अर्ध कटि चक्रासन (लेटरल आर्क पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पैरों में थोड़ी दूरी रखकर सीधे खड़े हों, हाथ बगल में, दोनों पैरों पर बराबर वज़न।
- सांस लेते हुए बाएं हाथ को बगल से ऊपर उठाएं जब तक बांह कान के पास न आ जाए, हथेली अंदर की ओर।
- बाएं हाथ की उंगलियों से ऊपर की ओर खिंचें ताकि कमर का बायां हिस्सा लंबा हो।
- सांस छोड़ते हुए कमर से धीरे-धीरे दाईं ओर झुकें। दाएं हाथ को दाएं पैर के बाहरी हिस्से पर नीचे फिसलने दें।
- बाएं हाथ को सिर के ऊपर से दाईं ओर ले जाएं। छाती और चेहरा सामने रखें, आगे या पीछे न झुकें।
- खिंचे हुए बाएं हिस्से में सांस भरते हुए 15–20 सेकंड (2–4 सांस) तक रुकें।
- सांस लेते हुए सीधे हो जाएं, बायां हाथ नीचे लाएं और दायां हाथ ऊपर करके दूसरी ओर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- कमर के बगल वाले हिस्से (ऑब्लिक) और पसलियों के किनारों में खिंचाव लाता है
- उठे हुए हाथ के कंधे और बगल में खिंचाव लाता है
- रीढ़ को बगल की ओर चलाकर रोज़मर्रा का लचीलापन बढ़ाता है
- झुकाव को थामने और वापस लाने वाली पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है
- बगल की पसलियों को खोलता है जिससे सांस भरी-भरी महसूस होती है
- त्रिकोणासन और खड़े होकर किए जाने वाले दूसरे आसनों के लिए आसान वॉर्म-अप
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- कमर में तेज़ दर्द, स्लिप डिस्क या स्कोलियोसिस — थोड़ा ही झुकें और अपने फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें
- पेट की हाल की सर्जरी या हर्निया — जब तक डॉक्टर सुरक्षित न बताएं, न करें
- कंधे की चोट — उठे हुए हाथ को कूल्हे या सिर पर रखें
- कूल्हे की सर्जरी के बाद — अपने सर्जन की बताई हिप सावधानियों का पालन करें, जिसमें लेटरल या एंटीरियर लेटरल अप्रोच के नियम भी शामिल हैं
- वर्टिगो या चक्कर — धीरे-धीरे करें और नज़र सीधे सामने रखें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अर्ध कटि चक्रासन क्या है?
यह खड़े होकर बगल की ओर झुकने वाला आसन है, जिसे लेटरल आर्क पोज़ या कोणासन भी कहते हैं। इसमें एक हाथ कान के पास ऊपर उठाकर कमर से बगल की ओर झुका जाता है और दूसरा हाथ पैर पर नीचे फिसलता है।
अर्ध कटि चक्रासन के फायदे क्या हैं?
यह कमर के बगल वाले हिस्से, पसलियों और कंधे में खिंचाव लाता है, रीढ़ को बगल की ओर चलाता है, पेट की मांसपेशियों को हल्के से सक्रिय करता है और बगल की पसलियों में सांस भरना आसान बनाता है।
क्या अर्ध कटि चक्रासन और कोणासन एक ही हैं?
अक्सर हां। कई भारतीय योग संस्थान इसी खड़े होकर बगल में झुकने वाले आसन को कोणासन कहते हैं। कुछ पाठ्यक्रम इसके रूपों को क्रमांक देते हैं, जैसे कोणासन 1 और 2।
अर्ध कटि चक्रासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
हर तरफ 15–20 सेकंड (2–4 सांस) तक रुकें और 2–3 चक्र करें।
अर्ध कटि चक्रासन किसे नहीं करना चाहिए?
कमर में तेज़ दर्द, स्लिप डिस्क, हर्निया, पेट या कूल्हे की हाल की सर्जरी, या कंधे की चोट में सावधानी रखें। थोड़ा ही झुकें या अपने डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें।
अर्ध कटि चक्रासन और अर्ध चक्रासन में क्या अंतर है?
अर्ध कटि चक्रासन में बगल की ओर झुका जाता है। अर्ध चक्रासन में हाथों से कमर को सहारा देते हुए पीछे की ओर झुका जाता है।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








