परिघासन (गेट पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- मैट पर घुटनों के बल बैठें, घुटने कूल्हों जितनी दूरी पर और जांघें सीधी रहें। अगर फर्श सख्त लगे तो घुटनों के नीचे मुड़ा हुआ कंबल रखें।
- बायां पैर बाईं ओर फैलाएं, दाएं घुटने की सीध में। बायां पैर सीधा, तलवा ज़मीन पर और उंगलियां सामने की ओर रखें।
- ध्यान दें कि कूल्हे सामने की ओर रहें और दाएं घुटने के ठीक ऊपर हों, एड़ी की तरफ पीछे न खिसकें।
- सांस लेते हुए दायां हाथ कान के पास से ऊपर उठाएं। बायां हाथ हल्के से बाईं जांघ या पिंडली पर रखें।
- सांस छोड़ते हुए बाएं पैर के ऊपर बगल में झुकें और बाएं हाथ को पैर पर नीचे सरकाएं। दाएं हाथ को सिर के ऊपर से फैलाएं, छाती को ज़मीन की ओर न मुड़ने दें।
- 3–5 धीमी सांसों (लगभग 20–30 सेकंड) तक रुकें और खिंची हुई दाईं पसलियों में सांस भरें। सामने देखें, या गर्दन आरामदायक हो तो ऊपर वाले हाथ के नीचे से ऊपर देखें।
- सांस लेते हुए वापस घुटनों के बल सीधे आएं, बायां घुटना दाएं के पास लाएं और दूसरी ओर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- धड़ के पूरे किनारे को खींचता है: कमर की मांसपेशियां (ऑब्लिक्स), बगल के पीछे का हिस्सा (लैटिसिमस डॉर्सी) और पसलियों के बीच की मांसपेशियां
- सीधे पैर की हैमस्ट्रिंग और जांघ के भीतरी हिस्से को लंबा करता है
- पसलियों को फैलने की जगह देता है, जिससे छाती के किनारे और पीछे सांस भरना आसान लगता है
- उठे हुए हाथ के कंधे को गतिशील बनाता है; अकड़े कंधे या फ्रोज़न शोल्डर के लिए एक हल्का विकल्प
- कोर और कूल्हे की उन मांसपेशियों को जगाता है जो एक घुटने पर संतुलन बनाए रखती हैं
- लंबे समय तक बैठे रहने का असर कम करता है, जब शरीर के किनारे सिकुड़े रहते हैं
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- टिके हुए घुटने में दर्द या चोट — नीचे अच्छी गद्दी रखें, या कुर्सी वाला वर्ज़न करें
- कमर, कूल्हे या सैक्रोइलियक (SI) जोड़ में तेज़ दर्द — साइड बेंड बहुत कम रखें या इसे छोड़ दें
- कंधे की चोट — हाथ ऊपर फैलाने के बजाय ऊपर वाला हाथ कूल्हे पर रखें
- गर्दन दर्द — उठे हुए हाथ की ओर ऊपर देखने के बजाय सीधे सामने देखें
- ऑस्टियोपोरोसिस — धीरे झुकें, कभी झटका न दें या ज़बरदस्ती न खींचें, और डॉक्टर से पूछें कि कौन-सी गतिविधियां आपके लिए ठीक हैं
- गर्भावस्था — अगर डॉक्टर या मिडवाइफ ने व्यायाम की अनुमति दी है तो हल्के साइड स्ट्रेच के रूप में आमतौर पर ठीक है; संतुलन के लिए कुर्सी पकड़ें
किन स्वास्थ्य समस्याओं में यह आसन किया जाता है
Frozen Shoulder · Tennis Elbow
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
परिघासन किसके लिए अच्छा है?
यह धड़ के किनारों, पसलियों और उठे हुए हाथ के कंधे को खींचता है, और सीधे पैर की हैमस्ट्रिंग को लंबा करता है। यह अच्छा वार्म-अप है और बैठने के बाद एक बढ़िया काउंटर-स्ट्रेच भी।
परिघासन के फायदे, सावधानियां और किसे नहीं करना चाहिए?
फायदे: शरीर के किनारे का गहरा स्ट्रेच, पसलियों के किनारे सांस भरना आसान और कंधे की बेहतर गतिशीलता। टिके हुए घुटने में चोट, कमर या SI जोड़ में तेज़ दर्द, कंधे की चोट या गर्दन दर्द हो तो सावधानी रखें या इसे छोड़ दें।
अगर घुटनों के बल बैठने में दर्द हो तो परिघासन कैसे करें?
टिके हुए घुटने के नीचे मुड़ा हुआ कंबल रखें। फिर भी दर्द हो तो कुर्सी पर बगल की ओर बैठें, एक पैर फैलाएं और उसके ऊपर झुकें — घुटने पर वज़न डाले बिना वही साइड स्ट्रेच।
परिघासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
हर तरफ 20–30 सेकंड (3–5 सांस) रुकें। धीमे अभ्यास में, अगर घुटना आरामदायक हो तो एक मिनट तक रुक सकते हैं।
क्या गर्भावस्था में परिघासन कर सकते हैं?
आमतौर पर हां, हल्के साइड स्ट्रेच के रूप में, अगर डॉक्टर या मिडवाइफ ने व्यायाम की अनुमति दी है। घुटनों का आधार चौड़ा रखें, झुकाव कम रखें और संतुलन के लिए कुर्सी पकड़ें।
परिघासन को और किन नामों से जाना जाता है?
अंग्रेज़ी में इसे गेट पोज़ कहते हैं। "परिघ" का अर्थ है वह डंडा जिससे फाटक बंद किया जाता है। जर्मन कक्षाओं में इसे Torhaltung कहा जाता है।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








