मरीच्यासन A (मरीचि फॉरवर्ड बेंड) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- दोनों पैर सीधे रखकर दंडासन में बैठें। अगर कमर गोल हो जाए तो मुड़े कंबल पर बैठें।
- बायां घुटना मोड़ें और बायां पंजा बाईं बैठने की हड्डी के पास ज़मीन पर सपाट रखें, दाईं जांघ से एक हथेली की दूरी पर। दायां पैर सीधा रखें, उंगलियां ऊपर की ओर।
- सांस लेते हुए बायां हाथ बाईं पिंडली के भीतर से आगे बढ़ाएं, ताकि बायां कंधा घुटने के सामने आ जाए।
- सांस छोड़ते हुए बायां हाथ बाईं पिंडली के सामने से लपेटकर पीठ के पीछे ले जाएं। दायां हाथ पीछे घुमाएं और दोनों हाथ पकड़ें, या स्ट्रैप पकड़ें।
- सांस लेते हुए छाती उठाएं। सांस छोड़ते हुए सीधे दाएं पैर के ऊपर आगे झुकें, सिर से नहीं, छाती से आगे बढ़ें।
- 20–30 सेकंड (4–6 सांस) तक रुकें। मुड़ा घुटना ऊपर की ओर और सीधा पैर सक्रिय रखें।
- सांस लेते हुए छाती उठाएं, बाइंड छोड़ें और बायां पैर सीधा करें। दाईं ओर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- सीधे पैर की हैमस्ट्रिंग और कमर को खींचता है
- बाइंड से कंधों के सामने का हिस्सा और छाती खुलती है
- पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जो आपको पैर के ऊपर आगे खींचती हैं
- लंबी रीढ़ के साथ कूल्हों से आगे झुकना सिखाता है
- शरीर को मरीच्यासन C और गहरे बैठे बाइंड के लिए तैयार करता है
- दूसरे बैठकर आगे झुकने वाले आसनों की तरह, बहुत से लोगों को यह शांति देता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- डिस्क की समस्या, साइटिका या आगे झुकने पर बढ़ने वाला कमर दर्द — झुकना छोड़ दें या रीढ़ सीधी रखें और अपने फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
- कंधे की चोट — बाइंड न करें और मुड़ा घुटना पकड़ें
- मुड़े पैर के घुटने की चोट — पंजा थोड़ा आगे रखें और घुटने को दबाएं नहीं
- हैमस्ट्रिंग फटना — सीधे पैर को थोड़ा मोड़ें या आगे न झुकें
- गर्भावस्था — आगे झुकने पर मुड़ी जांघ पेट को दबाती है; इसे छोड़ दें या रीढ़ सीधी रखें, और अपनी मिडवाइफ या डॉक्टर से पूछें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मरीच्यासन A क्या है?
यह बैठकर आगे झुकने का आसन है: एक पैर सीधा, दूसरा घुटना मोड़कर पंजा सपाट, हाथ मुड़ी पिंडली के चारों ओर पीठ के पीछे बंधे, और छाती सीधे पैर के ऊपर झुकती है।
क्या मरीच्यासन A और मरीच्यासन 1 एक ही हैं?
हां। अष्टांग योग में इसे मरीच्यासन A कहते हैं; बी.के.एस. अयंगर इसे मरीच्यासन I कहते हैं। ट्विस्ट वाला वर्ज़न अष्टांग में मरीच्यासन C और अयंगर योग में मरीच्यासन III है।
अगर मरीच्यासन A में बाइंड न हो पाए तो क्या करें?
पीठ के पीछे दोनों हाथों के बीच स्ट्रैप पकड़ें, या बाइंड छोड़कर एक हाथ से मुड़ा घुटना पकड़ें और दूसरे हाथ से सीधे पैर का पंजा पकड़ने की कोशिश करें।
मरीच्यासन A के फायदे क्या हैं?
यह हैमस्ट्रिंग और कमर को खींचता है, कंधों के सामने का हिस्सा खोलता है, पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और कूल्हों से झुकना सिखाता है।
मरीच्यासन A में कितनी देर रुकना चाहिए?
हर तरफ 20–30 सेकंड (4–6 सांस) रुकें। अष्टांग अभ्यास में इसे आमतौर पर पांच सांस तक रोका जाता है।
मरीच्यासन A किसे नहीं करना चाहिए?
डिस्क की समस्या, साइटिका या आगे झुकने पर बढ़ने वाले कमर दर्द में झुकना छोड़ दें। कंधे की चोट में बाइंड न करें, और गर्भावस्था में गहरा झुकाव न करें।
क्या मरीच्यासन A एक ट्विस्ट है?
नहीं। मरीच्यासन A आगे झुकने का आसन है। ट्विस्ट मरीच्यासन C (मरीच्यासन III) है।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








