छाती से लगाएं।

फायदे और सावधानियां

फायदे

  • छाती, कंधों के आगे के हिस्से और गर्दन के आगे के हिस्से को स्ट्रेच करता है
  • पीठ के ऊपरी हिस्से और गर्दन के पीछे की मांसपेशियों को मज़बूत करता है
  • डेस्क और फोन के इस्तेमाल से झुके कंधों को संतुलित करता है
  • पसलियों का पिंजरा खोलता है, जिससे गहरी सांस लेना आसान लगता है
  • सहारे वाला रूप छाती खोलने वाला आरामदायक और शांत करने वाला आसन है
  • गर्दन को संतुलित करने के लिए परंपरागत रूप से सर्वांगासन के बाद किया जाता है

इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें

  • गर्दन की चोट, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस या सिर पीछे झुकाने पर चक्कर — सिर उठाकर रखें या ब्लॉक लें
  • हाई या लो ब्लड प्रेशर और माइग्रेन — सिर ऊंचा रखकर सहारे वाला रूप करें, या यह आसन छोड़ दें
  • हाल ही में कमर, गर्दन या पेट की सर्जरी
  • गर्भावस्था — डॉक्टर या मिडवाइफ से पूछें; पूरा बैकबेंड न करें और पहली तिमाही के बाद ज़्यादा देर सीधे पीठ के बल न लेटें
  • कमर के निचले हिस्से में चुभन या बाजुओं में झुनझुनी हो तो रुक जाएं

किन स्वास्थ्य समस्याओं में यह आसन किया जाता है

Thyroid · Hormonal Balance · Asthma · Snoring and Sleep Apnea · Cold and Cough · Sinusitis and Allergies · Immunity · Glowing Skin and Acne

पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मत्स्यासन के क्या फायदे हैं?

मत्स्यासन छाती, कंधों के आगे के हिस्से और गर्दन को स्ट्रेच करता है, पीठ के ऊपरी हिस्से को मज़बूत करता है और झुके कंधों को ठीक करने में मदद करता है। बहुत से लोगों को इसके बाद सांस भी गहरी लगती है।

शुरुआती लोग सहारे वाला मत्स्यासन कैसे करें?

कंधे की हड्डियों (शोल्डर ब्लेड) के नीचे एक ब्लॉक बीच वाली ऊंचाई पर रखें और सिर के नीचे दूसरा ब्लॉक, एक लेवल ऊंचा। पीछे लेटें, हाथ खुले छोड़ दें और 2–5 मिनट तक धीरे-धीरे सांस लें।

मत्स्यासन कितनी देर करना चाहिए?

सक्रिय रूप में 15–30 सेकंड (3–5 सांसें) रुकें। सहारे वाले रूप में 2–5 मिनट तक रुक सकते हैं।

क्या मत्स्यासन गर्दन के लिए सुरक्षित है?

तभी, जब सिर पर लगभग कोई वज़न न हो। वज़न बाजुओं पर रखें, और अगर गर्दन में दर्द या चोट है तो सिर उठाकर रखें या ब्लॉक का सहारा दें।

मत्स्यासन सर्वांगासन के बाद क्यों किया जाता है?

सर्वांगासन में गर्दन आगे मुड़ती है और छाती सिकुड़ती है। मत्स्यासन में गर्दन धीरे से पीछे मुड़ती है और छाती खुलती है, इसलिए यह उसका असर संतुलित करता है।

मत्स्यासन से शरीर पर क्या असर होता है?

मत्स्यासन छाती और कंधों को खोलता है, पीठ के ऊपरी हिस्से को मज़बूत करता है और सांस गहरी करने में मदद करता है।

यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।

Fish Pose
घुमाने के लिए खींचें · रीसेट के लिए दो बार टैप करें
मत्स्यासन (फिश पोज़) का अभ्यासआसन: 1
चलाएँ दबाइए। गाइड हर आसन 3D में दिखाता है और बोलकर समझाता है। आकृति को उँगली या माउस से घुमाइए।
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