उष्ट्रासन (कैमल पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- मैट पर घुटनों के बल बैठें, घुटने कूल्हों जितनी दूरी पर और जांघें सीधी खड़ी हों। पंजों का ऊपरी हिस्सा ज़मीन पर रखें, या एड़ियां उठाने के लिए पंजों की उंगलियां मोड़ लें।
- हाथों को कमर के निचले हिस्से पर रखें, उंगलियां नीचे की ओर, और कूल्हों को धीरे से आगे की ओर दबाएं।
- सांस लेते हुए छाती को छत की ओर उठाएं, कंधे की हड्डियों को पास लाएं और कोहनियों को एक-दूसरे की ओर खींचें।
- अगर कमर ठीक लगे तो और पीछे झुकें और एक-एक करके हाथ एड़ियों तक ले जाएं। कूल्हे घुटनों के ऊपर रखें।
- छाती की हड्डी से ऊपर उठें। गर्दन आरामदायक लगे तभी सिर को धीरे से पीछे जाने दें; नहीं तो ठुड्डी हल्की अंदर रखें।
- 3–5 सांसों (15–30 सेकंड) तक रुकें और छाती के सामने वाले हिस्से में सांस भरें।
- ऊपर आने के लिए हाथ वापस कमर पर लाएं, ठुड्डी अंदर करें और सिर से नहीं, छाती से आगे बढ़ते हुए घुटनों के बल सीधे हो जाएं। बालासन में आराम करें।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- छाती, कंधों, पेट, हिप फ्लेक्सर्स और जांघों के सामने वाले हिस्से को स्ट्रेच करता है
- पीठ की मांसपेशियों और नितंबों को मज़बूत करता है
- स्क्रीन के सामने बैठने से झुके कंधों और आगे निकली गर्दन की आदत का असर कम करता है
- पसलियों को खोलता है जिससे गहरी सांस लेना आसान लगता है
- कई लोगों को छाती खोलने वाले आसन ऊर्जा देने वाले और मन को हल्का करने वाले लगते हैं
- धनुरासन और चक्रासन जैसे गहरे बैकबेंड के लिए शरीर तैयार करता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- कमर की चोट, डिस्क की समस्या, स्पॉन्डिलोलिस्थेसिस या स्पाइनल स्टेनोसिस — पूरा आसन न करें
- गर्दन की चोट या सिर पीछे करने पर चक्कर — ठुड्डी अंदर रखें
- हाई या लो ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या माइग्रेन — कमर पर हाथ वाला रूप करें या न करें
- गर्भावस्था — गहरे बैकबेंड न करें; हल्के विकल्पों के बारे में डॉक्टर या मिडवाइफ से पूछें
- घुटनों में दर्द — घुटनों के नीचे मोड़ा हुआ कंबल रखें, और घुटनों के बल बैठने में दर्द हो तो न करें
- पेट या कमर की हाल की सर्जरी
किन स्वास्थ्य समस्याओं में यह आसन किया जाता है
Posture and Tech Neck · Thyroid · Depression · Glowing Skin and Acne
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उष्ट्रासन किसके लिए अच्छा है?
उष्ट्रासन छाती, कंधों, पेट और हिप फ्लेक्सर्स को स्ट्रेच करता है, पीठ को मज़बूत करता है और झुककर बैठने की आदत का असर कम करने में मदद करता है। कई लोगों को इससे ऊर्जा भी मिलती है।
शुरुआती लोग उष्ट्रासन कैसे करें?
हाथ कमर पर रखें और सिर्फ छाती उठाएं, या पंजों की उंगलियां मोड़ें या पैरों के पास रखे ब्लॉक पर हाथ टिकाएं। एड़ियों तक तभी पहुंचें जब कमर आरामदायक लगे।
उष्ट्रासन में चक्कर क्यों आता है?
सिर पीछे झुकाने और जल्दी ऊपर आने से कुछ देर के लिए खून का प्रवाह बदल सकता है। ठुड्डी अंदर रखें, छाती से आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे ऊपर आएं और बालासन में आराम करें।
उष्ट्रासन में कमर में दर्द क्यों होता है?
आमतौर पर इसलिए कि कूल्हे पीछे चले जाते हैं और मोड़ कमर के निचले हिस्से पर आ जाता है। कूल्हों को आगे दबाएं, झुकने से पहले छाती उठाएं और ब्लॉक का सहारा लें। तेज़ दर्द हो तो रुक जाएं।
उष्ट्रासन किन्हें नहीं करना चाहिए?
जिन्हें कमर या गर्दन की चोट, अनियंत्रित हाई या लो ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, माइग्रेन हो या हाल ही में सर्जरी हुई हो, और गर्भवती महिलाएं इससे बचें।
कैट-कैमल और उष्ट्रासन में क्या अंतर है?
कैट-कैमल हाथों और घुटनों के बल किया जाने वाला हल्का व्यायाम है जिसमें पीठ गोल और फिर धनुषाकार होती है। उष्ट्रासन घुटनों के बल किया जाने वाला गहरा बैकबेंड है।
उष्ट्रासन करने से क्या होता है?
उष्ट्रासन छाती और कंधों को खोलता है, पीठ को मज़बूत करता है और झुककर बैठने की आदत सुधारने में मदद करता है। नियमित अभ्यास के साथ ऊपर दिए स्टेप्स और सावधानियों का पालन करें।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








