उत्थान पृष्ठासन (लिज़र्ड पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- हाथों और घुटनों के बल या अधोमुख श्वानासन से शुरू करें। बाएं पैर को बाएं हाथ के बाहर की ओर आगे लाएं, ताकि दोनों हाथ आगे वाले पैर के अंदर की तरफ हों।
- बाएं पैर को थोड़ा मैट के बाएं किनारे की ओर खिसकाएं और बाएं घुटने को हल्का बाहर खुलने दें, टखने के ऊपर या उससे थोड़ा पीछे।
- दाएं घुटने को मैट पर टिकाएं और पीछे खिसकाएं। दाएं पैर का ऊपरी हिस्सा नीचे रखें। ज़रूरत हो तो घुटने के नीचे कंबल रखें।
- हाथ सीधे और हथेलियां कंधों के नीचे रखें। रीढ़ को आगे की ओर लंबा करें और थोड़ा आगे फर्श पर देखें।
- कूल्हों को आगे वाले पैर के अंदर की ओर फर्श की तरफ नीचे जाने दें। दाएं कूल्हे के अगले हिस्से और बाईं अंदरूनी जांघ में खिंचाव महसूस करें।
- 30–60 सेकंड (6–10 सांस) तक रुकें। जबड़ा ढीला रखें और हर सांस छोड़ने के साथ कूल्हों को नरम होने दें।
- हाथों से ज़मीन दबाएं, पिछले पंजे मोड़ें और अधोमुख श्वानासन या हाथों-घुटनों की स्थिति में लौटें। अब दायां पैर आगे रखकर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- पिछले पैर के आगे वाले हिप फ्लेक्सर में खिंचाव देता है
- आगे वाले पैर की अंदरूनी जांघ और जांघ के जोड़ (ग्रोइन) को खोलता है और हैमस्ट्रिंग में खिंचाव देता है
- आगे वाले पैर की जांघ और नितंबों तथा कंधों और बाहों को मज़बूत करता है
- स्क्वाट, दौड़ने और गहरे हिप-ओपनर आसनों के लिए कूल्हे की गतिशीलता सुधारता है
- धीमा होल्ड शांत करने वाला लग सकता है और तेज़ खिंचाव में भी सांस लेते रहना सिखाता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- घुटने में दर्द: पिछले घुटने के नीचे अच्छी गद्दी रखें और आगे वाला घुटना टखने के ऊपर या पीछे रखें
- हिप रिप्लेसमेंट, हिप लैब्रम टियर या जांघ के जोड़ में चुभन: स्थिति कम गहरी रखें और हाथ ब्लॉक पर रखें, या इसे छोड़ दें; अपने फिजियोथेरेपिस्ट से पूछें
- कलाई में दर्द: ब्लॉक का उपयोग करें, मुट्ठी बनाएं या ब्लॉक पर कोहनियां टिकाएं
- गर्भावस्था: लिगामेंट ढीले होते हैं, इसलिए हाथ ऊंचे ब्लॉक पर और खिंचाव हल्का रखें; अपनी मिडवाइफ या डॉक्टर से पूछें
- जांघ के जोड़ या हैमस्ट्रिंग में खिंचाव: गहराई तक ज़ोर न लगाएं; वापस लो लंज में आ जाएं
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्थान पृष्ठासन के फायदे क्या हैं?
यह हिप फ्लेक्सर, अंदरूनी जांघ, जांघ के जोड़ और हैमस्ट्रिंग में खिंचाव देता है, आगे वाले पैर और कंधों को मज़बूत करता है, और बैठने, दौड़ने व स्क्वाट के लिए कूल्हे की गतिशीलता सुधारता है।
लिज़र्ड पोज़ में आगे वाला घुटना क्यों दुखता है?
आमतौर पर घुटना टखने से आगे होता है या पैरों की दूरी बहुत कम होती है। पैर को आगे बढ़ाएं, घुटने को हल्का बाहर खुलने दें और ब्लॉक का उपयोग करें।
उत्थान पृष्ठासन के फायदे और सावधानियां क्या हैं?
फायदे: खुले कूल्हे, हैमस्ट्रिंग व हिप फ्लेक्सर में खिंचाव, मज़बूत पैर। सावधानियां: पिछले घुटने के नीचे गद्दी रखें, संवेदनशील कलाइयों को बचाएं, कूल्हे या जांघ के जोड़ की चोट में गहरे रूप से बचें, और गर्भावस्था में इसे हल्का रखें।
लिज़र्ड पोज़ से पहले लंज सही तरीके से कैसे करें?
शुरुआती लंज में आगे वाला घुटना टखने के ऊपर, पिछला घुटना कंबल पर नीचे और कूल्हे बराबर रखें। जब यह आरामदायक हो जाए, तो हाथों को आगे वाले पैर के अंदर लाकर लिज़र्ड पोज़ में जाएं।
क्या लिज़र्ड पोज़ धावकों के लिए अच्छा व्यायाम है?
हां। यह उन अकड़े हिप फ्लेक्सर और हैमस्ट्रिंग को खींचता है जो धावकों में अक्सर होते हैं। इसे दौड़ के बाद करें, ठंडे शरीर के साथ नहीं।
लिज़र्ड पोज़ में हाथ कहां होने चाहिए?
दोनों हाथ आगे वाले पैर के अंदर की ओर, कंधों के नीचे, फर्श या ब्लॉक पर। कोहनियां सिर्फ गहरे वेरिएशन में नीचे आती हैं।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








