सुप्त कूर्मासन (स्लीपिंग टॉर्टॉइज़ पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पूरा वार्म-अप करें, फिर पैरों को कूल्हों से थोड़ा ज़्यादा चौड़ा खोलकर बैठें और घुटनों को हल्का मोड़ें।
- आगे झुकें और एक-एक करके बाहों को घुटनों के नीचे सरकाएं, जब तक कंधे घुटनों के पिछले हिस्से के नीचे न आ जाएं। यह कूर्मासन है।
- घुटनों को और मोड़ें और पैरों को सिर के सामने एक-दूसरे की ओर लाएं, एड़ियां ज़मीन से ज़रा ऊपर।
- कोहनियां मोड़ें और हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं। कमर के पीछे हाथ, उंगलियां या कलाइयां पकड़ें, या एक पट्टा पकड़ें।
- माथे के सामने एक टखने को दूसरे के ऊपर क्रॉस करें और माथा या ठुड्डी ज़मीन पर टिकने दें।
- 3–5 धीमी सांसों (लगभग 20 सेकंड) तक रुकें और सांस को पीठ में भरें। गर्दन लंबी और चेहरा ढीला रखें।
- बाहर आने के लिए टखने अलग करें, हाथ छोड़ें, बाहों को पैरों के नीचे से निकालें और धीरे-धीरे बैठ जाएं। चाहें तो दूसरे टखने को ऊपर रखकर दोहराएं।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- हैमस्ट्रिंग, कमर के निचले हिस्से और कंधों के पिछले हिस्से को गहरा खिंचाव देता है
- कूल्हों और कंधों को ऐसे खोलता है जैसा बहुत कम आसन कर पाते हैं
- पेट को दबाता और मोड़ता है, जिसे परंपरागत रूप से पाचन से जोड़ा जाता है
- कम जगह में धीमी, शांत सांस मांगता है, जिससे धैर्य और एकाग्रता का अभ्यास होता है
- प्रत्याहार का प्रतीक है, यानी इंद्रियों को भीतर समेटना, जैसे कछुआ अपने खोल में
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- एडवांस्ड आसन — तभी करें जब कूर्मासन सहजता से पूरा लगे और गहरे आगे झुकने वाले आसन बिना ज़ोर के हों
- हर्नियेटेड डिस्क, साइटिका या पीठ की कोई हाल की चोट — न करें; रीढ़ भार के साथ गहराई से गोल होती है
- कंधे, कोहनी या घुटने की चोट — न करें, क्योंकि बंध और पैरों का दबाव इन जोड़ों पर भार डालता है
- गर्भावस्था, हर्निया या हाल की पेट की सर्जरी — न करें
- हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या ग्लूकोमा — सिर नीचे रहता है और पेट दबता है; पहले अपने डॉक्टर से पूछें
- किसी को भी अपने पैर या सिर नीचे धकेलने न दें; तेज़ या नस जैसे दर्द पर तुरंत रुकें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सुप्त कूर्मासन क्या है?
सुप्त कूर्मासन, या स्लीपिंग टॉर्टॉइज़ पोज़, बैठकर किया जाने वाला एडवांस्ड आगे झुकने वाला आसन है, जिसमें बाहें घुटनों के नीचे से जाकर पीठ के पीछे बंधती हैं और टखने सिर के सामने क्रॉस होते हैं।
सुप्त कूर्मासन का अर्थ क्या है?
सुप्त का अर्थ है सोया हुआ या लेटा हुआ, कूर्म का अर्थ है कछुआ और आसन का अर्थ है मुद्रा। शरीर उस कछुए जैसा दिखता है जिसने अपने अंग खोल में समेट लिए हों।
सुप्त कूर्मासन के लिए कौन-सी तैयारी ज़रूरी है?
सहज और आरामदायक कूर्मासन, बैठकर और पैर फैलाकर आगे झुकने वाले आसन आसानी से, मरीच्यासन जैसे ट्विस्ट में पीठ के पीछे हाथ बांध पाना, और खुले कूल्हे।
सुप्त कूर्मासन के फायदे क्या हैं?
हैमस्ट्रिंग, पीठ, कूल्हों और कंधों में गहरा खिंचाव, और सिमटी हुई स्थिति में शांत सांस का अभ्यास। परंपरागत रूप से इसे मन को शांत करने और पाचन में सहायक माना जाता है।
अगर पीठ के पीछे हाथ न मिलें तो क्या करें?
हाथों के बीच एक पट्टा पकड़ें, या टखने पकड़ लें। बंध के लिए कभी ज़ोर न लगाएं; यहां कंधों और कोहनियों में आसानी से खिंचाव आ सकता है।
सुप्त कूर्मासन में कितनी देर रुकना चाहिए?
लगभग 20 सेकंड, या 3–5 धीमी सांसें। अष्टांग अभ्यास में इसे पांच सांसों तक रखा जाता है।
सुप्त कूर्मासन किन्हें नहीं करना चाहिए?
शुरुआती लोग, और जिन्हें डिस्क की समस्या, साइटिका, कंधे, कोहनी या घुटने की चोट, हर्निया, ग्लूकोमा, हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर हो, या जो गर्भवती हों।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








