मर्कटासन (मंकी ट्विस्ट पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें और तलवे मैट पर रखें, पैर और घुटने आपस में मिले हुए और कूल्हों के पास हों।
- हाथों को कंधों की ऊंचाई पर दोनों ओर फैलाएं, हथेलियां नीचे की ओर, ताकि शरीर T आकार में आ जाए।
- सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को धीरे-धीरे बाईं ओर ज़मीन की तरफ ले जाएं। उन्हें मैट या तकिए पर टिकने दें।
- साथ ही सिर को दाईं ओर घुमाएं और दाएं हाथ की सीध में देखें। दोनों कंधे मैट पर भारी रहें।
- 4–6 धीमी सांसों (लगभग 30 सेकंड) तक रुकें। हर बार सांस छोड़ते हुए कमर और कूल्हों को थोड़ा और ढीला होने दें।
- सांस लेते हुए पेट की मांसपेशियों की मदद से घुटनों और सिर को बीच में वापस लाएं।
- दूसरी तरफ दोहराएं: घुटने दाईं ओर, सिर बाईं ओर। अंत में घुटनों को छाती से लगाकर पकड़ें।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- पूरी रीढ़ को हल्का घुमाता है और कमर व पीठ के बीच वाले हिस्से की अकड़न कम करता है
- कमर के किनारों (ऑब्लिक्स), कूल्हों के बाहरी हिस्से और छाती को स्ट्रेच करता है
- देर तक बैठने, खड़े रहने या कड़ी कसरत के बाद पीठ की मांसपेशियों को आराम देता है
- पारंपरिक रूप से पाचन में मदद और पेट फूलने की समस्या में राहत के लिए किया जाता है
- लंबी सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे करने पर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है; सोने से पहले अच्छा आसन
- शुरुआती लोगों, बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए भी काफी आसान
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- गर्भावस्था की पहली तिमाही के बाद — देर तक पीठ के बल न लेटें; इसकी जगह बैठकर हल्का ट्विस्ट करें
- हाल की कमर की सर्जरी, डिस्क की ताज़ा चोट या सैक्रोइलियक जोड़ में दर्द — केवल फिजियोथेरेपिस्ट की अनुमति से
- हाल की पेट की सर्जरी या हर्निया — डॉक्टर की अनुमति मिलने तक ट्विस्ट न करें
- हिप रिप्लेसमेंट — घुटनों को अलग रखें, ट्विस्ट छोटा रखें और सर्जन के बताए नियमों का पालन करें
- गर्दन में दर्द — सिर घुमाने की बजाय बीच में रखें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मर्कटासन क्या है और इसका अर्थ क्या है?
मर्कटासन का अर्थ: संस्कृत में मर्कट का मतलब बंदर है, इसलिए यह मंकी ट्विस्ट पोज़ है, एक हल्का लेटकर किया जाने वाला ट्विस्ट। पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें, घुटनों को एक ओर गिराएं और सिर दूसरी ओर घुमाएं, जैसे बंदर पीछे मुड़कर देखता है।
मर्कटासन के फायदे क्या हैं?
यह पीठ की अकड़न कम करता है, कमर के किनारों और कूल्हों के बाहरी हिस्से को स्ट्रेच करता है, पाचन और पेट फूलने में मदद कर सकता है, और सोने से पहले शरीर को आराम देता है।
मंकी ट्विस्ट पोज़ में कितनी देर रुकना चाहिए?
हर तरफ लगभग 30 सेकंड, या 4–6 धीमी सांसें। हर तरफ एक या दो बार दोहरा सकते हैं।
क्या मर्कटासन कमर दर्द में फायदेमंद है?
ऐसा हल्का ट्विस्ट रोज़मर्रा की पीठ की अकड़न में अक्सर अच्छा लगता है। डिस्क की चोट, साइटिका या कमर की सर्जरी के बाद पहले फिजियोथेरेपिस्ट से पूछें, और दर्द पैर में फैले तो रुक जाएं।
मर्कटासन और मकरासन में क्या अंतर है?
मर्कटासन पीठ के बल लेटकर किया जाने वाला ट्विस्ट है। मकरासन (क्रोकोडाइल पोज़) पेट के बल लेटकर, मुड़ी हुई बाहों पर सिर रखकर किया जाने वाला विश्राम आसन है।
क्या गर्भावस्था में मर्कटासन कर सकते हैं?
पहली तिमाही में डॉक्टर की अनुमति से बहुत हल्का रूप ठीक हो सकता है। बाद के महीनों में पीठ के बल सीधे न लेटें और बैठकर ऐसा ट्विस्ट चुनें जो पेट से दूर की ओर घूमे।
मर्कटासन या सुप्त मत्स्येन्द्रासन: कौन-सा आसान है?
मर्कटासन आसान है, क्योंकि दोनों घुटने साथ और मुड़े रहते हैं। सुप्त मत्स्येन्द्रासन में एक मुड़ा घुटना सीधे पैर के ऊपर से क्रॉस होता है, जिससे कमर थोड़ी ज़्यादा घूमती है।
क्या मंकी ट्विस्ट पोज़ बिस्तर पर कर सकते हैं?
हां। सख्त गद्दे पर यह सोने से पहले पीठ को ढीला करने का आसान तरीका है। धीरे-धीरे करें और ट्विस्ट छोटा रखें।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








