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Ardha Pincha Mayurasana

अर्ध पिंच मयूरासन (डॉल्फिन पोज़): करने का तरीका, फायदे और वेरिएशन

डॉल्फिन पोज़ कोहनियों पर किया जाने वाला अधोमुख श्वानासन है। 3D आकृति को अग्रबाहें नीचे दबाकर कूल्हे उठाते देखें, फिर अपनी गति से स्टेप्स अपनाएं।

  • स्तरमध्यम
  • कितनी देर रुकें30 s
अर्ध पिंच मयूरासन (डॉल्फिन पोज़)

अर्ध पिंच मयूरासन (डॉल्फिन पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप

  1. हाथों और घुटनों के बल शुरू करें। कोहनियों को ठीक कंधों के नीचे रखकर अग्रबाहों पर आएं, अग्रबाहें समानांतर और हथेलियां सपाट।
  2. पंजे अंदर मोड़ें। सांस छोड़ते हुए घुटने ज़मीन से उठाएं और कूल्हों को ऊपर और पीछे ले जाएं।
  3. अग्रबाहों को मैट पर मज़बूती से दबाएं और कंधों को कानों से दूर खींचें, ताकि छाती जांघों की ओर पीछे जाए।
  4. हैमस्ट्रिंग जितना अनुमति दें, पैर सीधे करें, फिर पैरों को कुछ कदम कोहनियों की ओर लाएं। पीठ लंबी रखें; गोल होने लगे तो घुटने मोड़ लें।
  5. सिर को ज़मीन पर टिकाए बिना ऊपरी बाहों के बीच ढीला लटकने दें। पैरों की ओर पीछे देखें।
  6. 20–45 सेकंड (4–8 सांस) तक रुकें, कोहनियों को बाहर फिसलने न दें।
  7. सांस छोड़ते हुए घुटने मैट पर रखें और बालासन में आराम करें।

फायदे और सावधानियां

फायदे

  • कंधों, ऊपरी पीठ और कोर में ताकत बढ़ाता है
  • अधोमुख श्वानासन की तरह हैमस्ट्रिंग और पिंडलियों में खिंचाव देता है
  • अधोमुख श्वानासन से कलाइयों के लिए आसान, क्योंकि वज़न अग्रबाहों पर रहता है
  • पिंच मयूरासन और शीर्षासन के लिए कंधों को तैयार करता है
  • एक मज़बूत आसन जो पूरे शरीर को जल्दी गर्म करता है
  • कूल्हे उठाते समय कंधों को स्थिर रखना सिखाता है

इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें

  • हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, ग्लूकोमा या रेटिना डिटैचमेंट — सिर दिल से नीचे रहता है; इससे बचें
  • कंधे या गर्दन में चोट — घुटने नीचे रखकर पपी वाला रूप करें या फिजियोथेरेपिस्ट से पूछें
  • माइग्रेन का दौरा, साइनस जकड़न या चक्कर — ठीक होने तक उलटे आसन न करें
  • गर्भावस्था का बाद का चरण — जब तक मिडवाइफ या डॉक्टर उलटे आसनों की अनुमति न दें, इससे बचें
  • सिर, आंखों या गर्दन में दबाव महसूस हो तो रुक जाएं

पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डॉल्फिन पोज़ के फायदे क्या हैं?

डॉल्फिन पोज़ कंधों, ऊपरी पीठ और कोर को मज़बूत करता है, हैमस्ट्रिंग और पिंडलियों में खिंचाव देता है, और पिंच मयूरासन व शीर्षासन की तैयारी कराता है। यह अधोमुख श्वानासन से कलाइयों के लिए आसान है।

डॉल्फिन पोज़ का संस्कृत नाम क्या है?

डॉल्फिन पोज़ का संस्कृत नाम अर्ध पिंच मयूरासन है, यानी "आधा पंखों वाला मोर आसन"। हिंदी में भी इसे अर्ध पिंच मयूरासन ही कहते हैं।

क्या डॉल्फिन पोज़ अधोमुख श्वानासन से कठिन है?

ज़्यादातर लोगों के लिए, हां। कंधों को ज़्यादा खुलना और स्थिर रहना पड़ता है, और टाइट हैमस्ट्रिंग के कारण पीठ लंबी रखना मुश्किल होता है।

डॉल्फिन पोज़ में कितनी देर रुकें?

20–45 सेकंड तक रुकें। शुरुआती लोग बीच में बालासन में आराम करते हुए दो-तीन छोटे अभ्यास कर सकते हैं।

डॉल्फिन में मेरा सिर ज़मीन पर क्यों लग जाता है?

आमतौर पर कंधे ढह जाते हैं। अग्रबाहों को मज़बूती से दबाएं, छाती को पैरों की ओर पीछे धकेलें और कूल्हे उठाने के लिए घुटने मोड़ें।

शुरुआती लोगों के लिए डॉल्फिन पोज़ करने का तरीका क्या है?

कोहनियों को कंधों के नीचे रखकर अग्रबाहों पर आएं, पंजे मोड़ें, कूल्हे उठाएं और पैर उतने ही पास लाएं जितने में पीठ लंबी रहे। शुरू में घुटने मुड़े या नीचे रखें; शुरुआती लोगों के कई योगासन इसी तरह शुरू होते हैं।

डॉल्फिन पोज़ किसे नहीं करना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, ग्लूकोमा, रेटिना डिटैचमेंट, माइग्रेन के दौरे या गर्दन या कंधे की चोट में इससे बचें। गर्भावस्था के बाद के चरण में पहले अपनी मिडवाइफ या डॉक्टर से पूछें।

क्या बच्चे डॉल्फिन पोज़ कर सकते हैं?

हां, बच्चों के योग में अक्सर डॉल्फिन पोज़ शामिल होता है। कम देर रुकवाएं, घुटने मोड़ने दें, और चक्कर आए तो न कराएं।

यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।

Dolphin Pose
घुमाने के लिए खींचें · रीसेट के लिए दो बार टैप करें
अर्ध पिंच मयूरासन (डॉल्फिन पोज़) का अभ्यासआसन: 1
चलाएँ दबाइए। गाइड हर आसन 3D में दिखाता है और बोलकर समझाता है। आकृति को उँगली या माउस से घुमाइए।
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