लोलासन (पेंडेंट पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- घुटनों के बल होकर एड़ियों पर बैठें। टखनों को क्रॉस करें और घुटनों के दोनों ओर एक-एक ब्लॉक रखें, हथेलियां ब्लॉक्स पर सपाट और उंगलियां आगे की ओर।
- आगे झुकें जब तक कंधे हाथों के ऊपर न आ जाएं। पीठ के ऊपरी हिस्से को गोल करें और सांस छोड़ते हुए पेट अंदर खींचें।
- मज़बूती से नीचे दबाएं, भुजाएं सीधी करें और घुटनों को छाती की ओर खींचें।
- थोड़ा और आगे झुकें और क्रॉस किए पैरों को ज़मीन से उठने दें, एड़ियां नितंबों के पास। अब शरीर भुजाओं के बीच लटकन (पेंडेंट) की तरह लटकता है।
- 2–5 सांसों (लगभग 10 सेकंड) तक रुकें, या धीरे से आगे-पीछे झूलें।
- नियंत्रण के साथ घुटने और पैर नीचे लाएं और एड़ियों पर वापस बैठें। टखनों का क्रॉस बदलें और दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- कलाइयों, भुजाओं, छाती और कंधों को मज़बूत करता है
- पेट की गहरी मांसपेशियों और हिप फ्लेक्सर्स पर तीव्र काम करता है
- गोल “हॉलो” आकार सिखाता है, जो फ्लो योग में पीछे जंप करने में इस्तेमाल होता है
- काकासन और दूसरे आर्म बैलेंस के लिए ज़रूरी कोर नियंत्रण बनाता है
- मेहनत के दौरान संतुलन, एकाग्रता और स्थिर सांस का अभ्यास कराता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- कलाई, कोहनी या कंधे की चोट, कार्पल टनल सिंड्रोम सहित
- घुटनों के बल बैठने पर घुटने या टखने में दर्द — घुटनों के नीचे गद्दी रखें या आसन छोड़ दें
- गर्भावस्था, हर्निया या पेट की हाल की सर्जरी
- हाई ब्लड प्रेशर — सांस स्थिर रखें और कम देर रुकें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लोलासन को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?
लोलासन को अंग्रेज़ी में पेंडेंट पोज़ कहते हैं। संस्कृत में “लोल” का अर्थ है झूलता या लटकता हुआ, जैसे कान की बाली, और “आसन” का अर्थ मुद्रा है।
लोलासन में मेरे पैर क्यों नहीं उठते?
आमतौर पर धड़ के मुकाबले भुजाएं छोटी होती हैं, पीठ पर्याप्त गोल नहीं होती, या कोर अभी पर्याप्त मज़बूत नहीं होता। हाथ ब्लॉक्स पर रखें, पीठ के ऊपरी हिस्से को गोल करें, सांस छोड़ें और और आगे झुकें।
क्या लोलासन काकासन से कठिन है?
ज़्यादातर लोगों के लिए, हां। काकासन में घुटने भुजाओं पर टिके रहते हैं; लोलासन में कुछ भी कहीं नहीं टिकता, इसलिए कोर को अकेले ही पैर उठाने होते हैं।
लोलासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
1–2 सांसों से शुरू करें और लगभग 10 सेकंड तक बढ़ाएं। एक लंबे, कांपते प्रयास से कई छोटे, साफ प्रयास बेहतर हैं।
क्या लोलासन के लिए ब्लॉक्स ज़रूरी हैं?
ज़्यादातर शुरुआत करने वालों को ज़रूरत होती है। ब्लॉक्स ऊंचाई देते हैं ताकि पैर ज़मीन से उठ सकें। ताकत बढ़ने के साथ इन्हें नीचा करते जाएं।
लोलासन किस आसन की तैयारी कराता है?
यह अष्टांग और विन्यास योग में बैठी स्थिति से चतुरंग में पीछे जंप करने की उठान सिखाता है, और दूसरे आर्म बैलेंस के लिए कोर की ताकत बनाता है।
लोलासन किसे नहीं करना चाहिए?
कलाई, कोहनी या कंधे की चोट, गर्भावस्था, हर्निया या पेट की हाल की सर्जरी में इससे बचें। घुटनों के बल बैठने में दर्द हो तो घुटनों के नीचे गद्दी रखें या छोड़ दें।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








