विपरीत करणी (लेग्स-अप-द-वॉल पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- ज़मीन पर बगल से बैठें ताकि एक कूल्हा दीवार को छुए और घुटने मुड़े हों। कूल्हों के नीचे सहारे के लिए एक मुड़ा हुआ कंबल पास रखें।
- कोहनियों पर पीछे झुकें, फिर पीठ और सिर को ज़मीन पर लाते हुए पैरों को घुमाकर दीवार पर ऊपर ले जाएं।
- कूल्हों को दीवार के जितना पास आराम से हो, खिसकाएं। अगर हैमस्ट्रिंग जकड़ी है तो थोड़ा दूर रहें और घुटनों को हल्का मुड़ने दें।
- पैरों को कूल्हों जितनी दूरी पर दीवार से टिकाएं, पंजे ढीले रखें। सिर और कंधे ज़मीन पर सपाट रहें।
- हाथों को बगल में फैलाएं, हथेलियां ऊपर, या हाथ पेट पर रखें।
- आंखें बंद करें और 3–10 मिनट तक धीरे-धीरे सांस लें।
- बाहर आने के लिए घुटने मोड़ें, दाईं करवट लें और कुछ सांसों तक आराम करके धीरे से उठें।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- पैरों को दिल से ऊपर रखने से थके, भारी पैरों और पंजों से तरल वापस बहने में मदद मिलती है
- सांस धीमी करता है और बहुत से लोगों को सोने से पहले तनाव छोड़ने में मदद करता है
- हैमस्ट्रिंग और पैरों के पिछले हिस्से को हल्का स्ट्रेच करता है
- कमर के निचले हिस्से को आराम देता है, खासकर कूल्हों के नीचे कंबल रखने पर
- तनाव, चिंता, नींद और मेनोपॉज़ के लक्षणों के लिए योग कार्यक्रमों में इस्तेमाल होता है
- शुरुआती लोगों और बुज़ुर्गों के लिए भी आसान
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- ग्लूकोमा, रेटिना की समस्या, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग — किसी भी उल्टे आसन से पहले, चाहे यह हल्का ही क्यों न हो, डॉक्टर से पूछें
- गर्भावस्था — पहली तिमाही के बाद सीधे पीठ के बल लेटने से चक्कर आ सकते हैं; इसकी जगह करवट लेकर आराम करें या मिडवाइफ से पूछें
- खून का थक्का (DVT) या नसों की गंभीर बीमारी — पहले डॉक्टर से जांच करवाएं
- माइग्रेन के दौरे के समय — उल्टे आसन न करें, केवल दौरों के बीच अभ्यास करें
- एसिडिटी या हायटस हर्निया — खाली पेट अभ्यास करें और कूल्हे नीचे रखें
- पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन — घुटने मोड़ें या नीचे आ जाएं
किन स्वास्थ्य समस्याओं में यह आसन किया जाता है
Low Blood Pressure · Thyroid · Menopause · Fertility · Anxiety · Stress Relief · Sleep and Insomnia · Jet Lag and Travel Fatigue · Shift Work and Night-Shift Sleep · Migraine and Headache · Burnout and Exhaustion · Restless Legs Syndrome · Chronic Fatigue Syndrome · Varicose Veins
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विपरीत करणी कितनी देर करनी चाहिए?
3–5 मिनट से शुरू करें। ज़्यादातर लोग 5–15 मिनट रुकते हैं; अगर पंजों में झुनझुनी हो या वे सुन्न हों तो पहले ही नीचे आ जाएं।
विपरीत करणी के क्या फायदे हैं?
यह थके, भारी पैरों को हल्का करने में मदद करता है, सांस धीमी करके शरीर को शांत करता है, हैमस्ट्रिंग को हल्का स्ट्रेच करता है और कमर के निचले हिस्से को आराम देता है। बहुत से लोग इसे सोने से पहले आराम के लिए करते हैं।
विपरीत करणी कब करें — सुबह या रात को?
कभी भी, लेकिन शाम का समय सबसे लोकप्रिय है क्योंकि यह बहुत आराम देता है। दौड़ने, सफर या लंबे समय तक खड़े रहने के बाद भी यह मदद करता है। खाने के तुरंत बाद न करें।
क्या गर्भावस्था में विपरीत करणी सुरक्षित है?
शुरुआती गर्भावस्था में आम तौर पर यह ठीक रहता है। पहली तिमाही के बाद सीधे पीठ के बल लेटने से चक्कर आ सकते हैं, इसलिए करवट लेकर आराम करें और मिडवाइफ से पूछें।
क्या पीरियड्स के दौरान विपरीत करणी कर सकते हैं?
बहुत सी महिलाओं को पीरियड्स में दीवार वाला यह हल्का रूप आरामदायक लगता है। कुछ परंपराओं में इस दौरान सभी उल्टे आसनों से बचा जाता है; जो आपके शरीर को सही लगे, वही करें।
क्या विपरीत करणी से गर्भधारण में मदद मिलती है?
इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि यह प्रजनन क्षमता या इम्प्लांटेशन को बेहतर करता है। यह आराम करने में मदद कर सकता है, लेकिन एम्ब्रियो ट्रांसफर के बाद अपने डॉक्टर या क्लिनिक की सलाह मानें।
विपरीत करणी में पैरों में झुनझुनी क्यों होती है?
पैर ऊपर होने पर पंजों तक खून का बहाव थोड़ा कम हो जाता है। घुटने मोड़ें, कूल्हों को दीवार से थोड़ा दूर करें, या नीचे आकर आराम करें।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








