उत्तानपादासन (रेज़्ड लेग पोज़) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पीठ के बल लेटें, पैर सीधे और मिले हुए, हाथ शरीर के बगल में, हथेलियां मैट पर हल्का दबाते हुए।
- नाभि को धीरे से रीढ़ की ओर खींचें ताकि कमर का निचला हिस्सा ज़मीन के और पास आए। कंधे और गर्दन ढीले रखें।
- सांस लेते हुए दोनों सीधे पैर धीरे-धीरे ज़मीन से उठाएं, घुटने सीधे और पंजे मिले हुए। उस कम कोण पर रुकें जहां कमर नीचे टिकी रहे।
- पंजों को सीधा तानें या अपनी ओर मोड़ें और सांस बराबर चलती रहे। सांस न रोकें।
- 3–5 सांसों (लगभग 10–20 सेकंड) तक रुकें, पेट कसा रहे और कमर ज़मीन पर टिकी रहे।
- सांस छोड़ते हुए पैरों को धीरे-धीरे, नियंत्रण के साथ नीचे लाएं जब तक एड़ियां मैट को न छू लें।
- दोबारा करने से पहले शवासन में या घुटने छाती से लगाकर कुछ सांसों तक आराम करें।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों और गहरे कोर को मज़बूत करता है
- हिप फ्लेक्सर्स और जांघों के आगे के हिस्से पर काम करता है
- नौकासन, सर्वांगासन और दूसरे कोर आसनों के लिए ज़रूरी नियंत्रण बनाता है
- बिना किसी उपकरण का सरल कोर व्यायाम, जिसे किसी भी मैट या सख्त फर्श पर कर सकते हैं
- परंपरागत रूप से आहार और सक्रियता के साथ पाचन और सुडौल पेट के लिए योग रूटीन में इस्तेमाल होता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- कमर दर्द या डिस्क की समस्या — एक-एक पैर उठाएं या घुटने मोड़कर रखें
- गर्भावस्था, हाल ही में पेट की सर्जरी, सिज़ेरियन या पेट की मांसपेशियों में अलगाव (डायस्टेसिस रेक्टी) — जब तक डॉक्टर कोर के कड़े व्यायाम की अनुमति न दें, यह आसन न करें
- हर्निया — इससे बचें, क्योंकि इससे पेट के अंदर दबाव बढ़ता है
- अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग — रुकने का समय कम रखें और सांस कभी न रोकें
- अगर कमर का निचला हिस्सा ज़मीन से उठे या कमर या जांघ के जोड़ में दर्द हो तो रुक जाएं
किन स्वास्थ्य समस्याओं में यह आसन किया जाता है
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तानपादासन के क्या फायदे हैं?
उत्तानपादासन पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों, हिप फ्लेक्सर्स और जांघों को मज़बूत करता है, और कमर मोड़े बिना पैरों को नियंत्रित करना सिखाता है। योग परंपरा में इसे बेहतर पाचन से भी जोड़ा जाता है।
पैर कितने डिग्री तक उठाने चाहिए?
अलग-अलग परंपराएं 30, 45 या 60 डिग्री बताती हैं। वह सबसे कम कोण चुनें जिस पर कमर का निचला हिस्सा मैट पर टिका रहे, और अगर कमर उठने लगे तो पैर थोड़ा और ऊपर ले जाएं।
उत्तानपादासन कितनी देर करना चाहिए?
3–5 धीमी सांसों (लगभग 10–20 सेकंड) तक रुकें और बीच में आराम करते हुए 3–5 बार दोहराएं।
क्या उत्तानपादासन कमर दर्द में अच्छा है?
दोनों पैरों वाला पूरा रूप दर्द वाली कमर पर ज़ोर डाल सकता है। एक पैर या घुटने मोड़कर किया जाने वाला रूप आज़माएं, और डिस्क की समस्या हो तो फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें।
क्या उत्तानपादासन से पेट की चर्बी कम होती है?
यह पेट की मांसपेशियों को मज़बूत करता है, लेकिन किसी एक जगह की चर्बी नहीं घटा सकता। इसके साथ नियमित गतिविधि और संतुलित आहार अपनाएं।
उत्तानपादासन किसे नहीं करना चाहिए?
गर्भावस्था में, पेट की सर्जरी या सिज़ेरियन के बाद, हर्निया या पेट की मांसपेशियों में अलगाव होने पर, और तेज़ कमर दर्द के दौरान इसे न करें।
उत्तानपादासन नाम का अर्थ क्या है?
"उत्तान" का अर्थ है ऊपर उठा हुआ, "पाद" का अर्थ है पैर और "आसन" का अर्थ है मुद्रा। अंग्रेज़ी में इसे raised leg pose कहते हैं।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








