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Ardha Halasana

अर्ध हलासन (हाफ प्लो पोज़): विधि, फायदे और सावधानियां

अर्ध हलासन में कूल्हे कंधों के ऊपर उठते हैं और सीधे पैर ज़मीन के समानांतर रहते हैं, यानी पूर्ण हलासन का आधा रास्ता। 3D गाइड में बगल से आकार देखें, फिर अपनी गति से स्टेप्स अपनाएं।

  • स्तरमध्यम
  • कितनी देर रुकें30 s
अर्ध हलासन (हाफ प्लो पोज़)

अर्ध हलासन (हाफ प्लो पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप

  1. मुड़े हुए कंबल पर पीठ के बल ऐसे लेटें कि कंधे कंबल पर और सिर मैट पर हो। बाजुएं बगल में, हथेलियां नीचे।
  2. घुटने मोड़ें, फिर हथेलियों को नीचे दबाकर कूल्हों को ऊपर झुलाएं, पीठ को मैट से लुढ़काते हुए उठाएं जब तक कूल्हे कंधों के ऊपर न आ जाएं। ज़रूरत हो तो हाथों से पीठ को सहारा दें।
  3. पैरों को सीधा करें और सिर के ऊपर से तब तक नीचे लाएं जब तक वे ज़मीन के समानांतर न हो जाएं, कूल्हों पर समकोण बने।
  4. बाजुओं को पीठ के पीछे मैट पर लंबा फैलाएं, या सहारे के लिए हाथ पीठ पर ही रखें।
  5. गर्दन स्थिर और ढीली रखें, ठुड्डी और छाती के बीच जगह रहे। पेट में धीरे-धीरे सांस लें।
  6. 5–6 सांस (लगभग 30 सेकंड) तक रुकें।
  7. बाहर आने के लिए घुटने मोड़ें, हाथ मैट पर रखें और एक-एक कशेरुका करके नीचे लुढ़कें। घुटने मोड़कर पीठ के बल आराम करें।

फायदे और सावधानियां

फायदे

  • हैमस्ट्रिंग, रीढ़ के पिछले हिस्से और ऊपरी पीठ को खींचता है
  • पैरों को समानांतर थामे रखने वाली पेट की मांसपेशियों को मज़बूत करता है
  • हलासन और सर्वांगासन सीखने का एक हल्का तरीका है
  • अभ्यास के अंत में शांति देने वाला लग सकता है
  • जिन लोगों को पीठ या गर्दन की समस्या नहीं है, उनकी रीढ़ को लंबे समय तक बैठने के बाद गतिशील बनाता है

इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें

  • गर्दन की चोट, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस, डिस्क की समस्या या ऑस्टियोपोरोसिस — इसे छोड़ दें या पहले फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
  • हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, ग्लूकोमा या रेटिना का अलग होना
  • गर्भावस्था, माइग्रेन का दौरा, या सर्दी-ज़ुकाम या साइनस का संक्रमण
  • तेज़ कमर दर्द, स्लिप डिस्क या साइटिका जो आगे झुकने पर बढ़ जाती है
  • भरे पेट न करें; कई लोग पीरियड्स के दौरान उल्टे आसन छोड़ना पसंद करते हैं

पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अर्ध हलासन के फायदे क्या हैं?

यह हैमस्ट्रिंग और रीढ़ के पिछले हिस्से को खींचता है, पेट की मांसपेशियों को मज़बूत करता है और हलासन व सर्वांगासन की तैयारी का एक हल्का तरीका है। कई लोगों को यह अभ्यास के अंत में शांति देने वाला लगता है।

अर्ध हलासन और हलासन में क्या अंतर है?

अर्ध हलासन में पैर ज़मीन के समानांतर रहते हैं; हलासन में पंजे सिर के पीछे ज़मीन को छूते हैं, जिससे हैमस्ट्रिंग और गर्दन में कहीं ज़्यादा गहरा खिंचाव आता है।

अर्ध हलासन कितनी देर करना चाहिए?

20–30 सेकंड से शुरू करें और धीरे-धीरे लगभग एक मिनट तक बढ़ाएं। हमेशा एक-एक कशेरुका करके धीरे-धीरे नीचे आएं।

क्या अर्ध हलासन शुरुआती लोगों के लिए सुरक्षित है?

स्वस्थ शुरुआती लोगों के लिए हां, कंधों के नीचे मुड़ा कंबल रखकर और सिर घुमाए बिना। गर्दन की समस्या, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा या गर्भावस्था में इसे न करें।

क्या अर्ध हलासन का मतलब पैरों को 90 डिग्री तक उठाना है?

कुछ भारतीय कार्यक्रमों में अर्ध हलासन नाम उस आसन के लिए इस्तेमाल होता है जिसमें लेटकर, कूल्हे ज़मीन पर रखकर पैरों को 90 डिग्री तक उठाया जाता है। यहां दिखाए गए रूप में कूल्हे कंधों के ऊपर उठते हैं और पैर समानांतर रहते हैं, यानी पूर्ण हलासन का आधा रास्ता।

हलासन और अर्ध हलासन के फायदों में क्या फर्क है?

हलासन के फायदे: रीढ़ और जांघों के पीछे खिंचाव, पेट की मांसपेशियाँ मज़बूत, और मन शांत होता है। अर्ध हलासन के फायदे भी ऐसे ही हैं, बस यह ज़्यादा हल्का है।

यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।

Half Plow Pose
घुमाने के लिए खींचें · रीसेट के लिए दो बार टैप करें
अर्ध हलासन (हाफ प्लो पोज़) का अभ्यासआसन: 1
चलाएँ दबाइए। गाइड हर आसन 3D में दिखाता है और बोलकर समझाता है। आकृति को उँगली या माउस से घुमाइए।
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