मंडूकासन (सीटेड फ्रॉग पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- घुटनों के बल आकर वज्रासन में एड़ियों पर बैठें, घुटने मिले हुए, रीढ़ सीधी।
- दोनों हाथों की मुट्ठी बनाएं, अंगूठे उंगलियों के अंदर।
- दोनों मुट्ठियों को पेट पर नाभि के दोनों ओर रखें, पोर एक-दूसरे की ओर, और हल्के से अंदर दबाएं।
- सांस छोड़ें और कूल्हों से आगे झुकें, छाती को जांघों की ओर लाएं ताकि मुट्ठियां पेट में दबें।
- सिर ऊपर रखें और सामने देखें, गर्दन लंबी। नितंब एड़ियों पर ही रहें।
- 10–20 सेकंड (2–4 सांस) तक रुकें और हल्की सांस लेते रहें। ज़ोर न लगाएं।
- सांस लेते हुए धीरे-धीरे ऊपर आकर बैठें। हाथ जांघों पर ढीले रखें। दो-तीन बार दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- कमर और टखनों के अगले हिस्से को खींचता है
- सहारे वाली घुटनों की बैठक में घुटनों को हल्का मोड़ देता है
- मुट्ठियों पर आगे झुकते समय पेट की मांसपेशियों पर काम करता है
- परंपरागत रूप से पेट की मालिश और पाचन में सहायता के लिए किया जाता है
- जल्दी और आसान, रोज़ की दिनचर्या में जोड़ना सरल
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- पेट की हाल की सर्जरी, हर्निया या पेट का अल्सर — न करें
- गर्भावस्था — न करें; मुट्ठियां पेट पर दबती हैं
- घुटने या टखने की चोट — एड़ियों और नितंबों के बीच कुशन रखें, या कुर्सी पर बैठकर झुकें
- स्लिप डिस्क या कमर का तेज़ दर्द — आगे न झुकें या बहुत थोड़ा झुकें
- हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या ग्लूकोमा — कम देर झुकें और सिर को दिल से ऊपर रखें; पहले डॉक्टर से पूछें
- खाली पेट करें, खाने के दो से तीन घंटे बाद
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मंडूकासन का अर्थ क्या है?
मंडूकासन का अर्थ है मेंढक आसन (मंडूक यानी मेंढक)। अंग्रेज़ी में इसे फ्रॉग पोज़, सीटेड फ्रॉग पोज़ या सिटिंग फ्रॉग पोज़ कहते हैं।
मंडूकासन के फायदे क्या हैं?
यह कमर और टखनों को खींचता है, घुटनों को हल्का मोड़ देता है और पेट की मांसपेशियों पर काम करता है। परंपरागत रूप से इसे पाचन में सहायता के लिए किया जाता है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है।
क्या मंडूकासन डायबिटीज़ में फायदेमंद है?
इसे अक्सर डायबिटीज़ के योग कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है। नियमित योग इलाज के साथ मददगार हो सकता है, लेकिन कोई एक आसन अपने आप ब्लड शुगर कम नहीं करता। डॉक्टर की बताई दवाएं लेते रहें।
मंडूकासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
10–20 सेकंड रुकें और बीच में सीधे बैठकर थोड़ा आराम लेते हुए दो-तीन बार दोहराएं।
मंडूकासन किसे नहीं करना चाहिए?
गर्भावस्था में, पेट की सर्जरी के बाद, और हर्निया, पेट के अल्सर, घुटने या टखने की चोट या कमर के तेज़ दर्द में इसे न करें।
मंडूकासन और भेकासन में क्या अंतर है?
मंडूकासन घुटनों के बल बैठकर आगे झुकना है, जिसमें मुट्ठियां पेट पर दबती हैं। भेकासन पेट के बल लेटकर किया जाता है, जिसमें पैरों को कूल्हों के पास नीचे दबाया जाता है।
मंडूकासन करने का सबसे अच्छा समय कब है?
सुबह खाली पेट, या खाने के कम से कम दो से तीन घंटे बाद।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








