एक पाद शीर्षासन (फुट-बिहाइंड-द-हेड पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पहले पूरी तरह वार्म-अप करें। दंडासन में दोनों पैर सीधे करके बैठें; अगर कमर गोल होती है तो मोड़े हुए कंबल पर बैठें।
- दायां पैर ज़मीन पर सीधा रखें। बायां घुटना मोड़ें, उसे बाहर की ओर घुमाएं और बाईं पिंडली को बांहों में झुलाएं, कूल्हा खोलने के लिए धीरे-धीरे हिलाएं।
- दोनों हाथों से बायां पैर या टखना पकड़ें और पूरे पैर को उठाएं, जांघ को कूल्हे से बाहर घुमाते हुए, जब तक पिंडली बाएं कंधे के पास न आ जाए।
- सिर और छाती को थोड़ा नीचे करें, बाएं कंधे को बाएं घुटने के नीचे सरकाएं, और निचले पैर को धीरे से गर्दन के पीछे ले जाएं, पंजा दाएं कंधे से आगे टिका रहे।
- धीरे-धीरे सिर और छाती उठाएं, सिर के पिछले हिस्से को पिंडली पर हल्का दबाएं ताकि पैर अपनी जगह रहे। दायां पैर सक्रिय और सीधा रखें।
- हथेलियों को छाती के सामने जोड़ें। 10–20 सेकंड (2–4 धीमी सांस) तक रुकें।
- दोनों हाथों से बायां पैर पकड़ें, उसे सिर के ऊपर से उठाएं और धीरे-धीरे ज़मीन पर रखें। आराम करें, फिर दाएं पैर को सिर के पीछे रखकर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- उठाए गए पैर की हैमस्ट्रिंग, नितंबों और कूल्हे के बाहरी हिस्से को गहराई से खींचता है
- गर्दन और पीठ की उन मांसपेशियों को मज़बूत करता है जो छाती को पैर के सामने उठाती हैं
- उन्नत बैठे आसनों और आर्म-बैलेंस में इस्तेमाल होने वाली कूल्हों की गतिशीलता बढ़ाता है
- धैर्य और स्थिर सांस मांगता है, जो मेहनत के समय भी शांत रहना सिखाता है
- उन्नत अभ्यास में दोनों पैर सिर के पीछे वाले आसनों और आर्म-बैलेंस के लिए तैयार करता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- शुरुआत करने वाले और जिनके कूल्हे और हैमस्ट्रिंग बहुत खुले नहीं हैं — केवल तैयारी वाले आसन करें
- गर्दन की समस्या, सर्वाइकल डिस्क रोग या व्हिपलैश — पैर गर्दन के पिछले हिस्से पर दबाव डालता है
- स्लिप डिस्क, साइटिका या सैक्रोइलियक (SI) जोड़ में दर्द
- कूल्हा प्रत्यारोपण, हिप लैब्रल टियर या घुटने की चोट — यह आसन न करें
- गर्भावस्था और ऑस्टियोपोरोसिस — यह आसन न करें
- जोड़ों में अत्यधिक लचीलापन (हाइपरमोबिलिटी) — यह आसन लिगामेंट को ज़रूरत से ज़्यादा खींच सकता है; रेंज के बजाय ताकत पर काम करें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पैर को सिर के पीछे रखने वाले आसन को क्या कहते हैं?
संस्कृत में इसे एक पाद शीर्षासन कहते हैं, यानी “एक पैर सिर तक”। दोनों पैर सिर के पीछे हों तो यह द्वि पाद शीर्षासन है, और दोनों पैरों वाला लेटा हुआ रूप योग निद्रासन है।
पैर सिर के पीछे रखने वाले आसन के फायदे क्या हैं?
यह हैमस्ट्रिंग, नितंबों और कूल्हे के बाहरी हिस्से को गहराई से खींचता है, गर्दन और पीठ को मज़बूत करता है, और उन्नत आसनों के लिए कूल्हों की गतिशीलता बढ़ाता है। यह कोई उपचारात्मक आसन नहीं है।
पैर को सिर के पीछे ले जाने में कितना समय लगता है?
यह हर व्यक्ति में बहुत अलग होता है। ज़्यादातर वयस्कों को नियमित कूल्हे और हैमस्ट्रिंग अभ्यास के महीनों या सालों लगते हैं, और कुछ लोग कूल्हे की हड्डी की बनावट के कारण कभी नहीं पहुंच पाते। यह सामान्य है, असफलता नहीं।
क्या एक पाद शीर्षासन खतरनाक है?
ज़बरदस्ती करने पर हो सकता है। मुख्य जोखिम गर्दन, कमर, घुटने और कूल्हे को है। इसे केवल बहुत खुले कूल्हों, गर्म शरीर और बिना दर्द के ही आज़माएं।
क्या एक पाद शीर्षासन सिर के बल खड़े होने वाला आसन है?
नहीं। “शीर्ष” का अर्थ है सिर, और अकेले शीर्षासन का मतलब सिर के बल खड़ा होना है, लेकिन एक पाद शीर्षासन एक पैर सिर के पीछे रखकर बैठने वाला कूल्हे खोलने का आसन है।
पैर सिर के पीछे रखने वाले आसन की अच्छी तैयारी क्या है?
फायर लॉग पोज़, बद्ध कोणासन, पैर को झुलाना (क्रेडलिंग), सुप्त पादांगुष्ठासन, पश्चिमोत्तानासन और कूर्मासन — कई हफ्तों तक नियमित अभ्यास के साथ।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








