ज्येष्ठिकासन (सुपीरियर पोस्चर) करने का तरीका, स्टेप बाय स्टेप
- पेट के बल लेटें, पैर सीधे और थोड़े खुले, पैरों का ऊपरी हिस्सा मैट पर रखें।
- माथे को मैट पर टिकाएं। अगर फर्श सख्त हो तो उसके नीचे पतला मुड़ा तौलिया रखें।
- उंगलियों को आपस में फंसाएं और हाथों को सिर के पीछे, खोपड़ी के निचले हिस्से के पास हल्के से रखें।
- कोहनियों को बगल की ओर खुलने दें और ज़मीन की ओर टिकने दें। बांहें सक्रिय नहीं, भारी महसूस हों।
- कमर के निचले हिस्से, नितंबों और पैरों को ढीला छोड़ें। हाथों से सिर को नीचे न दबाएं।
- धीरे-धीरे सांस लें और महसूस करें कि हर सांस के साथ कमर का निचला हिस्सा थोड़ा उठता है। लगभग एक मिनट रुकें।
- बाहर आने के लिए हाथ खोलें, उन्हें कंधों के नीचे रखें, सिर एक ओर मोड़ें और उठने से पहले आराम करें।
फायदे और सावधानियां
फायदे
- भुजंगासन और शलभासन जैसे पेट के बल बैकबेंड के बाद कमर को पूरा आराम देता है
- मांसपेशियां ढीली होने पर कमर के निचले हिस्से को हल्का लंबा करता है
- पीठ और पेट में सांस भरना आसानी से महसूस कराता है
- परंपरागत रूप से लंबे समय तक बैठने से होने वाली कमर और गर्दन की अकड़न कम करने के लिए किया जाता है
- कुछ ही मिनटों में मन को स्थिर और शांत करने में मदद कर सकता है
इन स्थितियों में न करें या बदलाव के साथ करें
- गर्भावस्था — पेट के बल न लेटें; इसके बजाय बाईं करवट आराम करें
- हाल की पेट की सर्जरी या दर्द वाला हर्निया
- सिर के पीछे हाथ रखने पर कंधे में दर्द — इसके बजाय बांहें बगल में रखें
- गर्दन दर्द — हाथ बहुत हल्के रखें या सिर को मुड़े तौलिये पर एक ओर मोड़ें
- पेट के बल लेटने पर सांस की दिक्कत या बंद नाक — पीठ के बल या करवट लेकर आराम करें
पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ज्येष्ठिकासन कैसे करें?
पेट के बल पैर सीधे करके लेटें, माथा मैट पर टिकाएं, उंगलियां फंसाकर हाथ सिर के पीछे रखें और कोहनियों को बगल में टिकने दें। पूरी कमर ढीली छोड़ें और लगभग एक मिनट धीरे-धीरे सांस लें।
ज्येष्ठिकासन के फायदे क्या हैं?
यह कमर को पूरा आराम देता है, बैकबेंड के बाद कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को ढीला होने देता है और पीठ में सांस भरना आसानी से महसूस कराता है। परंपरागत रूप से इसे कमर और गर्दन की अकड़न के लिए किया जाता है।
ज्येष्ठिकासन को सुपीरियर पोस्चर क्यों कहते हैं?
यह नाम संस्कृत शब्द ज्येष्ठ से आया है, जिसका अर्थ है सबसे बड़ा, सर्वश्रेष्ठ या उत्तम। यह आराम की स्थिति के रूप में इसके महत्व को दर्शाता है, किसी कठिन आकार को नहीं।
क्या ज्येष्ठिकासन शुरुआत करने वालों के लिए अच्छा है?
हां। इसमें न ताकत चाहिए, न लचीलापन। अगर कंधे अकड़े हों तो बांहें सिर के पीछे रखने के बजाय बगल में रखें।
ज्येष्ठिकासन में कितनी देर रहना चाहिए?
आसनों के बीच लगभग एक मिनट, या आरामदायक लगे तो ज़्यादा देर।
ज्येष्ठिकासन किसे नहीं करना चाहिए?
गर्भावस्था में और हाल की पेट की सर्जरी के बाद इससे बचें। कंधे या गर्दन के दर्द में हाथ बहुत हल्के रखें या बांहें बगल में रखें।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप गर्भवती हैं, कोई बीमारी है या चोट लगी है, तो योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर तुरंत रुक जाएं।








