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Ardha Navasana

अर्ध नावासन (हाफ बोट पोज़): करने का तरीका, फायदे और वेरिएशन

अर्ध नावासन कोर को मज़बूत करने वाला आसन है: आप पीछे झुकते हैं, सीधी टांगों को ज़मीन से थोड़ा उठाते हैं और हाथों से सिर को सहारा देते हैं। 3D आकृति देखें, फिर अपनी गति से स्टेप्स अपनाएं।

  • स्तरमध्यम
  • कितनी देर रुकें20 s
अर्ध नावासन (हाफ बोट पोज़)

अर्ध नावासन (हाफ बोट पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप

  1. दंडासन में बैठें, टांगें सामने सीधी और आपस में मिली हुई।
  2. उंगलियों को आपस में फंसाएं और हाथों को सिर के पीछे, गर्दन के ठीक ऊपर रखें। कोहनियां बगल में खोलें।
  3. सांस छोड़ें और ऊपरी शरीर को तब तक पीछे झुकाएं जब तक पेट की मांसपेशियां सक्रिय न महसूस हों। नितंबों पर, बैठने की हड्डियों के ठीक पीछे, संतुलन बनाएं।
  4. साथ ही सीधी टांगों को उठाएं ताकि पैर लगभग आंखों की ऊंचाई पर हों, ज़मीन से करीब 30 डिग्री। टांगें मिली रहें और पंजे आगे की ओर।
  5. छाती चौड़ी रखें और नज़र पंजों की ओर। शरीर एक चौड़ा, उथला V बनाता है।
  6. 10–20 सेकंड (2–4 सांस) तक रुकें और सामान्य सांस लेते रहें। सांस न रोकें।
  7. सांस छोड़ें, टांगें नीचे करें और सीधे बैठ जाएं। दंडासन में आराम करें, फिर चाहें तो एक-दो बार दोहराएं।

फायदे और सावधानियां

फायदे

  • पेट की मांसपेशियों, गहरे कोर और ऑब्लीक समेत, को मज़बूत करता है
  • टांगों को ऊपर थामने वाले हिप फ्लेक्सर और जांघ के अगले हिस्से पर काम करता है
  • रोज़मर्रा की हरकतों में कमर की रक्षा करने वाला कोर नियंत्रण बनाता है
  • नितंबों पर बैठकर संतुलन और शरीर के प्रति जागरूकता सुधारता है
  • पूर्ण नावासन और हाथों पर संतुलन वाले आसनों की तैयारी कराता है

इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें

  • गर्भावस्था, और प्रसव के बाद पेट की मांसपेशियों के अलग होने (डायस्टेसिस रेक्टी) पर — न करें; सुरक्षित कोर व्यायाम के बारे में डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
  • हर्निया या पेट की हाल की सर्जरी — डॉक्टर की अनुमति मिलने तक न करें
  • स्लिप डिस्क या कमर का तेज़ दर्द — न करें; सीधी टांगों का भार कमर पर पड़ता है
  • गर्दन की समस्या — हाथों से सिर को सहारा दें और सिर को आगे न खींचें
  • टेलबोन (कॉक्सिक्स) में दर्द — मुड़े कंबल पर बैठें या आसन छोड़ दें
  • हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग — कम देर रुकें और सांस कभी न रोकें

पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नावासन और अर्ध नावासन में क्या अंतर है?

पूर्ण नावासन में टांगें ऊंची उठती हैं और पीठ सीधी रहती है। अर्ध नावासन में टांगें और धड़ दोनों नीचे रहते हैं और हाथ सिर के पीछे होते हैं, इसलिए पेट की मांसपेशियों को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

अर्ध नावासन के फायदे क्या हैं?

यह पेट की मांसपेशियों, ऑब्लीक और हिप फ्लेक्सर को मज़बूत करता है, छोटे आधार पर संतुलन सुधारता है और रोज़ की हरकतों व कठिन आसनों के लिए कोर नियंत्रण बनाता है।

अर्ध नावासन में कितनी देर रुकना चाहिए?

10–20 सेकंड रुकें और बीच में थोड़ा आराम लेकर दो-तीन बार दोहराएं। पूरे समय सांस लेते रहें।

अर्ध नावासन में कमर में दर्द क्यों होता है?

आपका कोर अभी टांगों का भार नहीं संभाल पाता, इसलिए कमर पर ज़ोर पड़ता है। घुटने मोड़ें, कम पीछे झुकें या हाथ ज़मीन पर रखें।

क्या अर्ध नावासन शुरुआत करने वालों के लिए अच्छा है?

घुटने मोड़कर किया जाने वाला रूप अच्छा है। वहीं से शुरू करें, फिर दोनों टांगें सीधी करने से पहले एक-एक टांग सीधी करें।

अर्ध नावासन किसे नहीं करना चाहिए?

गर्भावस्था, प्रसव के बाद पेट की मांसपेशियां अलग होने, हर्निया, पेट की हाल की सर्जरी, स्लिप डिस्क या कमर के तेज़ दर्द में इसे न करें।

यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।

Half Boat Pose
घुमाने के लिए खींचें · रीसेट के लिए दो बार टैप करें
अर्ध नावासन (हाफ बोट पोज़) का अभ्यासआसन: 1
चलाएँ दबाइए। गाइड हर आसन 3D में दिखाता है और बोलकर समझाता है। आकृति को उँगली या माउस से घुमाइए।
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