टिट्टिभासन (फायरफ्लाई पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- हैमस्ट्रिंग, कूल्हों, कलाइयों और कोर को वार्म अप करें। पैरों को कंधों से थोड़ा कम दूरी पर रखकर खड़े हों और घुटने मोड़कर आगे झुकें।
- एक कंधे को उसी तरफ के घुटने के पीछे ले जाएं, फिर दूसरे को, ताकि जांघों का पिछला हिस्सा ऊपरी भुजाओं के पिछले हिस्से पर ऊंचा टिके।
- हथेलियों को एड़ियों के ठीक पीछे मैट पर सपाट रखें, कंधों जितनी दूरी पर, उंगलियां आगे की ओर और खूब फैली हुई।
- कोहनियों को हल्का सा पीछे मोड़ें और कूल्हों को भुजाओं की ऊंचाई तक नीचे लाएं, जैसे किसी शेल्फ पर बैठ रहे हों।
- भीतरी जांघों को भुजाओं पर दबाएं, वज़न पीछे हाथों पर डालें और पहले एक पैर, फिर दोनों पैर उठाएं।
- पैरों को दोनों ओर सीधा फैलाएं, एड़ियों से धक्का दें, छाती उठाएं और सामने देखें। लगभग 10 सेकंड (1–3 सांस) तक रुकें।
- बाहर आने के लिए घुटने मोड़ें, पैर ज़मीन पर उतारें और धीरे से बैठ जाएं। बालासन में आराम करें और कलाइयों को घुमाएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- भुजाओं, कलाइयों और कंधों में ताकत बढ़ाता है
- पैरों को सीधा और उठा हुआ रखने के लिए कोर और हिप फ्लेक्सर्स पर काम करता है
- हैमस्ट्रिंग और भीतरी जांघों को स्ट्रेच करता है
- हाथों पर संतुलन, तालमेल और नियंत्रण सुधारता है
- एकाग्रता बढ़ाता है, क्योंकि इस आसन को टिकाने के लिए पूरा ध्यान चाहिए
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- कलाई, कोहनी या कंधे की चोट, या कार्पल टनल सिंड्रोम — यह आसन न करें
- हैमस्ट्रिंग फटना या साइटिका का तेज़ दर्द — हैमस्ट्रिंग के गहरे स्ट्रेच से बचें
- कमर के निचले हिस्से में दर्द या डिस्क की समस्या — न करें; गोल और वज़न वाली रीढ़ इसे बढ़ा सकती है
- गर्भावस्था — पेट पर दबाव और गिरने के खतरे के कारण न करें
- हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या ग्लूकोमा — मज़बूत आर्म बैलेंस से बचें और पहले डॉक्टर से पूछें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
योग में टिट्टिभासन क्या है?
टिट्टिभासन (फायरफ्लाई पोज़) एक आर्म बैलेंस है जिसमें हाथ पैरों के बीच ज़मीन पर होते हैं, जांघें ऊपरी भुजाओं पर टिकी होती हैं और सीधे पैर दोनों ओर उठे होते हैं।
क्या टिट्टिभासन शुरुआत करने वालों के लिए ठीक है?
नहीं। यह उन्नत आसन है। शुरुआत करने वाले मालासन, बकासन, भुजपीड़ासन और हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच से तैयारी करें, और पहले ब्लॉक वाला वेरिएशन आज़माएं।
टिट्टिभासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
लगभग 10 सेकंड, या 1–3 सांस। पैर अभी सीधे और भुजाएं मज़बूत रहते हुए ही नीचे आ जाएं।
टिट्टिभासन में मेरे पैर सीधे क्यों नहीं होते?
आमतौर पर हैमस्ट्रिंग जकड़ी होती हैं या जांघें भुजाओं पर बहुत नीचे होती हैं। कंधों को घुटनों के और पीछे ले जाएं और आगे झुकने वाले आसनों से हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच करते रहें।
टिट्टिभासन की सावधानियां क्या हैं?
कलाई, कोहनी या कंधे की चोट, कार्पल टनल सिंड्रोम, हैमस्ट्रिंग फटना, कमर के निचले हिस्से या डिस्क की समस्या, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, ग्लूकोमा और गर्भावस्था में इससे बचें।
क्या टिट्टिभासन बकासन से कठिन है?
ज़्यादातर लोगों के लिए, हां। इसमें भुजाओं की वही ताकत चाहिए, साथ में खुली हैमस्ट्रिंग और भीतरी जांघें, इसलिए इसे आमतौर पर बकासन और भुजपीड़ासन के बाद सीखा जाता है।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








